एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर मचे बवाल के बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि सरकार भारतीय कंपनियों पर रूस से तेल खरीदने के लिए कभी कोई दबाव नहीं बनाती है। वह बस बेस्ट आॅप्शन चुनने के लिए कहती है। उन्होंने संसद में कहा, हम अपनी कंपनियों से रूसी तेल खरीदने के लिए नहीं कहते। हम उनसे कहते हैं कि उन्हें जो भी सबसे अच्छा विकल्प मिले वह खरीदें। उन्होंने कहा, यह एक समझदारी भरी नीति है। जहां हमें लोगों के हित में सबसे अच्छा सौदा मिलता है।
जयशंकर का बयान ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में यूक्रेन के विदेश मंत्री ने रूसी तेल खरीद बढ़ाने के भारत के फैसले की आलोचना करते हुए इसे नैतिक रूप से अनुचित बताया था। दमित्रो कुलेबा ने कहा था कि यह रूस से अपनी खरीद को उचित ठहराने के लिए ये तर्क देना कि यूरोपीय देश भी ऐसा ही कर रहे हैं, पूरी तरह से गलत था।
विदेश मंत्री ने कहा कि ऐसा नहीं है कि हम सिर्फ एक देश से तेल खरीदते हैं। हम कई स्रोतों से तेल खरीदते हैं, लेकिन देशवासियों के हितों में जो सबसे अच्छा विकल्प मिलता है वह एक समझदार नीति है। हम यही करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा था कि यूरोपीय संघ में तेल का आयात भारत द्वारा आयात किए गए तेल का छह गुना है। उन्होंने कहा, मैं आपसे इन आंकड़ों को देखने का आग्रह करूंगा। रूस फॉसिल फ्यूल ट्रैकर नामक एक वेबसाइट है जो आपको देश-दर-देश डेटा देगी कि वास्तव में कौन क्या आयात कर रहा है।