- रेल कर्मियों के लिए खुशखबरी, छुट्टियों के लिए अब नहीं होना होगा परेशान, फटाफट मिलेगी मंजूरी
एबीएन सेंट्रल डेस्क। देशभर में भारतीय रेलवे में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने वर्षों से चल रही एक परंपरा को खत्म करने का फैसला लिया है। रेलवे कर्मचारी भी अब आनलाइन छुट्टी के लिए आवेदन कर सकेंगे। अब तक रेलवे कर्मचारियों को अवकाश लेने के लिए लिखित में आवेदन करना पड़ता था।
रेलवे ने कर्मचारियों की सहूलियत के लिए एक पोर्टल लांच किया है। रेल कर्मचारियों को अब लिखित में छुट्टी के लिए अप्लाई नहीं करना होगा। कर्मचारी अब ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम पोर्टल पोर्टल के जरिए छुट्टी के लिए आनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। छुट्टी की मंजूरी भी उन्हें आनलाइन ही मिल जाएगी। इस सिस्टम में रेल कर्मचारियों को पूरी जानकारी आनलाइन ही मुहैया कराई जाएगी।
रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार, एचआरएसएस सिस्टम में कर्मचारियों का नाम, उनका पद, पीएफ नंबर, यूनिट और फैमिली डिटेल्स अपलोड करना होगा। इसके अलावा रेल कर्मचारी का ट्रांसफर, प्रमोशन और अगर उन्हें कोई अवॉर्ड मिला है तो इसकी जानकारी भी अपडेट करनी होगी।
इस पोर्टल में कर्मचारियों का सर्विस रिकॉर्ड भी आॅनलाइन उपलब्ध होगा। इस पोर्टल के जरिए छुट्टी लेने की प्रक्रिया 1 अगस्त से शुरू हो चुकी है। रेलवे आने वाले दिनों में सभी 19 जोन व 70 रेल मंडलों का डाटा इस पोर्टल पर अपलोड करेगा। रेलवे का कहना है कि, इस सिस्टम के जरिए छुट्टी लेने की पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी।
छुट्टी के आवेदन को अधिकारी काफी दिनों तक नहीं रोक पाएंगे। छुट्टी नहीं देने पर उसका कारण भी उन्हें आनलाइन ही बताना होगा। इस नए सिस्टम को लेकर रेलवे कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जायेगा। पिछले कई सालों से रेल कर्मचारी लिख कर या फिर फोन के जरिए छुट्टी लेते आ रहे हैं।
इस तरह कर सकेंगे उपयोग
रेल अधिकारी और रेलकर्मी सिर्फ अपने पोर्टल की ही जानकारी देख सकेंगे। रेलकर्मियों को पोर्टल पर अपना पीपीओ नंबर और जन्मतिथि डालनी होगी। इसके बाद, तमाम जानकारी पोर्टल पर दिखाई देने लगेगी। यह सुविधा रेलवे से रिटायर हुए कर्मियों के लिए भी उपलब्ध होगी।
इसके लिए यूजर नेम और पासवर्ड सभी रेल कर्मियों के लिए अलग- अलग होंगे। पोर्टल को खोलने के लिए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा गया ओटीपी मांगा जाएगा। रेलकर्मियों को अपनी ड्यूटी छोड़कर अब अपने विभाग के अधिकारी के पास छुट्टी लेने के लिए जाना नहीं पड़ेगा। इससे रेलकर्मियों का ड्यूटी का समय बचेगा।