टीम एबीएन, रांची। भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की इकाई राष्ट्रीय सेवा योजना के राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त झारखंड राज्य के दो स्वयंसेवकों क्रमश: फलक फातिमा (रांची विश्वविद्यालय) एवं निखिल कामती (कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा) को झारखंड राज्य के महामहिम राज्यपाल रमेश बैस ने राजभवन में सम्मानित किया।
इन स्वयंसेवकों के उत्साहवर्धन हेतु रांची विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा, कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा के कुलपति डॉ गंगाधर पांडा, आर यू के कुलसचिव डॉ मुकुंद चंद्र मेहता, उपनिदेशक सी वी एस डॉ स्मृति सिंह, राज्य एन एस एस पदाधिकारी डॉ ब्रजेश कुमार, कोल्हान विश्वविद्यालय के एन एस एस समन्वयक डॉ दारा सिंह गुप्ता भी उपस्थित रहें।
सर्वप्रथम महामहिम राज्यपाल के समक्ष सभी का परिचय कराया गया एवं एन एस एस के विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से अवगत कराया गया। महामहिम को बताया गया कि प्रत्येक वर्ष पूरे देश में एन एस एस के क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ कार्य करने वाले 30 स्वयंसेवकों को महामहिम राष्ट्रपति द्वारा एन एस एस के स्थापना दिवस 24 सितंबर को पुरस्कृत किया जाता है जिन्हें महामहिम राष्ट्रपति के कर कमलों से प्रमाण पत्र, मैडल एवं 01 लाख रुपए की राशि प्रदान की जाती है। इन 30 स्वयंसेवकों में झारखंड राज्य के दो स्वयंसेवक फलक फातिमा एवं निखिल कामती शामिल हैं।
इस अवसर पर महामहिम राज्यपाल श्री रमेश बैस ने कहा कि एन एस एस के दोनों स्वयंसेवकों ने उत्कृष्ट कार्य किया है जिसका परिणाम इन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुआ है। उन्होंने इनके उज्जवल भविष्य की कामना की एवं जीवन भर समाज में अच्छा कार्य करने की शुभकामनाएं दी। महामहिम राज्यपाल ने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित दोनों स्वयंसेवकों को ब्लेजर, स्मृति चिह्न, मैडल एवं प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। महामहिम से मिलकर दोनों स्वयंसेवक काफी उत्साहित दिखें एवं समाज में और उत्साह से कार्य करने की बात कहीं। मौके पर महामहिम राज्यपाल के प्रधान सचिव श्री नितीन मदन कुलकर्णी भी उपस्थित रहें।