- जांच के बाद तय होगी इस पर मालिकाना हक किसका
टीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाला मामले में ईडी इस माह के अंत तक फर्जी दस्तावेज के आधार पर अवैध ढंग से बेची गई सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन को जब्त करेगी। इसके अलावा सदर थाना क्षेत्र के चेशायर होम रोड में स्थित एक एकड़ की विवादित जमीन को भी ईडी जब्त करेगी। दोनों जमीन की जब्ती के बाद सभी दावेदारों को नोटिस जारी कर ईडी उनसे जमीन से संबंधित दस्तावेज मांगेगी।
इसके बाद ईडी विधिवत अनुसंधान में यह तय करेगी कि जमीन पर मालिकाना हक किसका होगा। ईडी के अधिकारिक सूत्रों की मानें तो जमीन की जब्ती की कार्रवाई दो हफ्ते के भीतर होनी है। इसके बाद ईडी सेना को नोटिस कर उनसे जमीन के संबंध में जानकारी लेगी। ईडी जमीन की खरीददार जगतबंधु टी इस्टेट कंपनी को भी नोटिस जारी कर जानकारी लेगी कि उसके पक्ष में उक्त जमीन का म्यूटेशन कैसे और किस परिस्थिति में हुआ।
बता दें कि सेना के कब्जे वाली उक्त जमीन के दस्तावेज में छेड़छाड़ करते हुए फर्जी मालिक बनकर प्रदीप बागची ने वर्ष 2021 में जगतबंधु टी इस्टेट के मालिक दिलीप घोष को सात करोड़ रुपये में उक्त जमीन बेच दी थी, जबकि उस वक्त उस जमीन की सरकारी दर से कीमत करीब 20 करोड़ रुपये थी।
जमीन के दावेदार जयंत करनाड को भी जारी की जायेगी नोटिस
इतना ही नहीं जमीन के मूल्य के तौर पर दिलीप घोष ने प्रदीप बागची के खाते में केवल 25 लाख रुपये ही स्थानांतरित किए थे। शेष राशि को फर्जी चेक के माध्यम से भुगतान दिखाया गया था।
ईडी जगतबंधु टी इस्टेट के अलावा जमीन के दावेदार जयंत करनाड को भी नोटिस करेगी और उन्हें भी जमीन का पूरा दस्तावेज सौंपने के लिए कहेगी। इसके बाद ईडी अपने स्तर से उस जमीन के कागजात की जांच करायेगी। इसके बाद जमीन का मालिकाना हक निर्धारित होगा।
जमीन के अलग-अलग दावेदारों से की जायेगी पूछताछ
चेशायर होम रोड की एक एकड़ जमीन मामले में भी ईडी यही कदम उठाने जा रही है। वहां भी जमीन की जब्ती के बाद उस जमीन के सभी अलग-अलग दावेदारों से अपने-अपने दस्तावेज दिखाने के लिए ईडी नोटिस करेगी।
रांची के पूर्व उपायुक्त निलंबित आइएएस छवि रंजन से जमीन घोटाले में ईडी की पूछताछ जारी है। उनसे सातवें दिन भी ईडी ने पूछताछ की, लेकिन उन्होंने ईडी को सहयोग नहीं किया।
ईडी के पास है छवि रंजन के खिलाफ पर्याप्त सबूत
ईडी के अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि छवि रंजन के विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य है। इसके बावजूद वे ईडी के अधिकारी को पूछताछ में सहयोग नहीं कर रहे हैं। पर्याप्त साक्ष्यों के आधार पर ईडी जल्द ही छवि रंजन के विरुद्ध कोर्ट को इसकी पूरी जानकारी देगी।