रवि रंजन कुमार
टीम एबीएन, रांची। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा के बैच के अधिकारी श्री भोलानाथ लागुरी को सेवा से बर्खास्त किया। राज्य सरकार ने झारखंड प्रशासनिक सेवा तृतीय बैच के अधिकारी श्री भोलानाथ लागूरी को प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी चतरा के पद पर रहते हुए कुल 28 बैंक अंतरण द्वारा कुल 2 करोड़ 56 लाख रुपए की अनधिकृत निकासी की गई जो उप विकास आयुक्त द्वारा की गई जांच में प्रमाणित पाया गया।
क्या था आरोप
श्री भोलानाथ लागुरी प्रभारी जिला कल्याण पदाधिकारी चतरा के पद पर रहते हुए कुल 28 बैंक अंतरण द्वारा कुल 2 करोड़ 56 लाख रुपए की अनधिकृत निकासी की गई उक्त जांच प्रतिवेदन स्पष्ट है कि दिनांक 2 नवंबर 2017 के पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी चतरा के नाम से 12 बैंक खाते संचालित किए जा रहे थे ।
दिनांक 2 नवंबर 2017 के अग्निकांड के पश्चात तत्कालीन जिला कल्याण पदाधिकारी चतरा श्री आशुतोष कुमार द्वारा मात्र 3 बैंक खातों के अंत शेष के आधार नया रोकड़ पंजी प्रारंभ किया गया और अन्य बैंक खाते एवं उसमें संधारित राशि को गुप्त रखते हुए अनधिकृत निकासी की गई दिनांक 1 दिसंबर 2017 को श्री भोलानाथ लागुरी द्वारा आशुतोष कुमार से जिला कल्याण पदाधिकारी चतरा का पद ग्रहण किया गया दिनांक 11 फरवरी 2015 से दिनांक 21 नवंबर 2016 तक जिला कल्याण पदाधिकारी चतरा होने के नाते उनके संज्ञान में था कि दिनांक 2 नवंबर 2017 के पूर्व से ही 12 बैंक संचालित किये जा रहे थे दिनांक 2 नवंबर 2017 को प्रभार ग्रहण के पश्चात रोकड़ पंजी में अंकित बैंक खातों के अतिरिक्त पूर्व के बैंक खातों के बंद होने की पुष्टि नहीं की गई।
श्री आशुतोष कुमार द्वारा की गई वित्तीय अनियमितता एवं निकासी को जारी रखा गया। श्री लागुरी द्वारा इस कृत्य पूर्व की वित्तीय अनियमितता के साक्ष्य को छुपाया गया और वर्तमान में वित्तीय अनियमितता एवं सरकारी राशि की छलपूर्ण निकासी की गई श्री लागुरी तैयार करने तथा साथ छुपाने और सरकारी राशि का गबन में संनलिप्त्ता का कृत्य है।
मामले की समीक्षा उपरांत श्री लागोरी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण परीक्षा को अस्वीकृत करते हुए इनके विरुद्ध गंभीर वित्तीय अनियमितता से संबंधित प्रमाणित आरोपों के आलोक में झारखंड सरकारी सेवक वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील नियमावली 2016 के नियम 14 (xi) के अंतर्गत सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय पर माननीय मुख्यमंत्री का अनुमोदन प्राप्त किया गया।
वही तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी तमाड़ जिला रांची श्री सुबोध कुमार के विरुद्ध मनरेगा इंदिरा आवास पीडीएस कल्याण आदि विकास योजनाओं की समीक्षा बैठक में बगैर कोई पूर्व सूचना के अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन में अभिरुचि नहीं लेने इंदिरा आवास योजना के कार्यों में अभिरुचि नहीं लेने एवं कार्य में लापरवाही बरतने अनुशासनहीनता कृतज्ञता संबंधी आरोप उपायुक्त रांची के माध्यम से सरकार को प्राप्त है इन आरोपों की जांच हेतु इन पर विभागीय कार्रवाई संचालित करने का निर्णय लिया गया है।