Breaking
ताज़ा समाचार लोड हो रहा है...
राज काज

प्रधानमंत्री ने संसद में किया दोपहर का भोजन

शेयर करें: WhatsApp Facebook X
प्रधानमंत्री ने संसद में किया दोपहर का भोजन
विज्ञापन

एबीएन सेंट्रल डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को संसद में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे और उपराष्ट्रपि जगदीप धखड़ के साथ दोपहर का भोजन किया। इस दौरान उन्हें बाजरे के व्यंजन परोसे गए। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल्स से लिखा है, साल 2023 को हम अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष के रूप में चिह्नित करने की तैयारी कर रहे हैं। हमें संसद में दोपहर के भोजन में बाजरे के व्यंजन परोसे गये। इसमें पार्टी लाइन से हटकर सभी की भागीदारी देखकर अच्छा लगा। 

कार्यक्रम में प्रधानमंत्री करीब चालीस मिनट तक रहे। भोजन करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी के साथ कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा बैठे थे। कृषि राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने कहा कि हमने ज्वार बाजरा और रागी से बनी रोटी और मिठाई सहित व्यंजन तैयार किए, जिसके लिए विशेष रूप से कर्नाटक से शेफ लाए गए थे। मुझे खुशी हुई कि प्रधानमंत्री ने वास्तव में यहां अपने भोजन का आनंद लिया। आज जो व्यंजन बनाए गए, उनमें बाजरा से बनी खिचड़ी, रागी डोसा, रागी रोटी, ज्वार की रोटी, हल्दी की सब्जी, बाजरा, चूरमा शामिल थे। मीठे व्यंजनों में बाजरा खीर, बाजरा केक आदि शामिल थे। इससे पहले मंगलवार को भाजपा संसदीय दल की बैठक के दौरान भी प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 मनाने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने बाजरे से चल रहे पोषण अभइयान को बढ़ावा देने के तरीके भी सुझाये।  

प्रधानमंत्री मोदी की पहल संयुक्त राष्ट्र ने अगले साल 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष घोषित किया है। भारत सरकार ने अप्रैल 2018 में बाजरा को पोषक अनाज के रूप में अधिसूचित किया था। सरकार ने पोषण मिशन अभियान में बाजरा को शामिल किया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन (एनएफएमएस) के तहत 14 राज्यों के 212 जिलों में बाजरा को पोष्टिक अनाज के रूप में लागू किया जा रहा है। एशिया और अफ्रीका बाजरा फसलों के प्रमुख उत्पादन और खपत केंद्र हैं। भारत, नाइजर, सूडान और नाइजीरिया बाजरा के प्रमुख उत्पादक देश हैं।  

भाजपा बाजरा का प्रमुख उत्पादक देश है। देश के अधिकांश राज्यों में एक या उससे अधिक बाजरा की फसल की प्रजातियां उगाई जाती हैं, जिनमें ज्वार, बाजरा, रागी, छोटे बाजरा के साथ कंगनी, कुटकी या छोटा बाजरा, कोडोन, गंगोरा, ब्राउन टॉप शामिल हैं। बीते पांच वर्षों के दौरान देश ने 2020-21 में सबसे अधिक18 मिलियन टन बाजरा का उत्पादन किया।

विज्ञापन

abnnews24

सच तो सामने आकर रहेगा

टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।

विज्ञापन

© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.

कुल पाठक (Total Visitors): 114,887