हरियाणवी छोरी प्रीति पंवार का कमाल, स्वर्ण पदक जीतकर रचा इतिहास... जानें कैसा रहा मुश्किल सफर
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भिवानी जिला के गांव बड़ेसरा की निवासी भारतीय सेना की नायब सूबेदार प्रीति पवार ने राष्ट्रमंडल खेल-2026 में 54 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने कनाडा की सवाना डेलगाडो को एकतरफा 5-0 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। वर्ष 2017 में मुक्केबाजी शुरू करने वाली प्रीति पंवार ओलंपिक भी खेल चुकी है।
प्रतिदिन 6 से 9 घंटे तक बॉक्सिंग की प्रैक्ट्सि करती रही है। उन्होंने 14 साल की उम्र से बॉक्सिंग शुरू की थी। उनके दादा व परदादा पहलवान रहे, वही उनके पिता सोमबीर सिंह कबड्डी के खिलाड़ी है तथा उनकी माता सलीन देवी गृहणी। वहीं उनके चाचा विनोद मुक्केबाजी के कोच है, जिनकी देखरेख में वह मुक्केबाजी सीखती रही है। वह दो बार राष्ट्रीय खेलों में गोल्ड मैडल ले चुकी है।
प्रीति पंवार ने 2019 में नेशनल स्कूल गेम्स में गोल्ड मैडल जीता, 2021-22 में खेलो इंडिया में सिल्वर व गोल्ड मैडल हासिल किया। 2021 के एशियन खेलों में सिल्वर मैडल, 2022 में एशियन चैंपियनशिप में ब्रांज मैडल भी ले चुकी है। वे भारतीय सेना, स्पोर्ट्स एथोरिटी आफ इंडिया, भारतीय बॉक्सिंग, जीएसडब्ल्यू सहित हरियाणा ओलंपिक एसोसिएशन का भी धन्यवाद करती है। जिसके बूते वे यहां तक पहुंची है।
उन्होंने कहा कि गलास्को कॉमनवेल्थ खेलों में भारत की महिला खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है, जो महिला सशक्तिरण को दिखाता है। उनकी जीत की इस खुशी का आलम उनके घर-परिवार में भी देखने को मिला। प्रीति पंवार ने बताया कि प्रीति साई पवार की यह जीत भारतीय महिला मुक्केबाजी के लिए बड़ी उपलब्धि है।
उन्होंने कहा कि आगामी एशियाई खेलों में भी देश को उनसे स्वर्ण पदक की उम्मीद रहेगी। प्रीति साई पवार की इस उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी की लहर है। उनके स्वर्ण पदक ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की सफलता में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। बता दें कि इसके साथ ही भारत के 7 गोल्ड सहित कुल 27 मेडल हो गये हैं। भारत मेडल टैली में छठे स्थान पर पहुंच गया है।
फाइनल के मुकाबले
वहीं, भारत के 8 और मुक्केबाज गोल्ड मेडल के लिए फाइनल में उतरेंगे। शाम 4:15 बजे जदुमणि सिंह (55 किग्रा), रात 9 बजे साक्षी चौधरी (51 किग्रा), 9:15 बजे प्रिया घंघास (60 किग्रा), 9:30 बजे अरुंधति चौधरी (70 किग्रा), 10:15 बजे लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), 10:45 बजे सचिन सिवाच (60 किग्रा), 11:15 बजे अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और 11:45 बजे नरेंद्र बरवाल (90+ किग्रा) अपने-अपने फाइनल मुकाबले खेलेंगे।
शनिवार को हुए मैच में प्रीति ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और हर मुकाबले में अपना दबदबा बनाये रखा। फाइनल में भी उन्होंने बेहतरीन तकनीक, आक्रामक खेल और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए सर्वसम्मत निर्णय से जीत हासिल की। इस बारे में प्रीति ने बताया कि वह गोल्ड मैडल जीतकर बहुत खुश है।