Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
लाइव: 27
होम ई-पेपर देश झारखंड खेल समाचार राज काज कानून व्यवस्था करियर बिजनेस वर्ल्ड हेल्थ विचार ज्ञान विज्ञान समाज वन और पर्यावरण मनोरंजन बिहार विज्ञापन
राज काज

आठ करार दस्तावेजों पर भारत-जापान ने किये हस्ताक्षर

शेयर करें: WhatsApp Facebook X Back to ePaper
आठ करार दस्तावेजों पर भारत-जापान ने किये हस्ताक्षर
विज्ञापन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत एवं जापान ने वैश्विक उथल-पुथल के बीच दुनिया में टिकाऊ आपूर्ति श्रृंखलाओं की स्थापना एवं स्थायित्व के लिए आर्थिक और तकनीकी सहयोग बढ़ाने के इरादे के साथ आपसी सहयोग के आठ करार दस्तावेजों पर सोमवार को हस्ताक्षर किये। 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा के साथ यहां हैदराबाद हाउस में प्रतिनिधि मंडल स्तर की द्विपक्षीय बैठक में ये फैसले लिये गये। जापान के प्रधानमंत्री ने श्री मोदी को मई में जी 7 के शिखर-सम्मेलन के लिए आमंत्रित किया, वहीं श्री मोदी ने सितंबर में जी 20 के शिखर सम्मेलन में श्री किशिदा की पुन: मेजबानी करने की अपेक्षा की। 

श्री मोदी ने अपने मीडिया वक्तव्य में कहा कि पिछले एक वर्ष में प्रधानमंत्री किशिदा और उनकी कई बार मुलाकात हुई है और हर बार भारत-जापान संबंधों के प्रति उनकी सकारात्मकता और प्रतिबद्धता को महसूस किया है। इसलिए आज की उनकी यात्रा हमारे आपसी सहयोग की गति बनाए रखने के लिए बहुत उपयोगी रहेगी। 

श्री मोदी ने कहा कि इस साल भारत जी 20 की अध्यक्षता कर रहा है और जापान जी 7 की। और इसलिए, अपनी अपनी प्राथमिकताओं और हितों पर साथ मिलकर काम करने का यह उत्तम अवसर है। उन्होंने आज प्रधानमंत्री किशिदा को भारत की जी 20 अध्यक्षता की प्राथमिकताओं के बारे में विस्तार से बताया। 

हमारी जी 20 अध्यक्षता का एक महत्वपूर्ण स्तम्भ ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं को आवाज देना है। वसुधैव कुटुम्बकम को मानने वाली संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने में विश्वास रखती है, और इसीलिए हमने यह पहल ली है। 

श्री मोदी ने कहा कि भारत-जापान विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी हमारे साझा लोकतान्त्रिक मूल्यों, और अंतर-राष्ट्रीय पटल पर कानून के शासन के सम्मान पर आधारित है। इस साझेदारी को मजबूत बनाना, हमारे दोनों देशों के लिए तो महत्वपूर्ण है ही, इससे हिन्द प्रशांत क्षेत्र में शांति, समृद्धि और स्थिरता को भी बढ़ावा मिलता है। आज हमारी बातचीत में, हमने द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति की समीक्षा की। 

प्रधानमंत्री ने कहा कि हमने रक्षा उपकरण और तकनीकी सहयोग, व्यापार, स्वास्थ्य, और डिजिटल साझीदारी पर विचारों का आदान-प्रदान किया। सेमीकंडक्टर और अन्य महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी में विश्वस्त आपूर्ति श्रृंखला के महत्व पर भी हमारे बीच सार्थक चर्चा हुई। 

पिछले साल, हमने अगले पांच वर्षों में भारत में पांच ट्रिलियन येन, यानी तीन लाख 29 हजार करोड़ रुपये के जापानी निवेश का लक्ष्य तय किया था। यह संतोष का विषय है कि इस दिशा में अच्छी प्रगति हुई है। 

उन्होंने कहा कि वर्ष 2019 में, हमने भारत जापान औद्योगिक प्रतिस्पर्धात्मक साझेदारी की स्थापना की थी। इसके अंतर्गत, हम लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण, लघु एवं मध्यम उद्योग, कपड़ा उद्योग, मशीनरी और इस्पात जैसे क्षेत्रों में भारतीय इंडस्ट्री की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ा रहे हैं। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल पर भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। 

मुझे इस बात की भी खुशी है कि हम 2023 को टूरिज्म एक्सचेंज वर्ष के रूप में मना रहे हैं, और इसके लिए हमने हिमालय एवं मांउट फूजी संपर्क नाम का थीम चुना है। 

श्री मोदी ने कहा कि आज प्रधानमंत्री किशिदा ने मुझे मई महीने में हिरोशिमा मे होने वाली जी 7 लीडर्स समिट के लिए निमंत्रण दिया। इसके लिए मैं उनका हृदय से धन्यवाद करता हूं। 

इसके कुछ महीनों बाद सितम्बर में जी 20 लीडर्स समिट के लिए मुझे प्रधानमंत्री किशिदा का फिर से भारत में स्वागत करने का अवसर मिलेगा। हमारी कामना है कि बातचीत और संपर्कों का यह सिलसिला इसी प्रकार चलता रहे, और भारत-जापान संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छूते रहें।

विज्ञापन