टीम एबीएन, रांची। मध्याह्न भोजन को लेकर ऑडिट कराने के मामले में राजधानी रांची के स्कूलों की स्थिति अच्छी नहीं है। जिले के मात्र 54 फीसदी स्कूलों ने ही 18 मार्च तक ऑडिट कराया है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में जिले की इस रिपोर्ट पर नाराजगी जतायी गयी है। इसे लेकर जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार ने सभी प्रखंड के बीईईओ को पत्र लिखकर जवाब मांगा है।
जिला शिक्षा अधीक्षक ने कुछ बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है, ताकि इसमें लापरवाही बरतनेवालों की पहचान करते हुए विभागीय कार्रवाई की जाये। जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से बीईईओ को भेजे गये पत्र में कहा गया है कि पूर्व में विभागीय आदेश के आधार पर 15 अप्रैल तक कार्य पूरा करा लेने का निर्देश दिया गया है, लेकिन इसमें लापरवाही बरती जा रही है। पूर्व निर्धारित तिथि होने के बाद भी ऐसी स्थिति होना लापरवाही को दर्शाता है।
अंकेक्षण कार्य कराने के मामले में बुंडू प्रखंड की स्थिति अन्य के मुकाबले अच्छी है। प्रखंड के 100 स्कूलों में ऑडिट होना है, जिसमें 18 मार्च तक 61 फीसदी स्कूलों का ऑडिट कार्य पूरा कर लिया गया है। हालांकि तमाड़ और अनगड़ा में स्कूलों की संख्या अधिक है। तमाड़ में 2010 स्कूलों में से 165 और अनगड़ा में 188 स्कूलों में से 137 ने कार्य पूरा किया है। रांची-1 में 74 स्कूल आते हैं, जिनमें मात्र 27 और रांची-2 में 98 स्कूलों में से 33 का ऑडिट हुआ है।
- क्या सूचना देने के बाद भी संबंधित विद्यालयों के द्वारा उक्त कार्य में रूचि नहीं ली गयी है?
- उक्त औपचारिक कार्ययोजना के कार्यान्वयन में क्या संबंधित विद्यालय के संकुल साधन सेवी द्वारा अपेक्षित कर्तव्य निवर्हन का आभाव पाया गया?
- कार्ययोजना के कार्यान्वयन में बीआरसी के मध्याह्न भोजन योजना के कंप्यूटर ऑपरेटर, लेखापाल, कंप्यूटर शिक्षा परियोजना के द्वारा कर्तव्य निर्वहन कर आभाव पाया गया?
- कार्यान्वयन के लिए आपके द्वारा प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी को प्राधिकृत किया गया हो, इसके बाद भी उक्त स्थिति हुई है तो संबंधित से प्रतिवेदन प्राप्त कर संलग्न करें।