एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। कॉमनवेल्थ खेल का सोमवार की देर शाम (स्थानीय समयानुार) भव्य समारोह में समापन हो गया। अलेक्जेंडर स्टेडियम में एक संगीतमय रात के साथ 11 दिन के इस इवेंट का समापन सम्पन्न हुआ। एक बार फिर बर्मिंघम स्ट्रीट पर वहां की कल्चर का जश्न मनाया गया। इस दौरान शानदार थीम, म्यूजिक देखने को मिला जिसने इस रात को यादगार बना दिया। शो एक बार फिर पुराने बर्मिंघम के साथ शुरू हुआ। इसके अंत में एलजीबीटीक्यूआइए+ लोगों के साथ खड़े होने के लिए संदेश भी था। कॉमनवेल्थ खेल एक जबरदस्त सफलता थी जिसमें 1.5 मिलियन से अधिक टिकटों को बेचा गया था। यह भविष्य में संभावित ओलंपिक बोली का कारण बन सकता है। कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के अध्यक्ष लुईस मार्टिन ने समापन समारोह के दौरान अलेक्जेंडर स्टेडियम में भीड़ से कहा, ये खेल साहसिक, गुलजार और बिल्कुल शानदार रहे हैं। बताते चलें कि इस दौरान 877 पदक दिए गए, 97 कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड और चार विश्व रिकॉर्ड तोड़े गए, आप सभी चुनौती के लिए उठे। जैसा कि हम इन खेलों को करीब लाते हैं, कृपया याद रखें कि यह अंत नहीं है। आयोजकों ने इस आयोजन में कई प्रथम चीजों पर जोर दिया, मुख्य आकर्षण यह था कि पहली बार एक मल्टी इवेंट आयोजन में पुरुषों (134) की तुलना में महिलाओं (136) के लिए अधिक मेडल इवेंट थे। साथ ही किसी को यह नहीं भूलना चाहिए कि खेलों का असली सितारा ओपनिंग सेरेमनी में इस्तेमाल होने वाला विशाल सांड हो सकता है, जो फिर बर्मिंघम के सेंटेनरी स्क्वायर में चला गया जहां यह हर दिन भीड़ को आकर्षित करता था। सांड इतना लोकप्रिय हो गया कि इसे नष्ट होने से बचाने के लिए एक अभियान शुरू किया गया और कम से कम सितंबर इसको ऐसे ही रहने दिया जाएगा। इवेंट के अंत में, मशाल आॅस्ट्रेलिया को एक पारंपरिक देशी विक्टोरियन समारोह में पारित की गई, जहां 2026 में ये खेल आयोजित किए जायेंगे।