झारखंड के लोगों को बिजली का झटका
टीम एबीएन, रांची। राज्य में 01 जून 2023 यानी आज से बिजली की नयी दर के तहत उपभोक्ताओं को बिजली बिल का भुगतान करना होगा। झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड द्वारा दिए गए 17% वृद्धि प्रस्ताव को ठुकराते हुए 6.50% टैरिफ वृद्धि की मंजूरी दी है। बिजली की दर में वृद्धि सभी तरह के उपभोक्ताओं के लिए लागू की गई है, जिससे 379.91 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व बिजली वितरण निगम को प्राप्त होगा।
बढ़े हुए रेट-पहले का रेट
- घरेलू ग्रामीण उपभोक्ता को अब देना होगा 5.80 रुपया प्रति यूनिट के साथ 50 रुपया फिक्स चार्ज घरेलू ग्रामीण उपभोक्ता को पहले देना होता था 5.75 रुपया प्रति यूनिट के साथ 20 रुपया फिक्स चार्ज
- घरेलू शहरी उपभोक्ता को अब देना होगा 6.30 रुपया प्रति यूनिट के साथ 100 रुपया फिक्स चार्ज घरेलू शहरी उपभोक्ता को पहले देना होता था 6.25 रुपया प्रति यूनिट के साथ 75 रुपया फिक्स चार्ज
- घरेलू एचटी उपभोक्ता को अब देना होगा 6.15 रुपया प्रति यूनिट के साथ 150 रुपया फिक्स चार्ज घरेलू एचटी उपभोक्ता को पहले देना होता था 6.00 रुपया प्रति यूनिट के साथ 100 रुपया फिक्स चार्ज
- कॉमर्शियल ग्रामीण उपभोक्ता (5केवी से अधिक) को अब देना होगा 5.80 रुपया प्रति यूनिट के साथ 100 रुपया फिक्स चार्ज
- कॉमर्शियल ग्रामीण उपभोक्ता (5केवी से अधिक) को पहले देना होता था 5.75 रुपया प्रति यूनिट के साथ 50 रुपया फिक्स चार्ज
- कॉमर्शियल शहरी उपभोक्ता (5केवी से अधिक) को अब देना होगा 6.15 रुपया प्रति यूनिट के साथ 150 रुपया फिक्स चार्ज
- कॉमर्शियल शहरी उपभोक्ता (5केवी से अधिक) को पहले देना होता था 6 रुपया प्रति यूनिट के साथ 100 रुपया फिक्स चार्ज
- कृषि और सिंचाई काम के लिए बिजली दरों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है जबकि फिक्स चार्ज में 20 के बदले अब 40 रुपया लगेगा।
- इसी तरह उद्योग और इंस्टीच्यूशनल क्षेत्र में भी बिजली दरों में परिवर्तन किया गया है।
200 पन्नों में आयोग ने दिया है फैसला
लंबी सुनवाई के बाद करीब 200 पन्नों में आयोग द्वारा दिये गये निर्णय में झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड को कई तरह के सुझाव भी दिये गये हैं। आयोग का यह निर्णय झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के द्वारा 2019-20, 2020-21 और 2021-22 में दिए गए प्रस्ताव पर सुनवाई के बाद आया है।
झारखंड राज्य विद्युत नियामक आयोग के चैयरमैन जस्टिस अमिताभ कुमार गुप्ता, सदस्य अतुल कुमार और महेंद्र प्रसाद ने संयुक्त रूप से इसकी घोषणा करते हुए कहा कि आयोग 2022-23 और 2023-24 के प्रस्ताव को संयुक्त रुप से सुनवाई के बाद आगे का निर्णय लेगा।