रोड निर्माण कार्य होगा तेज,पहली प्राथमिकता नाली निर्माण : अभियंता एनएचएआई
टीम एबीएन, चौपारण/ हजारीबाग। अंचल परिसर में चौपारण प्रशासन और व्यवसायी एकता मंच के साथ बैठक कर जीटी रोड किनारे अस्थायी अतिक्रमण को लेकर गंभीरता से विचार बिमर्श किया गया। सीओ संजय यादव ने कहा कि रोड के दोनों ओर अस्थायी तौर पर अतिक्रमण है।
बैठक के दौरान लोगों ने कहा कि अतिक्रमण को लोग द्वारा खुद हटा लिया जायेगा। सभी लोगों ने जल्द निर्माण कार्य आरंभ करने की भी मांग की। निर्माण कार्य सालों से बंद है जिस वजह से दुर्घटना हो रही है।
वहीं एनएचएआई के अभियंता मुकेश कुमार ने कहा क़ि एक सप्ताह के बाद रोड के दोनों ओर पहले नाली निर्माण कार्य प्रारम्भ होगा। इसके लिए सामान भी साइड पर गिरना शुरू हो गया है। बैठक में निर्णय लिया गया कि बाजार में स्पीड कंट्रोल के लिए आवश्कता अनुसार स्पीड ब्रेकर और रेडियम वाला एरो लगाया जायेगा।
व्यवसायियों ने निर्माण के पांच साल बाद भी साईन बोर्ड नहीं लगाये जाने की बात रखी। कहा कि सडक किनारे गति सीमित करने, निर्माण कार्य जारी के संदेश पट्ट लगाये जाने चाहिए। जगह जगह घनी आबादी वाले क्षेत्रो में वाहन धीरे चले और घाटी में रेडियम वाला एरो लगाने की मांग की गयी।
इस बैठक में सीओ संजय यादव, थाना प्रभारी अनुपम प्रकाश, एनएचएआई के मुकेश कुमार, व्यवसायी एकता मंच के अध्यक्ष शंकर यादव, मुखिया बिनोद सिंह, पूर्व मुखिया संघ अध्यक्ष राजदेव यादव, रामस्वरूप पासवान, पूर्व मुखिया शौकत खान, मुखिया जानकी यादव, विकास यादव सोनू सिंह, रिशु बर्णवाल, रोहित जैन, दिलीप केशरी, प्रकाश केशरी, रंजीत केशरी, विक्रम सिंह,अनिल बरनवाल, सुधीर केशरी, सागर केशरी सहित कई व्यवसायी उपस्थित थे।
मुआवजा भुगतान की मांग लोगों ने उठायी
- चौपारण बजरंग बली मंदिर, चतरा मोड देवी मंडप, जैन मंदिर का बीस साल में भी नहीं हुआ मुआवजा का भुगतान
वर्ष 2004 के जीटी रोड फोर लेन निर्माण के बाद भी बाजार में कई लोगों का अधिग्रहित भवन तथा भुमि का मुआवजा भुगतान नही हुआ। इसे लेकर कई बार संबंधित लोगों ने प्रशासन को जानकारी दी बावजूद सुनवाई नहीं हुई। इसे लेकर कई भुक्तभोगी ने सीओ तथा एन एच के अधिकारी के समक्ष आपत्ति जताई।
सीओ संजय यादव ने संबंधित शिकायतकर्ताओं को आवेदन देने की बात कही। इस दरम्यान स्थानीय लोगों ने शिकायत की चौपारण बाजार के बजरंग बली मंदिर, चतरा मोड के देवी मंडप, जैन मंदिर का मुआवजा का भुगतान नही हुआ है। धार्मिक स्थलों का मुआवजा नहीं मिलने से लोगों में आक्रोश है।