समाज
तुम्हारा जीवन में आना कि जैसे मधुऋतु का छाना...
ABN Bureau
•
30 Mar, 2022
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एबीएन डेस्क (डॉ सुषमा सिंह, आगरा)। आज आजादी के अमृतम होत्सव के उपलक्ष्य में प्रो जे बी पांडेय ,रांची के लक्ष्मी नगर आवास पर काव्य संध्या का आयोजन हुआ। काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता कर रही हिंदी की परम विदुषी और राजा बलवंत राजपूत कॉलेज आगरा की पूर्व प्राचार्या डॉ. सुषमा सिंह ने काव्य गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए अपना मधु-ऋतु पर यह मनोहर गीत गाकर समां बांध दिया-
तुम्हारा जीवन में आना
कि जैसे मधुऋतु का छाना।
सार्थक लगता अपना होना, परिपूर्ण हुआ मन का कोना, फूलों का महक लुटाना
खुशियों का रंग जमाना।
कार्यक्रम का श्रीगणेश अशोक कुमार प्रमाणिक की सरस्वती वंदना - या कुन्देन्दु....... से हुआ ।प्रमाणिक जी ने एक अन्य प्रेम गीत सुनाकर कविता का आगाज किया-
हम मन ही मन तुम्हें अब चाहने लगे हैं।
जब से तुम्हारी सूरत निहारने लगे है।।
विनोद सिंह गहरवार ने अपनी हास्य व्यंग्य रचना सुनाकर खूब वाहवाही लूटी-
करते थे टोका टोकी आज टोके गए,
खेलने से जीरो पर ही आज रोके गए।
सभाओं में जो कहते थे खूब ठोको ताली,
जनता के हाथों खुद आज ठोके गए।।
डॉ सुनीता गुप्ता ने पंचपरगनिया में एक स्वागत गीत सुनाया। मुख्य अतिथि के रूप में चंडीगढ़ से आई सुप्रसिद्ध कवयित्री डॉ मीरा गौतम ने प्रेम कविता सुनाकर श्रोताओं को भावुक कर दिया-
शब्दों के पंख लगा,
मैं उड़ के चली आई वहां।
तुम साधना रत हो जहां,
फिर मैं तुमसे दूर कहाँ?
अपने गीतों में अपना पता हूं, असंभव में संभव की कथा हूं।
न देखी होगी रेगिस्तान में कमलों की खेती,
उसी मरीचिका का मैं जल खास हूँ।
अस्वस्थता के कारण डॉ.योगेंद्र नाथ शर्मा अरुण, डॉ.महेश चंद्रा मेरठ, डॉ ऋषभ देव शर्मा हैदराबाद नहीं आ सके। प्रो.जग बंधु महतो, मनु ओझा ,यश कुमार ने भी अपने उद्गार व्यक्त किए। आगत अतिथियों का स्वागत डॉ जे बी पांडेय ने, संचालन तारामणि पांडेय ने और धन्यवाद ज्ञापन शुभम् कुमार ने किया ।आगत अतिथियों का स्वागत शॉल, स्मृति चिन्ह एवं पुस्तक देकर किया गया।कवि गोष्ठी का समापन राष्ट्रगान से हुआ।
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