एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को चेन्नई हवाई अड्डे पर नये एकीकृत टर्मिनल के पहले चरण का उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन से पहले तमिलनाडु में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गयी है। एक ट्वीट में प्रधानमंत्री ने कहा कि अत्याधुनिक इमारत कनेक्टिविटी को बढ़ाने के साथ-साथ अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी।
नया टर्मिनल भवन चेन्नई हवाई अड्डे के आधुनिकीकरण के दूसरे चरण का हिस्सा है। इसके अलावा पीएम मोदी चेन्नई और कोयंबटूर के बीच वंदे भारत ट्रेन को पुरची थलाइवर डॉ एम जी आर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से हरी झंडी भी दिखायेंगे।
इसके बाद पीएम मोदी कामराजार सलाई बीच रोड पर विवेकानंधर इल्लम में रामकृष्ण मठ के 125वें वार्षिक समारोह में भाग लेंगे। साथ ही पल्लवरम में बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को भी लांच करेंगे।
नये चेन्नई एयरपोर्ट टर्मिनल की 5 विशेषताएं
- नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार चेन्नई हवाईअड्डा 2.20 लाख वर्ग मीटर में फैला हुआ है। यह प्रति वर्ष लगभग 35 मिलियन यात्रियों को संभाल सकता है।
- विमान यात्रियों के आवागमन को सुविधाजनक और उससे जुड़ी प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए आगमन और प्रस्थान बिंदुओं में प्रत्येक में 54 आव्रजन काउंटर होंगे।
- 1,260 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित एकीकृत टर्मिनल भवन स्थानीय तमिल संस्कृति को सामने लाता है। यहां कोल्लम, साड़ी और मंदिरों जैसे पारंपरिक तत्व प्रदर्शित किये गये हैं।
- उदाहरण के लिए छत को मोटिफ रोशनी के साथ डिजाइन किया गया है, जो कोलम शैली का प्रतिनिधित्व करती है। स्तंभों और खंभों का निर्माण स्टेनलेस स्टील से किया गया है, जिन पर उकेरी गई शैंपेन स्ट्रिप्स एक सुनहरा अहसास देती हैं।
- टर्मिनल की एक अन्य विशेषता स्कायलाइट है, जो इमारत के अंदरूनी हिस्से को रोशन करने के लिए प्राकृतिक प्रकाश उपयोग में लाती है और ऊर्जा खपत को कम करती है।
- कैरी-आन बैगेज के लिए 11 स्वचालित ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (एटीआरएस) समेत 33 रिमोट बोर्डिंग गेट एक आसान सुरक्षा जांच प्रक्रिया सुनिश्चित करेंगे।
- बोर्डिंग पास को स्कैन करके सेल्फ बैगेज ड्रॉप की सुविधा भी चेक-इन औपचारिकताओं को तेज करने में मदद करेगी।