- चेन्नई बेस विश्व समुद्र (वीएस) इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने निविदा जीती
एबीएन सेंट्रल डेस्क। धर्म नगरी काशी में श्री काशी विश्वनाथ दरबार व गंगा घाटों तक सुगम यातायात के लिए कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक लगभग 3.75 किमी लंबी रोप वे परियोजना अब शीघ्र ही रफ्तार पकड़ेगी। परियोजना के लिए चेन्नई बेस विश्व समुद्र (वीएस) इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड ने निविदा जीती।
स्विटजरलैंड के बाथोर्लेट माशिनेंबाउ एजी इस परियोजना में प्रौद्योगिकी भागीदार बनेगी। परियोजना को राष्ट्रीय राजमार्ग रसद प्रबंधन लिमिटेड ( एनएचएलएमएल) द्वारा निष्पादित किया जा रहा है, परियोजना की लागत 817 करोड़ है। अवार्ड की तारीख से इसे 30 महीने में पूरा करना है। इस संबंध में भेजे गये प्रस्ताव पर राजमार्ग मंत्रालय ने भी सहमति दे दी है। प्रदेश की योगी सरकार ने भी स्थानीय स्तर पर वाराणसी विकास प्राधिकरण को परियोजना में समन्वय का निर्देश दिया है।
बताते चलें राजमार्ग मंत्रालय ने पर्वतमाला परियोजना के तहत उत्तर प्रदेश सरकार और नेशनल हाईवे लाॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड (एनएचएलएमएल) को ये जिम्मेदारी सौंपी। एनएचएलएमएल ने बीते अगस्त माह में एचएएम (हैम) मॉडल पर रोप-वे संचालन करने के लिए टेंडर जारी किया था। 16 अक्तूबर को इसके लिए बिड में तीन कम्पनियां सामने आईं। तकनीकी और वित्तीय परीक्षण के बाद चेन्नई की वीएस इंजीनियरिंग का चयन कर लिया गया। एनएचएलएमल ने इस कम्पनी को लेटर आॅफ अवार्ड (एलओए) भी जारी कर दिया है। वीएस इंजीनियरिंग शीघ्र ही इस महत्वपूर्ण परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) बनाएगी। माना जा रहा है कि डीपीआर बनने के बाद जनवरी 2023 के अंत तक परियोजना पर काम शुरू हो जायेगा।
इस परियोजना में पहला सबसे बड़ा स्टेशन कैंट रेलवे स्टेशन पर बनेगा। इसके बाद भारत माता मंदिर परिसर के उत्तरी क्षेत्र, रथयात्रा के पास बीटीएस, गिरजाघर चौराहा पर स्टेशन बनेंगे। गिरजाघर चौराहा टर्निंग स्टेशन होगा। यहां यात्रियों का आवागमन नहीं होगा। अंतिम स्टेशन गोदौलिया चौराहे पर प्रस्तावित है। सभी पांच स्थानों पर स्टेशन और 30 टॉवर लगाने के लिए डेढ़ हेक्टेयर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। 20 टावर सरकारी और 10 निजी जमीन पर चिह्नित हैं। अधिग्रहण पर 177 करोड़ रुपये खर्च होंगे।