एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय बजट को लेकर केंद्र सरकार की तैयारी पूरी हो चुकी है वहीं दूसरी तरफ झारखंड के लोग भी बजट को लेकर काफी आशान्वित हैं। वहीं, जनता की उम्मीदों को लेकर एक्सपर्ट्स भी अपनी राय दे रहे हैं। एक्सपर्ट हरिश्वर दयाल के मुताबिक यह बजट आगामी चुनाव को देखते हुए लाया जा सकता है क्योंकि साल 2024 में लोकसभा चुनाव होने हैं इसीलिए वोटर्स को इंटैक्ट रखने के लिए राहत दी जा सकती।
उन्होंने बताया कि कोविड-19 की वजह से अर्थव्यवस्था काफी ज्यादा प्रभावित हुई थी और धीरे-धीरे व्यवस्था पटरी पर लौट रही है इसीलिए ज्यादा कुछ रियायत देने की जरूरत नहीं लेकिन सरकारों की अपनी-अपनी प्राथमिकताएं भी होती है उसके आधार पर बजट तैयार किया जाता है। वरिष्ठ नागरिकों को बजट से काफी ज्यादा उम्मीद है। उनका मानना है कि बजट में सीनियर सिटीजन के लिए भी अलग से कुछ प्रावधान किए जाने चाहिए।
किचन से लेकर ज्वेलरी, ज्वेलरी से लेकर शिक्षण केंद्र में महिलाएं बजट के प्रावधानों की उम्मीद लगाए बैठे हैं। वहीं, महिलाएं भी बजट को लेकर काफी आशान्वित हैं लेकिन उनका सीधे तौर पर कहना है कि बजट में महंगाई पर कंट्रोल किया जाना चाहिए क्योंकि तमाम चीजें बेलगाम हो गई। इधर, जॉब से रिटायर हुए लोग इनकम टैक्स रिबेट में छूट की चाह रखते हैं।
रांची के किसान इस बार के आम बजट से खेती के उपक्रम में रियायत की उम्मीद लगाये बैठे हैं। किसान अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए शिक्षा के क्षेत्र में बजट में अच्छे खासे प्रावधान की चाह रखते हैं। व्यपारी वर्ग इस बार बजट से ज्यादा उम्मीदें लगाए बैठा है। चेंबर आफ कॉमर्स के पूर्व अध्यक्ष कुणाल अजमानी ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। माइनिंग को लेकर कुछ प्रावधान लाने की जरूरत है. नॉन परफोर्मिंग असेट (एनपीए) पर ध्यान देने की जरूरत है। पर्यटन सेक्टर में भी ध्यान देना चाहिए।