टीम एबीएन, रांची। झारखंड सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के लिए बड़ी पहल की है। गरीब लोगों को हेवी व्हीकल चलाने के लिए राज्य में निशुल्क ट्रेनिंग दी जायेगी। राज्य सरकार के इस पहल से प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार मिल सकेगा। बता दें कि वित्तीय वर्ष 2023-24 के बजट में निशुल्क ट्रेनिंग के लिए 15 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
फिलहाल विभाग इस पर निर्णय लेगी कि गरीबों को कहां-कहां ट्रेनिंग दी जायेगी। जल्द ही इस पर मीटिंग होने की संभावना है। इसके तहत जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं है, उन्हें भी हेवी व्हीकल चलाने की ट्रेनिंग दी जायेगी।
उनके अलावा जो पहले से बिना ट्रेनिंग के भारी वाहन चला रहे हैं, उन्हें भी ड्राइविंग की क्लासेस दी जायेगी। इस पूरे ट्रेनिंग का खर्च सरकार देगी, लेकिन ट्रेनिंग के समय रहने व खाने-पीने का खर्च प्रशिक्षुओं को खुद ही खर्चना पड़ेगा।
बता दें कि फिलहाल झारखंड राज्य में एक भी सरकारी हेवी व्हीकल या किसी अन्य प्रकार के वाहन चलाने का ट्रेनिंग सेंटर नहीं खोला गया है। पहले भी इस योचना को लेकर पहल की जा चुकी है, लेकिन अब तक यह धरातल पर नहीं उतरी है, सिर्फ फाइलों में ही बंद होकर रखी हुई है। अब देखना यह है कि विभाग के अधिकारी कब तक सरकारी व्हीकल ट्रेनिंग सेंटर खोलते हैं।
हेवी लाइसेंस के लिए चालकों को सेंटर पर प्रशिक्षण दिया जायेगा, जहां वाहन चलाने के साथ-साथ गाड़ी के कल-पुर्जों और रोड सेफ्टी की भी क्लास दी जायेगी।
आवेदकों को 21 दिनों तक प्रशिक्षण दिया जायेगा, जिसके बाद आवेदक ड्राइविंग लाइसेंस के लिए अपना आवेदन जिला परिवहन कार्यालय में दे सकते हैं। वहीं, रिन्यूअल के लिए उसे तीन दिनों की ट्रेनिंग लेनी होगी, जिसके बाद उसका ड्राइविंग लाइसेंस रिन्यू किया जायेगा।