रांची। केंद्र और राज्य के बीच समन्वय बनाने को लेकर नीति आयोग की अहम बैठक बुधवार को हुई। झारखंड मंत्रालय में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की ओर से 20-22 बिंदुओं पर नीति आयोग का ध्यान आकृष्ट कराया। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि नीति आयोग के समक्ष 20-22 बिंदुओं को रखा गया है। इसमें डीवीसी के द्वारा बकाया राशि झारखंड का 2800 करोड़ अब तक काटा गया है और 2200 करोड़ और काटे जाने हैं। इस विषय पर डीवीसी के साथ समाधान निकलने तक केंद्र सरकार राशि काटना बंद करे। इसके अलावा बैठक में सीसीएल की ओर से राज्य सरकार को रॉयल्टी नहीं मिलना, वासरी में रॉयल्टी नहीं मिलना, सरकारी जमीन का मुआवजा नहीं मिलना, जो हजारों करोड़ कोल इंडिया के माध्यम से झारखंड को मिलना है, वो प्राप्त नहीं हुआ है। नीति आयोग के समक्ष राज्य सरकार ने 15वें वित्त आयोग के तहत कुपोषण को लेकर करीब 300 करोड़ का आवंटन राज्य सरकार ने किया है। इसके अलावा धनबाद, रामगढ़ के लिए आईएनडी की करीब 600 करोड़ की परियोजना को स्वीकृत करने का आग्रह किया गया है, जिससे दामोदर नदी को स्वच्छ किया जा सके। पीएमवाई के तहत छूटे लोगों के लिए केंद्र द्वारा पोर्टल खोलने का आग्रह किया गया है। राज्य में कोरोना वैक्सीन की उपलब्धता एडवांस में करने की मांग सरकार ने की। खनन क्षेत्र में सामाजिक आर्थिक सर्वे कराने का आग्रह करते हुए राज्य सरकार ने ऐसे क्षेत्र के लोगों की स्थिति से अवगत कराया गया। नक्सल प्रभावित जिले कम करने पर सीएम ने जताई नाराजगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय से खनन कार्य के कारण इन क्षेत्रों से वास्तविक लाभ क्या हो रहा है, इसका पता चल सकेगा। राज्य सरकार बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे उद्योगों को भी पुनर्जीवित कर रही है। इस दिशा में केंद्र भी मदद करे। झारखंड एससी-एसटी बहुल राज्य है। इसलिए एससी-एसटी इंटरप्रेन्योर को सीजीएसटी और अन्य तरह के टैक्स से छूट दी जाए। उद्योग के क्षेत्र में यहां के लोगों को लाभ मिल सके, इसके लिए नीति आयोग पहल करे। नक्सल प्रभावित जिले 13 से 8 किये जाने पर राज्य सरकार ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिलों की संख्या को नहीं घटाया जाए और योजना को दो वर्ष के लिए बढ़ाया जाए। जीएसटी काउंसिल की बैठक से झारखंड को उम्मीद है कि इसमें कुछ न कुछ लाभ जरूर मिलेगा। बैठक में नीति आयोग की टीम में डॉ वीके पॉल, वरीय सलाहकार नीरज सिन्हा, संयुक्त सचिव शैलेंद्र कुमार द्विवेदी, उप सलाहकार थैयागाराजू बीएम, वरीय सहायक नमन अग्रवाल और युवा प्रोफेशनल सिद्धे जी शिंदे शामिल हुए। वहीं, राज्य सरकार की ओर से वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के साथ मुख्य सचिव सुखदेव सिंह, सीएम के सचिव विनय कुमार चौबे और संबंधित विभागों के सचिव भी मौजूद रहे।