टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों को आरोप मुक्त किया है।
1. विवेक कुमार सुमन तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी जामा दुमका को आरोप मुक्त किया है।
क्या था आरोप
इन पर जामा प्रखंड अंतर्गत पंचायत स्तर की योजनाओं का प्रखंड स्तर से एफ टी वो करने बिना कार्य करें कुल 973571.00 रुपए की राशि पंचायत एवं प्रखंड से निकासी करने मनरेगा एक्ट का खुलेआम उल्लंघन करने के साथ भ्रष्टाचार में संलिप्त रहकर अनुसूचित जाति के लोगों को प्रताड़ित कर स्वार्थवर्ष राशि का बंदरबाट करने से संबंधित आरोप था।
2. मोहम्मद प्रवेज़ तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी गढ़वा को भी आरोप मुक्त किया है।
क्या था आरोप
मोहम्मद प्रवेज़ के विरुद्ध मनरेगा अंतर्गत संचालित योजनाओं का निरीक्षण/पर्यवेक्षण नहीं करने कुल नौ योजनाओं में फर्जी निकासी एवं सरकार को 830157.00 रुपए की राजस्व क्षति पहुंचाने के साथ-साथ अनियमितता बरतने का आरोप था।
इस संबंध में कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने संकल्प जारी किया है।