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नमामि गंगे मिशन : 1278 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाएं मंजूर

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नमामि गंगे मिशन : 1278 करोड़ रुपये की नौ परियोजनाएं मंजूर
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एबीएन सेंट्रल डेस्क। राष्ट्रीय स्वच्छ-गंगा मिशन (एनएमसीजी) के तहत बुधवार को पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश में क्रियान्वित की जाने वाली कुल नौ परियोजनाओं को मंजूरी दी गयी, जिन पर कुल 1278 करोड़ रुपये का खर्च होने का अनुमान है।

इन परियोजनाओं में सात गंगा बेसिन में प्रदूषण कम करने की परियोजनाएं हैं और दो नदी घाट के विकास कार्य से संबंधित हैं। इन परियोजनाओं को केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय की विज्ञप्ति के अनुसार एनएमसीजी के महानिदेशक जी अशोक कुमार की अध्यक्षता में एनएमसीजी की कार्यकारी समिति की 47वीं बैठक में मंजूरी दी गयी।

नमामि गंगे अभियान की कार्य समिति ने पश्चिम बंगाल में चकदहा नगर निगम में दैनिक 1.3 करोड़ लीटर क्षमता के सीवेज शोधन संयंत्र (एसटीपी) और 30 लाख लीटर क्षमता के विकेन्द्रीकृत एसटीपी के निर्माण के लिए 123 करोड़ रुपये स्वीकृत किये हैं।

उत्तर प्रदेश में, प्रयागराज में सलोरी एसटीपी की सीवेज उपचार क्षमता की क्षमता दैनिक 4.3 करोड़ लीटर और बढ़ाकर 13 नालों को मोड़ने की तीन परियोजना के लिए 422 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गयी है।
उत्तर प्रदेश के लिए मंजूर एक और परियोजना के तहत मुजफ्फरनगर, मेरठ, हापुड़ और बुलंदशहर में 8 स्थानों पर स्थित बनाये गये वेटलैंड सिस्टम के विकास द्वारा के जरिए काली पूर्व नदी के पुनरोद्धार के काम के लिए 95.47 करोड़ रुपये मंजूर किये गये हैं।

बिहार में सारण में अटल घाट मांझी घाट के विकास के लिए 10 करोड़ रुपये तथा लखीसराय कस्बे में दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (1.09 करोड़ लीटर और 1.066 करोड़ लीटर दैनिक क्षमता) के विकास के लिए 94.12 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गयी है।

मध्य प्रदेश में इंदौर में कहन और सरस्वती नदियों में प्रदूषण कम करने के लिए 511 करोड़ रुपये की लागत वाली एक प्रमुख परियोजना को स्वीकृति दी गयी है।
विज्ञप्ति के अनुसार केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा औद्योगिक प्रदूषण की निगरानी के लिए गंगा बेसिन (पीआईएएस) पर प्रदूषण आविष्कार, आकलन और निगरानी नाम की परियोजना के लिए 114.42 करोड़ रुपये स्वीकृत किये गये हैं।

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