- पैरामेडिकल छात्रों के लिए गृह राज्य में 1 वर्ष की सेवा अनिवार्य
- न करने पर भरना होगा एक लाख का जुर्माना
टीम एबीएन, रांची। झारखंड मंत्रिमंडल ने बीते शुक्रवार को पैरामेडिकल छात्रों के लिए पढ़ाई पूरी करने के बाद 1 साल तक राज्य के अस्पतालों में सेवा करना अनिवार्य कर दिया। ऐसा न करने पर उन्हें 1 लाख रुपये का जुर्माना भरना होगा। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस साल के अंत में राज्य में महिला एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2023 आयोजित कराने का भी फैसला किया है। कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने कहा कि झारखंड में सरकारी पैरामेडिकल संस्थानों से पढ़ाई पूरी करने वाले छात्रों को एक बांड पर हस्ताक्षर करना होगा कि वे 1 साल तक राज्य के अस्पतालों में सेवा करेंगे, वरना 1 लाख रुपये का जुर्माना भरेंगे।
मंत्रिमंडल ने 30 प्रस्तावों को पारित किया, जिनमें राज्य में खाद्य सुरक्षा योजना के तहत हर परिवार को एक रुपये प्रति किलो की कीमत पर चना प्रदान करना भी शामिल है।