टीम एबीएन, रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में सोमवार को कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 20 प्रस्तावों को मंजूरी दी गयी है। कैबिनेट के फैसले के बाद सचिवालय लिपिक और निम्न वर्गीय लिपिकों की भर्ती की अड़चन दूर हो गयी है। बैठक में अन्य कई महत्वपूर्ण निर्णय लिये गये हैं :
- अभियंत्रण महाविद्यालय और डिप्लोमा संस्थान में राज्य के उत्तीर्ण छात्र जो ग्रेजुएट अप्रेंटिस और टेक्निकल अप्रेंटिस के रूप में एक वर्ष की प्रशिक्षण अवधि पूर्ण कर चुके हैं। उन प्रशिक्षुओं से एक वर्ष एडवांस टेक्नीशियन अपरेंटिस के रूप में काट दिये जाने की स्वीकृति दी गयी है। इसके तहत कुल 175 ग्रेजुएट ट्रेनी और 162 डिप्लोमा ट्रेनी वर्तमान में हैं।
- केंद्र प्रायोजित मत्स्य संपदा योजना से टॉप अप सहायता की स्वीकृति दी गयी।
- धान अधिप्राप्ति योजना अंतर्गत खरीफ फसल 2022-23 के लिए खाद्य और असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड द्वारा किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर विक्रय के लिए बैंक ऑफ इंडिया से 776 करोड़ रुपये का ऋण लेने पर राज्य सरकार की गारंटी दिये जाने की स्वीकृति प्रदान की गयी।
- झारखंड राज्य चिकित्सा परिषद नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी गयी।
- सरकारी और निजी संस्थानों के लिए झारखंड राज्य अंतर्गत नर्सिंग संस्थानों के प्रबंधन, नामांकन और परीक्षा संचालन नियमावली 2023 पर स्वीकृति प्रदान की गयी।
- शेखर कुमार तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी हुसैनाबाद के विरोध दो वेतन भेजी पर रोक के दंड को यथावत रखने का निर्णय लिया गया है।
- झारखंड निजी सुरक्षा अभिकरण नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी गयी।
- अंतर्राज्यीय राज्य बस पड़ाव जमशेदपुर का पीपीपी के तहत विकास के लिए तैयार ड्राफ्ट पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी।
- अंतर्राज्यीय बस पड़ाव रांची का पीपीपी के तहत विकास हेतु तैयार ड्राफ्ट पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी।
- मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना अंतर्गत रोगी धनंजय कुमार जमशेदपुर को कैंसर रोग के इलाज के लिए निर्धारित सीमा से अधिक राशि प्रदान करने के मामले में मंत्रिमंडल की अनुशंसा प्राप्त कर विभाग द्वारा स्वीकृति दी गयी।
- झारखंड राज्य लिपिक संकट अन्य वित्तीय सेवा संवर्ग भर्ती, प्रोन्नति और अन्य सेवा शर्त नियमावली 2023 के गठन की स्वीकृति दी गयी।
- झारखंड अवर अभियंता संवर्ग नियमावली 2023 की स्वीकृति दी गयी।
- न्यायाधीशों के सहयोग के लिए विधि अनुसंधानकर्ता के रिकॉर्ड खाते पर आधारित मौजूदा मासिक मानदेय 30,000 से बढ़ाकर 40,000 देने की स्वीकृति प्रदान की गयी।