रवि रंजन कुमार
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के दो अधिकारियों पर विभागीय कार्रवाई संचालित करने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के अधिकारी श्री प्यारेलाल एवं श्री प्रदीप कुमार पर विभागीय कार्रवाई संचालित करने का निर्णय लिया है।
श्री प्रदीप कुमार तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी हिरणपुर पाकुड़ के विरुद्ध वर्ष 2009-10 में क्रियान्वित योजनाओं को महज 3 वर्ष के अंतराल पर ही अधूरा एवं विवादित बताते हुए वित्तीय वर्ष 2014 15 में उसी स्थल पर योजना संख्या 3 2014-15 कृष्ण मडेया के जमीन पर पोखरा के जीर्णोद्धार योजना संख्या 4 2014-15 बलदेव शाह के जमीन पर पोखरा का जीर्णोद्धार एवं तीन योजना संख्या 5, 2014-15 देवेंद्र साहा के जमीन पर पोखरा का जीणोर्धार कार्य करवाने एवं क्रियान्वित योजनाओं में एफपीओ करते हुए राशि का गबन करने में सहयोग करने अभिकर्ता के माध्यम से योजना का कार्य अनुमान नहीं करवाने तथा उक्त तीनों योजना में फर्जी मस्टररोल के सहारे लोक धन का जाल पर धोखाधड़ी एवं कूटकरण के सहारे गबन कराकर बंदरबांट करने संबंधी आरोप प्रमंडलीय आयुक्त संथाल परगना के माध्यम से उपायुक्त पाकुड़ द्वारा गठित आरोप पत्र प्रपत्र का में प्रति विदित है जिसे प्रथम दृश्य प्रमाणित पाया गया है।
श्री प्यारेलाल तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी देवघर के विरुद्ध श्री मुकेश सिंह एवं उनके चालक सोनू कुमार को ग्रामीणों ने आतंकी होने के संदेह पर पीट-पीटकर हत्या उनकी घटनास्थल पर मौजूदगी में कर देने इनकी उपस्थिति के बाद भी इनके द्वारा भीड़ को रोकने का प्रयास नहीं करने का आरोप जैसा कि उपयोग देवघर द्वारा गठित आरोप पत्र प्रपत्र में प्रतिबंधित है प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया है।