टीम एबीएन, रांची। झारखंड में एनआईए ने बड़ी कार्रवाई की है। भाकपा माओवादियों को फंड देने के आरोप में संतोष कंस्ट्रक्शन कंपनी की 20 करोड़ 65 लाख 496 रुपये जब्त कर लिये गये हैं। देशभर में माओवादियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की जा रही है एनआईए इस संगठन के आर्थिक स्त्रोत पर निशाना साध रही है।
झारखंड में भी इस दिशा में बड़ी कार्रवाई हुई है। एनआईए ने जांच में संतोष कंस्ट्रक्शन के 152 बैंक खाते जब्त किये हैं साथ ही सबीआई म्यूचुअल फंड एकाउंट में जमा 20.65 करोड़ रुपए को भी जब्त कर लिया गया है। कंपनी पर आरोप है कि वह माओवादियों को आर्थिक मदद देता है। संतोष कंस्ट्रक्शन के पार्टनर मृत्युंजय कुमार सिंह उर्फ सोनू सिंह ने भाकपा माओवादियों के रीजनल कमांडर रवींद्र गंझू को पैसा दिया। 21 नवंबर 2019 को सोनू ने बीरजंघा जंगल जाकर रवींद्र गंझू को 2 लाख रुपए दिये।
पैसे से माओवादियों ने लातेहार के चंदवा के लुकैया मोड़ पर पुलिस बलों पर हमले की योजना बनायी थी। 22 नवंबर 2019 को ठीक अलगे दिन माओवादी दस्ते ने लुकैया मोड़ पर हमला कर पीसीआर में तैनात चार जवानों को मौत के घाट उतार दिया था। उसी दिन चंदवा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह व भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा हुई थी। वीआईपी मूवमेंट के कारण चंदवा के लुकैया मोड़ में पीसीआर की तैनाती की गयी थी।
इस हमले से माओवादियों ने यह संकेत देने की कोशिश की थी वह कमजोर नहीं है और ऐसे हमले को अंजाम दे सकती है। इसके बाद से ही माओवादियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का फैसला लिये गया। फरवरी 2021 में एनआईए ने खातों में जमा रकम को फ्रिज करवा दिया था। इसके बाद मेसर्स संतोष कंस्ट्रक्शन ने इस मामले में हाईकोर्ट में रिट पीटिशन फाइल किया था। लेकिन यह रिट पीटिशन अगस्त 2022 में खारिज कर दिया गया था। हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ संतोष कंस्ट्रक्शन ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की थी उसे भी खारिज कर दिया गया, जिसके बाद एनआईए ने 153 खातों में जमा 20.65 लाख रुपये जब्त करने की कार्रवाई की।