एबीएन सेंट्रल डेस्क। भारतीय क्रिकेट बोर्ड यानी बीसीसीआई ने आईपीएल मीडिया राइट्स के लिए 32890 हजार करोड़ रुपये की बेस प्राइस रखी है। इसमें चार बंडल शामिल हैं। इन बंडल में भारतीय उपमहाद्वीप के टीवी राइट्स, भारतीय उपमहाद्वीप के डिजिटल राइट्स, नॉन एक्सक्लूजिव बंडल और वर्ल्ड टीवी व डिजिटल राइट्स शामिल हैं। बोर्ड ने आने वाले समय में मैचों की संख्या बढ़ाने के बात भी कही है। हालांकि इसके लिए बीसीसीआई ने 30 मार्च से इन्विटेशन टू टेंडर डॉक्यूमेंट जारी करना शुरू किया था इसमें कीमत 10 टीमों और 74 मैचों के हिसाब से ही रखी गई है। इस बार मीडिया राइट्स में कम्पॉजिट बिड (मिलीजुली बोली) नहीं होगी। ऐसा पिछली बार था और स्टार इंडिया ने इसी के जरिए 2018-22 के साइकल के लिए बोली हासिल की थी।
इन्विटेशन टू टेंडर की जानकारी के अनुसार, बंडल ए में भारतीय उपमहाद्वीप के टीवी राइट्स होंगे। इस कैटेगरी में एक मैच के लिए 49 करोड़ रुपये बेस प्राइस है। ऐसे में पांच साल के लिए देखा जाए तो ई-आॅक्शन में यहां बेस प्राइस 18130 करोड़ रुपये होगी। बंडल बी में डिजिटल राइट्स रहेगी और यहां पांच साल के लिए 33 करोड़ रुपये प्रति मैच की बेस प्राइस के हिसाब से 12210 करोड़ रुपये से पांच साल के राइट्स की बोली शुरू होगी। क्रिकबज ने यह रिपोर्ट दी है।
बंडल सी अपने आप में काफी अनोखा है। इसमें केवल 18 मुकाबले होंगे और ये नॉन एक्सक्लूसिव रहेगा। इसमें एक मैच की बेस प्राइस 16 करोड़ रुपये है। इस हिसाब से पांच साल की बेस प्राइस 1440 करोड़ रुपये बनते हैं। इस बंडल के 18 मुकाबलों में ओपनिंग मैच, प्ले आॅफ और डबल हेडर के रात के मैच रहेंगे। यह बंडल केवल ओटीटी प्लेटफॉर्म्स के लिए है और इसे केवल एक ही कंपनी खरीद सकती है। चौथे और आखिरी बंडल में बाकी दुनिया के राइट्स शामिल हैं। यहां एक मैच की बेस प्राइस तीन करोड़ रुपये है। इस तरह से पांच साल की वेल्यू 1110 करोड़ रुपये बनती है। इसके तहत भारतीय उपमहाद्वीप से बाहर के टीवी और डिजिटल दोनों राइट्स मिलेंगे।
बीसीसीआई को 50 हजार करोड़ की उम्मीद : बीसीसीआई को आईपीएल मीडिया राइट्स से 50,000 करोड़ रुपये की कमाई की उम्मीद है। गुजरात और लखनऊ फ्रेंचाइजी को शामिल करने के बाद आईपीएल के मैचों की संख्या 60 से बढ़कर 74 हो गयी है। जिससे नीलामी में बोली की तगड़ी प्रतिस्पर्धा होने की संभावना है, क्योंकि इस क्षेत्र में अब जी-सोनी और रिलायंस वायकॉम 18 भी शामिल हैं। बीसीसीआई अमेजॉन प्राइम, मेटा और यूट्यूब से डिजिटल स्पेस के लिए आक्रामक बोली लगाने की उम्मीद कर रहा है।