टीम एबीएन, रांची। छठ महापर्व को लेकर शहर की यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। 19 नवंबर को सुबह आठ से रात ग्यारह और 20 नवंबर को रात दो से सुबह दस बजे तक शहर में भारी वाहनों का प्रवेश पर रोक लगा दी गयी है।
ट्रैफिक एसपी कुमार गौरव ने इससे संबंधित आदेश जारी किया है। जारी आदेश में कहा गया है कि भारी वाहन रिंग रोड होकर अपने गंतव्य तक जाएंगे। ट्रैफिक एसपी ने बताया कि छठ घाटों के आसपास वाहन पार्किंग के लिए भी स्थल निर्धारित किया गया है।
इन जगहों पर की गई पार्किंग व्यवस्था
- रणधीर वर्मा चौक से हटनिया तालाब मार्ग पर नगर निगम पार्क के सामने रोड किनारे
- एसएसपी आवास चौक से हटनिया तालाब वाले मार्ग पर रोड किनारे
- जाकिर हुसैन पार्क से हटनिया तालाब जाने वाले मार्ग पर नागाबाबा खटाल के पास सड़क किनारे
- राम मंदिर से कांके रोड जाने वाले मार्ग पर सीएमपीडीआई, गांधी नगर व रॉक गार्डेन में
- शालीमार बाजार से छठ तालाब के मार्ग पर शालीमार बाजार में
- शहीद मैदान से छठ तालाब जाने वाले मार्ग में शहीद मैदान में
- जेल चौक के पास रोड किनारे पार्किंग की व्यवस्था रहेगी
- लालपुर यातायात थाना के पास रोड किनारे पार्किंग की व्यवस्था है
- सर्जना चौक से बड़ा तालाब के मार्ग पर सर्जना चौक और अलबर्ट एक्का चौक के बीच
- चुटिया से स्वर्णरेखा नदी वाले मार्ग पर सरस्वती शिशु मंदिर के बगल में
- बनस तालाब चुटिया में सड़क किनारे पार्किंग व्यवस्था की गई है
जिला प्रशासन और एनडीआरएफ की अपील
- अपने छोटे बच्चों को नदी, तालाब और पोखरा में जाने से राकें
- गहरे पानी की चेतावनी का संकेत दिखे तो स्वयं सतर्क रहें और अन्य को भी सतर्क करें
- घाटों पर पुलिस प्रशासन व सुरक्षा में तैनात लोगों के द्वारा जारी किए गए सुरक्षा नियमों का पालन करें
- यदि कोई डूब रहा है तो तुरंत घाट पर तैनात एनडीआरएफ की टीम और तैराक को सूचित करें।
- यदि संभव हो तो ट्रक के ट्यूब में हवा भरकर अपने साथ ले जाएं।
भगदड़ होने पर क्या करें
- सामान्य तौर पर घाटों के आसपास सतर्क रहें
- अफवाहों पर ध्यान न दें।
- प्रशासन और आयोजन की सूचनाओं पर भरोसा करें, उनके निर्देशों का पालन करें
- दुर्घटना होने पर धैर्य बनाए रखें और घबड़ाकर इधर-उधर न भागें
- संदिग्ध और लावारिस वस्तुओं को न छुएं, इसकी सूचना पुलिस को दें
- पुलिस प्रशासन और पूजा समितियों के निर्देशों का पालन करें
- किसी भी वारदात की सूचना तत्काल पुलिस प्रशासन को दें
- घाटों पर पटाखे न फोड़ें
- बच्चों, महिलाओं और वृद्धों को आने-जाने में प्राथमिकता दें
- गाड़ियों की पार्किंग घाटों से दूर निर्धारित स्थान पर ही करें