टीम एबीएन, रांची। अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ नेहा अरोड़ा ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों द्वारा किसी की भावना को आहत करने वाले बयान से बचना चाहिए। ऐसा बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है। इसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई होगी। नेहा अरोड़ा ने कहा कि इस संबंध में पूर्व में ही एडवाइजरी जारी की जा चुकी है।
चुनाव आयोग के इन दिशा-निर्देशों को दोबारा राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों को उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के दिशा निर्देश में मुख्य रूप से कहा गया कि मतदाताओं की जातिगत/सांप्रदायिक भावनाओं के आधार पर कोई अपील नहीं की जाएगी। मतदाताओं को गुमराह करने के उदेश्य से राजनैतिक दल और कार्यकर्ता बगैर तथ्यात्मक आधार के कोई गलत बयानबाजी नहीं करेंगे।
बगैर प्रमाणित आरोप के तोड़-मरोड़ कर अन्य दलों अथवा दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं की आलोचना नहीं करनी है। नेताओं अथवा कार्यकर्ताओं के निजी जीवन के किसी पहलू, जो सार्वजनिक गतिविधियों से संबंधित नहीं हों, की आलोचना नहीं की जायेगी। नेहा अरोड़ा ने कहा कि अपने विरोधी को अपमानित करने के लिए व्यक्तिगत आक्षेप के निम्नतम स्तर का प्रयोग नहीं किया जायेगा।
चुनाव प्रचार के लिए पूजा स्थलों का उपयोग नहीं किया जायेगा। खासकर धार्मिक उपहास और निंदा के संदर्भ नहीं दिये जा सकते। नेहा अरोड़ा ने कहा कि राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को किसी भी ऐसे कृत्य/कार्य/बयान से परहेज करना है, जिन्हें महिलाओं के सम्मान और प्रतिष्ठा के प्रतिकूल माना जा सकता है। मीडिया में असत्यापित एवं भ्रामक विज्ञापन नहीं दिये जायेंगे। समाचार सामग्री के रूप में छदम् तरीके से विज्ञापन नहीं दिये जायेंगे।
सोशल मीडिया में विरोधियों को अपमानित या तिरस्कार करने वाले, गरिमा से नीचे के पोस्टों को डालना/साझा करना आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन माना जायेगा। उन्होंने बताया कि प्रथम चरण के 43 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 805 नामांकन दर्ज किये गये हैं। उनमें सर्वाधिक 32-32 नामांकन पूर्वी और पश्चिमी जमशेदपुर में हुए हैं।
वहीं सबसे कम नामांकन सिमरिया और खूंटी में 11-11 दर्ज किये गये हैं। वहीं आदर्श आचार संहिता उल्लंघन के खिलाफ अब तक 19 प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद से अब तक राज्य में 57.66 करोड़ की अवैध सामग्री और नकदी की जब्ती की गयी है।