- महागठबंधन सरकार का बड़ा फैसला, कर्मचारी भविष्य निधि का रास्ता हुआ साफ
टीम एबीएन, रांची। झारखंड के पारा शिक्षकों के कर्मचारी भविष्य निधि का रास्ता साफ हो गया है। स्कूली शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने इसको मंजूरी दे दी है, जिसके बाद अब ईपीएफ में 12 प्रतिशत राशि जमा होगी। इसमें पारा शिक्षकों के मानदेय का 6 प्रतिशत और 6 प्रतिशत सरकार देगी। सरकार ने पारा शिक्षकों के लिए कल्याण कोष का भी गठन करेगी। यह फैसला भी सोमवार को लिया गया है। इसके अलावा हेमंत सरकार ने शिक्षकों को लेकर कई बड़े फैसले लिये हैं।
कल्याण कोष में जमा राशि से पारा शिक्षक के रिटायरमेंट होने पर 5 लाख और किसी की आकस्मिक मृत्यु होती है तो 5 लाख की आर्थिक मदद की जायेगी। यह निर्णय मंत्री की अध्यक्षता में हुई विभाग की समीक्षा बैठक में हुआ है। वहीं, राज्य के सरकारी स्कूलों में अब मिड डे मील का सारा जिम्मा अब प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी पर होगा।
स्कूल में अब एक दिन भी बच्चों को मिड डे मील का भोजन नहीं मिलेगा तो बीईईओ का दो दिन का वेतन काटा जायेगा। समीक्षा बैठक में प्रधानाध्यापकों के पद सृजन को लेकर बड़ा फैसला हुआ है। मंत्री जगन्नाथ महतो ने बताया है कि राज्य में मिडिल स्कूलों में 9000 प्रधानाध्यापकों का पद सृजित किए जायेंगे।
वहीं आज की बैठक में फैसला हुआ है कि अब कई शिक्षकों की गृह जिला में ही नियुक्ति की जायेगी। इसमें महिला शिक्षक, अगर पति पत्नी शिक्षक है, स्वास्थ्य कारणों का हवाला देने वाले शिक्षक शामिल हैं। बैठक में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव, प्राथमिक शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा निदेशक, झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद निदेशक, झारखंड अधिविद्य परिषद के सचिव उपस्थित थे।