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एबीएन सेंट्रल डेस्क। महंगाई को लक्षित दायर में रखने के लक्ष्य पर नजर टिकाये रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने आज विकास अनुमान को यथावत बनाये रखने और महंगाई के अनुमान को बढ़ाते हुए नीतिगत दरों में कोई बदलाव नहीं करने का निर्णय लिया, जिससे आम लोगों के घर, कार और अन्य प्रकार के ऋणों की किस्तों में बढ़ोतरी नहीं होगी। समिति ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर यथावत रखने का निर्णय लिया है।
भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति की तीन दिवसीय बैठक में लिये गये निर्णयों की मुख्य बातें इस प्रकार है :
- रेपो दर 6.50 प्रतिशत पर यथावत
- स्टैंडर्ड जमा सुविधा दर (एसडीआरएफ) 6.25 प्रतिशत पर स्थिर
- मार्जिनल स्टैंडिंग सुविधा दर (एमएसआरएफ) 6.75 प्रतिशत पर यथावत
- बैंक दर 6.75 प्रतिशत स्थिर
- चालू वित्त वर्ष में आर्थिक विकास दर 6.5 प्रतिशत रहने का अनुमान
- पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान, दूसरी तिमाही में 6.5 प्रतिशत, तीसरी तिमाही में 6.0 प्रतिशत और चौथी तिमाही में यह 5.7 प्रतिशत रह सकती है।
- वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही में जीडीपी वृद्धि दर 6.6 प्रतिशत रहने का अनुमान
- चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 5.4 प्रतिशत रहने का अनुमान
- दूसरी तिमाही में खुदरा महंगाई 6.2 प्रतिशत पर
- तीसरी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.7 प्रतिशत पर
- चौथी तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत रह सकती है
- अगले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में खुदरा महंगाई 5.2 प्रतिशत रहने का अनुमान
- मौद्रिक नीति समिति की अगली बैठक 4 से 6 अक्टूबर
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक पूरा ध्यान महंगाई को चार प्रतिशत के लक्षित दायरे में लाने का है। उन्होंने कहा कि टमाटर की कीमतों में उछाल के साथ ही अनाज और दालों की कीमतों में आयी तेजी से महंगाई बढ़ी है, लेकिन अब सब्जियों की कीमतों में कमी आने का पूरी उम्मीद है।