झारखंड : दलीय आधार पर नहीं होंगे पंचायत चुनाव, कैबिनेट ने रघुवर सरकार के फैसले को बदला
ABN Bureau• 25 Aug, 2021
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रांची। झारखंड की हेमंत सरकार पहले की रघुवर सरकार के फैसलों को बदलकर नया स्वरूप हासिल करना चाहती है। महागठबंधन में किच किच ना हो इसके लिये भी हेमंत सरकार ने पंचायत चुनाव को दलीय आधार पर नहीं करायेगी। झारखंड सरकार ने प्रदेश में निकाय चुनावों को दलगत आधार पर नहीं कराने का निर्णय किया है। पुरानी व्यवस्था फिर से लागू होगी, जो 2011 में प्रभावी थी। मेयर का चुनाव सीधे होगा, जबकि डिप्टी मेयर का चयन वार्ड पार्षद करेंगे। मंगलवार को कैबिनेट ने नगरपालिका संशोधन अधिनियम को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इसके साथ ही राज्य में संपत्ति की गणना का आधार भी बदल जाएगा। नगर निकायों में प्रोपर्टी टैक्स का निर्धारण अब सर्किल दर के आधार पर होगा और कामर्शियल भवनों के लिए टैक्स की दर सामान्य से दोगुना होगा। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में 24 प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। कैबिनेट में लिए गए निर्णय के अनुसार राज्य के नगर निकायों में अब दलगत आधार पर मेयर अथवा अध्यक्ष का चुनाव नहीं होगा। पूर्व के नियम को अपनाते हुए सरकार ने तय किया है कि मेयर का चयन दलगत आधार के बगैर होगा। मतलब यह कि उम्मीदवारों को पार्टी का सिंबल नहीं मिलेगा। इसी प्रकार डिप्टी मेयर अथवा उपाध्यक्ष का चुनाव सीधे नहीं होगा, बल्कि निर्वाचित वार्ड पार्षदों के बीच से किसी एक का चयन वार्ड पार्षद ही करेंगे। वार्ड पार्षदों का निर्वाचन होने के बाद इसके लिए अलग से तिथि निर्धारित कर चुनाव कराया जाएगा।संशोधित एक्ट के अनुसार अगर मेयर अथवा अध्यक्ष लगातार तीन से अधिक बैठकों में बिना पर्याप्त कारण के अनुपस्थत रहते हैं, अथवा जानबूझकर अपने कर्तव्यों की अनदेखी करते हैं, तो उन्हें राज्य सरकार हटा सकेगी। इसके अलावा शारीरिक या मानसिक रूप से अक्षम होने की स्थिति में भी अथवा किसी आपराधिक मामले में छह माह से अधिक फरार होने अथवा दोषी करार होने के बाद बाद राज्य सरकार उनसे स्पष्टीकरण पूछेगी एवं समुचित अवसर देने के बाद आदेश पारित कर हटा सकेगी। एक बार हटाए गए अध्यक्ष अथवा महापौर को पूरे कार्यकाल के दौरान फिर से अध्यक्ष के रूप में निर्वाचन की पात्रता नहीं होगी। कैबिनेट से प्रस्ताव पारित कराकर पंचायत चुनाव में महागठबंधन के रनेताओं के बीच होनेवाले झंझट से पार पाने के लिये हेमंत सरकार का यह फैसला सभी दलों के पंचायत चुनाव लड़ने के इच्छुक लोगों में खुशी ला दी है।