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सांसद सुखदेव भगत का सपना हुआ साकार, लोहरदगा बना फुटबॉल का महाकुंभ

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सांसद सुखदेव भगत का सपना हुआ साकार, लोहरदगा बना फुटबॉल का महाकुंभ
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  • सांसद सुखदेव भगत का सपना हुआ साकार, लोहरदगा बना फुटबॉल का महाकुंभ
  • LPL 2026 : छोटे से जिले में इतना भव्य आयोजन देखकर पूरा झारखंड हैरान
  • फाइनल में खचाखच भरा स्टेडियम, पैर रखने को जगह नहीं
  • विदेशी खिलाड़ियों के साथ स्थानीय प्रतिभाओं को मिला अंतरराष्ट्रीय मंच

एबीएन न्यूज नेटवर्क, लोहरदगा। लोहरदगा प्रीमियर लीग (LPL) 2026 सिर्फ एक फुटबॉल टूर्नामेंट नहीं है, यह लोहरदगा सांसद  सुखदेव भगत के सपने और संकल्प का जीवंत प्रमाण है। जैसा उन्होंने सोचा था, उसे उन्होंने जमीन पर उतारकर दिखा दिया। इस आयोजन को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष अभिनव सिद्धार्थ एवं पूरे टीम को भी जाता है। आज चारों ओर सिर्फ एक ही चर्चा है कि इतने छोटे से जिले में इतना भव्य, इतना बड़ा और इतना शानदार फुटबॉल टूर्नामेंट सुखदेव भगत ने कैसे करा दिया?

नदिया हिन्दू हाई स्कूल के मिनी स्टेडियम में आयोजित इस महाकुंभ का फाइनल के दिन स्टेडियम में पैर रखने की जगह नहीं थी। खचाखच भरे स्टेडियम में हजारों दर्शक, बच्चे, बुजुर्ग, महिलाएं, युवा सभी फुटबॉल के जुनून में डूबे नजर आए।सांसद का सोच है किलोहरदगा के बच्चों को मिले बड़ा मंच।मौके पर सांसद श्री सुखदेव भगत ने कहा कि लोहरदगा प्रीमियर लीग मेरा सपना था। 

मैं हमेशा सोचता था कि हमारे जिले के बच्चे, हमारे गांव के बच्चे, जिनके पैरों में फुटबॉल का जुनून है, जिनमें प्रतिभा है, उन्हें कोई बड़ा मंच क्यों नहीं मिलता? रांची, जमशेदपुर, धनबाद के बच्चे आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन लोहरदगा का बच्चा पीछे रह जाता है। इसीलिए मैंने ठाना था कि लोहरदगा में ही ऐसा टूर्नामेंट कराऊंगा, जहां हमारा बच्चा सीधे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ खेलकर सीखे। आज वो सपना पूरा हुआ।

सांसद ने कहा कि इस लीग से खिलाड़ियों को जो फायदा हुआ, वो किसी एक ट्रॉफी से बड़ा है। इस लीग में साउथ अफ्रीका के विदेशी खिलाड़ियों के साथ-साथ मणिपुर, बंगाल जैसे फुटबॉल के गढ़ से आए राष्ट्रीय खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। हमारे स्थानीय लड़कों ने उनके साथ खेला, उनके साथ ड्रेसिंग रूम शेयर किया, उनकी फिटनेस, उनकी तकनीक, उनकी अनुशासन को करीब से देखा। यह अनुभव किसी कोचिंग से कम नहीं है।

इस लीग ने गांव-गांव में छिपी प्रतिभा को बाहर निकालने का काम किया है। यहां से अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को आगे बड़े क्लबों, राज्य स्तरीय टीमों और राष्ट्रीय कैंप में जाने का रास्ता खुलेगा। सांसद ने कहा कि वे स्वयं ऐसे खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में मदद करेंगे।

सांसद ने कहा कि जब युवा खेल के मैदान में होगा, तो वह नशा और गलत रास्ते से दूर होगा। LPL ने युवाओं में खेल भावना, अनुशासन और टीम वर्क जगाया है। टूर्नामेंट के यहां  साउथ अफ्रीका, मणिपुर, बंगाल और झारखंड की संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। 

विदेशी खिलाड़ियों ने कहा किहम देश में बहुत जगह खेलने जाते हैं, वहां हमें सिर्फ प्रोफेशनल की तरह देखा जाता है। लेकिन लोहरदगा में सांसद जी ने हमें परिवार के सदस्य की तरह प्यार और सम्मान दिया। ऐसा सम्मान हमें कहीं नहीं मिला।लोहरदगा ही नहीं, पूरे झारखंड में LPL की चर्चा है। पूरे देश से सांसद सुखदेव भगत को इतने भव्य आकर्षण फुटबॉल टूर्नामेंट कराने के लिए उन्हें बधाई दे रहे हैं।

लोग कह रहे हैं कि एक छोटे से जिले में इतना बड़ा आयोजन, इतनी अच्छी व्यवस्था, विदेशी खिलाड़ी, लाइव माहौल - यह सिर्फ सुखदेव भगत ही करा सकते हैं। चाय की दुकान से लेकर हाट-बाजार तक, स्कूल से लेकर गांव की चौपाल तक सिर्फ LPL की ही बात हो रही है। जनता का कहना है कि सांसद ने लोहरदगा को फुटबॉल के नक्शे पर लाकर खड़ा कर दिया है। 

सांसद ने कहा किलोहरदगा प्रीमियर लीग सिर्फ एक फुटबॉल प्रतियोगिता नहीं, यह ग्रामीण प्रतिभाओं को मंच देने, युवाओं में खेल भावना जगाने और लोहरदगा को फुटबॉल के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने का संकल्प है। उन्होंने अपने वक्तव्य का समापन इन शायरी से किया
"मंजिलें उन्हीं को मिलती हैं, जिनके सपनों में जान होती है,
पंखों से कुछ नहीं होता, हौसलों से उड़ान होती है।

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