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अबु धाबी पहुंचे पीएम मोदी का जोरदार स्वागत

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अबु धाबी पहुंचे पीएम मोदी का जोरदार स्वागत
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गार्ड आफ आनर दिया गया; यूएई के राष्ट्रपति ने गले लगाकर किया स्वागत 

एबीएन सेंट्रल डेस्क। यूएई स्थित पहले हिंदू मंदिर के प्राण प्रतिष्ठा समारोह में शिरकत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अबु धाबी पहुंच गये हैं। इस दौरान पीएम मोदी को गॉर्ड आफ आनर दिया गया। संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने पीएम मोदी को गले लगाया। गौरतलब है कि मध्य पूर्व में पारंपरिक हिंदू वास्तुकला शैली में यह पहला पाषण निर्मित मंदिर होने जा रहा है, जिसका निर्माण बीएपीएस संस्था द्वारा किया गया है। 

14 फरवरी को प्राण प्रतिष्ठा समारोह का आयोजन किया जायेगा। पीएम मोदी जायद स्पोर्ट्स सिटी स्टेडियम में भारतीय प्रवासियों को संबोधित करेंगे। बता दें कि पीएम मोदी का 2015 से यूएई का यह सातवां दौरा है। पिछले आठ महीनों में यह उनका यूएई का तीसरा दौरा होगा। अबु धाबी में आज हिंदू प्रवासियों को संबोधित करने से पहले पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया। 

उन्होंने कहा, हमें अपने प्रवासी भारतीयों और दुनिया के साथ भारत के जुड़ाव को गहरा करने के उनके प्रयासों पर बहुत गर्व है। आज शाम, मैं अहलान मोदी कार्यक्रम में यूएई के भारतीय प्रवासियों से मिलने के लिए उत्सुक हूं। इस यादगार क्षण में अवश्य शामिल हों। बता दें कि 14 फरवरी को उद्घाटन से पहले बीएपीएस हिंदू मंदिर की एक झलक सोशल मीडिया पर पस्तुत की गयी है। 

प्रवासी भारतीय यूएई की आबादी का 35 फीसदी 

गौरतलब है कि संयुक्त अरब अमीरात में लगभग 3.5 मिलियन लोग प्रवासी भारतीय समुदाय के हैं। सबसे बड़ा समुदाय होने के साथ-साथ भारतीय पूरे देश की आबादी में लगभग 35 प्रतिशत हैं। पीएम मोदी के आगमन के बाद अबु धाबी के स्टेडिम में कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण में 700 से अधिक सांस्कृतिक कलाकार परफॉर्म करेंगे। भारतीय कलाओं की विविधता का जीवंत चित्रण होगा। 

दोनों देशों की समावेशी संस्कृति की झलक भी देखी जा सकेगी। मंदिर अबू धाबी में अल वाकबा नाम की जगह पर 20,000 वर्ग मीटर की जमीन पर बना है। हाइवे से सटा अल वाकबा अबू धाबी से तकरीबन 30 मिनट की दूरी पर है। बता दें भारतीय दूतावास के आंकड़ों के मुताबिक, यूएई में तकरीबन 26 लाख भारतीय रहते हैं, जो वहां की आबादी का लगभग 30% हिस्सा है। 

मंदिर में नक्काशी के माध्यम से प्रामाणिक प्राचीन कला और वास्तुकला को पुनर्जीवित किया गया है। मंदिर प्रबंधन के एक प्रवक्ता अशोक कोटेचा ने बताया कि मास्टर प्लान के डिजाइन को 2020 की शुरूआत में पूरा किया गया था। ऐतिहासिक मंदिर का काम समुदाय के समर्थन, भारत और यूएई के नेतृत्व से आगे बढ़ रहा है। 

बता दें यूएई सरकार ने अबू धाबी में मंदिर बनाने के लिए 20,000 वर्ग मीटर जमीन दी थी। यूएई सरकार ने साल 2015 में उस वक्त ऐलान किया था, जब प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय दौरे पर वहां गये थे। संयुक्त अरब अमीरात की राजधानी अबूधाबी में पहले हिंदू मंदिर बनकर तैयार हो गया है। मंदिर निर्माण में इको-फ्रेंडली तरीके पर जोर दिया जा रहा है।

 बता दें कि पीएम नरेंद्र मोदी ने 2018 में दुबई के दौरे पर वहां के ओपेरा हाउस से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बोचासनवासी अक्षर पुरुषोत्तम स्वामीनारायण संस्था ने मंदिर की आधारशिला रखी थी।

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