रांची। झारखंड में मॉब लिंचिंग की लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए राज्य सरकार अब इस पर अंकुश लगाने की तैयारी में है। राज्य सरकार बकायदा इसको लेकर The Jharkhand Prevention of Lynching Bill- 2021 लाने की तैयारी कर रही है। इसे लेकर एक ड्राफ्ट तैयार कर लिया गया है और अब इसे राज्य के महाधिवक्ता के पास कुछ संशोधन और विस्तार के लिए भेजा गया है। चर्चा ये भी है कि राज्य सरकार इसे शीतकालीन सत्र में विधानसभा में ला सकती है। कुल 9 चैप्टर वाले इस बिल के ड्राफ्ट में सभी चीजों को समझाने की कोशिश की गयी है। मसलन झारखंड प्रिवेंशन ऑफ लिंचिंग बिल 2021 में खास बातें क्या होंगी। इसमें मॉब लिंचिंग, ऑफेंसिव मैटेरियल, नोडल ऑफिसर, स्टेट, कम्पेनसेशन स्कीम, विक्टिम, विटनेस, पुलिस अधिकारी जैसे तमाम शब्दों को कानूनी लहजे में समझाया गया है। साथ ही तमाम इस कानून से जुड़े सभी पदों की ड्यूटी और उनके अधिकारों की चर्चा भी गयी है। बिल के चैप्टर 4 में पनिशमेंट फोर लिंचिंग का जिक्र किया गया है। अगर मॉब लिंचिंग के दौरान कोई व्यक्ति जख्मी होता है, तो इसके दोषियों को तीन साल की सजा और एक से तीन लाख तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर मॉब लिंचिंग के दौरान कोई व्यक्ति गंभीर हालत में जख्मी होता है तो इसके दोषियों को दस साल से उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। साथ ही तीन लाख से पांच लाख तक का जुर्माना वसूला जा सकता है। मॉब लिंचिंग के दौरान व्यक्ति की मौत होने पर दोषियों को मौत की सजा हो सकती है। साथ ही दस लाख का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस दौरान भीड़ को उकसाने वाले को भी दोषी माना जाएगा। साथ ही लिंचिंग का माहौल बनाने वाले को भी दोषी मानकर सजा सुनायी जाएगी।