एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय महिला पहलवान अंशु मलिक को एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप के 57 भार वर्ग के फाइनल में हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। इसके अलावा 65 भार वर्ग में राधिका को भी रजत पदक मिला जबकि मनीषा ने 62 भार वर्ग में कांस्य पदक जीता। अंशु को स्वर्ण पदक के लिए हुए मुकाबले में जापान की सुगमी सकुरई से हार का सामना करना पड़ा।
हरियाणा के निडानी गांव की 20 वर्षीया अंशु पिछली बार अल्माटी में स्वर्ण पदक जीतने में सफल रही थीं। इस बार का रजत उनका इस चैंपियनशिप में तीसरा पदक है। उन्होंने 2020 में कांस्य पदक जीता था।
पिछले वर्ष विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वालीं पहली भारतीय अंशु ने अपने शुरुआती तीन मुकाबलों में एकतरफा जीत हासिल की थी। उन्होंने उज्बेकिस्तान की शोकहिदा अखमेदोवा, सिंगापुर की डेनिल सु चिंग को हराने के बाद सेमीफाइनल में मंगोलिया की बोलोरतुयुवा को दो मिनट 12 सेकंड पराजित किया। उन्होंने डबल लेग अटैक करते हुए चार अंक बटोरे। राधिका को भी शानदार प्रदर्शन के बाद रजत पदक मिला। मनीषा सेमीफाइनल में जापान की नोनोका ओजोकी से हारने के बाद स्वर्ण पदक की रेस से बाहर हो गई थी लेकिन बाद में कांस्य की हकदार बनीं। इससे पहले मनीषा ने कजाखस्तान की अयालयम कैसिकोवा को 9-0 से हराकर शानदार शुरुआत की। स्वाति शिंदे (53 भार वर्ग) दो हार के बाद पदक की रेस से बाहर हो गई थीं।