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दो दिवसीय राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला में दिखेंगी जनजातीय संस्कृति

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दो दिवसीय राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला में दिखेंगी जनजातीय संस्कृति
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मेला को वृहत रूप देने में जुटा जिला प्रशासन 

मेला का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी को, तैयारियों को लेकर समाहरणालय में हुई बैठक 

एबीएन न्यूज नेटवर्क, मेदिनीनगर (पलामू)। राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला-2025 का आयोजन 11 एवं 12 फरवरी को दुबियाखांड़ में होगा। पलामू जिला प्रशासन इस दो दिवसीय आयोजन को वृहद रूप देने के प्रयास में जुटी है। मेले में जनजातीय विकास की थीम पर समृद्ध जनजातीय संस्कृति की झलक दिखाने की पूरी तैयारी की जा रही है। आदिवासी विकास महाकुंभ मेला में जहां कई जनजातीय सेलिब्रिटी जुटेंगे, वहीं जनजातीय विषयों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आदि का आयोजन होगा। 

मेला में जनजातीय वाद्य यंत्रों की गूंज सुनाई देगी। वहीं पारंपारिक वेशभूषा में स्थानीय कलाकार एवं समाज के दूसरे प्रदेशों में निवास कर रहे जनजातीय कलाकार ढोल, नगाड़ा व मांदर की थाप पर थिरकते नजर आयेंगे। राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला के सफल संचालन को लेकर आज मेदिनीनगर नगर निगम के नगर आयुक्त जावेद हुसैन की अध्यक्षता में बैठक हुई। समाहरणालय सभागार में आयोजित बैठक में मुख्य रूप से वन प्रमंडल पदाधिकारी सत्यम कुमार एवं उपविकास आयुक्त शब्बीर अहमद भी थे।

राजकीय आदिवासी विकास महाकुंभ मेला परिसर में जिला प्रशासन की ओर से वृहद तैयारी प्रारंभ कर दी गयी है। मेला परिसर में 40 से अधिक स्टॉल लगाये जा रहे हैं। यहां जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों को स्टॉल आवंटित किये जायेंगे, जहां सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एवं लाभ सीधे लाभुक वर्ग को मिलेगी। मेला में आमजनों को चिकित्सकीय सुविधा पहुंचाते हुए स्वास्थ्य लाभ दिया जायेगा। इसके लिए मेला में स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉल लगाकर लोगों की स्वास्थ्य जांच की जायेगी। 

वहीं जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक दवाइयां भी उपलब्ध करायी जायेगी। आई आन विल्स के माध्यम से जरूरतमंदों का नेत्र जांच भी की जायेगी। सामाज कल्याण विभाग की ओर से महिलाओं को गोद भराई एवं बच्चों का अन्नप्राशन की रस्में पूरी की जायेगी। छात्राओं को सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का स्वीकृति पत्र प्रदान किये जायेंगे। साथ ही जरूरतमंद व्यक्तियों को आवश्यक प्रक्रिया पूर्ण कराते हुए सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से आच्छादित किये जाने की रूपरेखा तय की जा रही है।  

मेला आयोजन को लेकर यातायात प्रबंधन, विधि व्यवस्था संधारण पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यातायात प्रबंधन की ऐसी रणनीति तैयार की जा रही है, जिससे राहगीरों को किसी तरह की कोई कठिनाई नहीं हो और न ही मेला में आने वाले आगंतुकों को किसी तरह की कोई असुविधा हो। मेला में आने वाले आगंतुकों को पेयजल सुविधा के लिए मेला परिसर एवं आसपास के क्षेत्र में अवस्थित चापानलों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है। मेला के सफल आयोजन में एनसीसी तथा स्काउट एंड गाइड के वोलेंटियर के अलावा मेला आयोजन समिति के वोलेंटियर एवं पुलिस बल लगाये जायेंगे। साथ ही बैरिकेडिंग की जायेगी तथा स्थल चिह्नित करते हुए पार्किंग की पर्याप्त सुविधा मुहैया करायी जायेगी। 

बैठक में सिविल सर्जन डॉ अनिल सिंह, एनडीसी विक्रम आनंद, जिला कल्याण पदाधिकारी सेवा राम साहू, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान, सदर अंचल अधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी एवं मेला आयोजन समिति के अध्यक्ष अर्जुन सिंह, सचिव हृदयानंद सिंह, उमेश सिंह, भर्दुल कुमार सिंह, अवधेश सिंह चेरो, रविन्द्र सिंह चेरो, उपाध्याय सिंह रामटहल मिस्त्री आदि उपस्थित थे। 

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