एबीएन सेंट्रल डेस्क। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि देश के विभिन्न राजमार्गों पर वाहनों की नई गति सीमा को लेकर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने उच्च सदन में प्रश्नकाल के दौरान एक पूरक सवाल के जवाब में कहा कि अंतरराष्ट्रीय नियमों के आधार पर और राज्य सरकारों को भरोसे में लेकर दो लेन और चार लेन समेत विभिन्न राजमार्गों पर नई गति सीमा का जल्दी ही निर्धारण किया जायेगा।
क्योंकि...हादसों में भारत सबसे आगे
गडकरी ने दुख जताया कि सड़क हादसों के मामले में भारत दुनिया में सबसे आगे है। देश में हर साल पांच लाख हादसे होते हैं। इन दुर्घटनाओं में जितने लोग मरते हैं, उतने किसी महामारी, जंग या दंगों में नहीं मरते। सरकार ऐसे हादसों पर काबू पाने के लिए लगातार कदम उठा रही है और लोगों के बीच जागरूकता एवं अन्य कदमों के साथ ही मशहूर हस्तियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार उच्च मानक वाली सड़कें बना रही है। इन सड़कों के बन जाने के बाद दिल्ली से चंडीगढ़ की दूरी घटकर ढाई घंटे की रह जाएगी जबकि दिल्ली से जयपुर, देहरादून एवं हरिद्वार दो घंटे में पहुंचा जा सकेगा।
प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति ओबीसी श्रेणी में 9वीं व 10वीं के सरकारी स्कूल के छात्रों को ही
सामाजिक न्याय मंत्री वीरेंद्र कुमार ने राज्यसभा में कहा कि प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति अब केवल ओबीसी श्रेणी के तहत सरकारी स्कूलों में कक्षा 9 और 10 तक सीमित कर दी गई है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम, 2009 सरकार के लिए प्रत्येक बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य प्रारंभिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8 तक) प्रदान करना अनिवार्य बनाता है। इसी के मुताबिक, केवल कक्षा 9 और 10 के छात्रों को ओबीसी के लिए प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत कवर किया गया है। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोजगार में ओबीसी के लिए 50 फीसदी आरक्षण का कोई प्रस्ताव नहीं है।
38,901 गांवाें में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं
संचार राज्यमंत्री देबुसिंह चौहान ने लोकसभा में कहा कि देश के 38,901 गांव में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है। उन्होंने कहा कि कि दूरसंचार सेवा प्रदाताओं (टीएसपी) की फील्ड इकाई और राज्य सरकारों से मार्च 2002 तक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश में 6,44,131 गांव में से 6,05,230 में मोबाइल इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध है।
यूपीएससी चयनित 91 को सेवा आवंटित नहीं
कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में कहा कि सिविल सेवा परीक्षा 2021 के जरिये चयनित 748 में से 91 उम्मीदवारों को कोई सरकारी सेवा आवंटित नहीं की जा सकी। ऐसा सीएसई नियम-2021 के प्रावधानों के अनुसार सीमित वरीयता, मेडिकल जांच के निष्कर्ष, आरक्षित श्रेणी के असफल दावे, उम्मीदवारों के अपनी उम्मीदवारी वापस लेने जैसे कारणों से हुआ।
सरकार और सांविधानिक अफसरों पर अपमानजनक पोस्ट में 15 पर केस दर्ज
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने वर्ष 2019 से सरकार और सांविधानिक पदों पर बैठे लोगों के खिलाफ अपमानजनक पोस्ट करने के आरोप में 15 मामले दर्ज किए हैं। कार्मिक राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में बुधवार को एक लिखित जवाब में यह जानकारी दी। जितेंद्र सिंह ने कहा कि इन 15 मामलों में से छह में जांच चल रही है, जबकि नौ मामलों में 28 आरोपियों के खिलाफ 28 आरोपपत्र दायर किए जा चुके हैं। जिन मामलों में आरोपपत्र दायर किया गया है, उनकी सुनवाई चल रही है। एक अन्य जवाब में उन्होंने कहा कि सीबीआई में 1673 पद रिक्त हैं।
आठ साल में 90 फीसदी बढ़ीं एमबीबीएस की सीटें
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि पिछले आठ सालों में देश में एमबीबीएस की सीटों में 90% तक बढ़ोतरी हुई जबकि मेडिकल पीजी की सीटों में 105 प्रतिशत तक की वृद्धि की गई। देश में 2014 में 51,348 एमबीबीएस की सीटें थे। 2022-2023 में इनकी संख्या 96,077 हो गई है। मेडिकल पीजी की सीटें 2014 में 31,185 थी जोकि 2022-23 में 64,059 हो गई हैं।
किसानों को सशक्त बना रहे बायोटेक किसान हब
केंदीय विज्ञान प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधीन बायोटेक्नोलॉजी विभाग ने देश के 15 कृषि जलवायु क्षेत्रों में 44 बायोटेक किसान हब तैयार किए हैं। इससे 169 जिलों के किसानों को खेती से जुड़े प्रौद्योगिकी समाधान मिल रहे हैं। लोकसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि बायोटेक-कृषि नवाचार विज्ञान अनुप्रयोग नेटवर्क (बायोटेक-किसान) कार्यक्रम किसानों को सर्वश्रेष्ठ वैज्ञानिकों और संस्थानों से जोड़ता है।