एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय कप्तान रोहित शर्मा ने भी टी-20 अंतरराष्ट्रीय से संन्यास ले लिया है। उन्होंने विराट कोहली के संन्यास लेने के कुछ देर बाद ही टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उनके बाद स्टार आॅलराउंडर रवींद्र जडेजा ने भी संन्यास का ऐलान कर दिया है। रोहित ने कहा कि इससे बेहतर समय कुछ और नहीं हो सकता।
उन्होंने कहा- मैं इस ट्रॉफी और टी-20 विश्व कप जीतने के लिए बेताब था। मैं इसे जीतना चाहता था और अब ऐसा हो गया है। खुश हूं कि इस बार हम कामयाब रहे हैं। रोहित ने कहा कि वह टेस्ट और वनडे प्रारूपों में भारत के लिए खेलते रहेंगे, लेकिन वह सबसे छोटे फॉर्मेट से पीछे हट रहे हैं।
रोहित ने मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भारत के ऐतिहासिक दूसरे टी-20 विश्व कप खिताब का जश्न मनाते हुए कहा, अलविदा कहने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता। यह निर्णय रोहित के टी-20 इंटरनेशनल करियर के लिए एक उपयुक्त अंत का प्रतीक है, क्योंकि उन्होंने इसे 2007 में टी-20 विश्व कप जीत के साथ शुरू किया था और टी-20 विश्व कप जीतने के साथ ही इसका अंत किया।
इन 17 वर्षों में रोहित एक बल्लेबाज के रूप में अभूतपूर्व ऊंचाइयों तक पहुंचे। उन्होंने 159 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 32.05 की औसत से 4231 रन बनाये। इस प्रारूप में उनके पांच शतक किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा सर्वाधिक हैं। इसके अलावा उनके नाम 32 अर्धशतक भी हैं। हालांकि, वह आईपीएल खेलते रहेंगे और वनडे-टेस्ट में टीम इंडिया की कप्तानी करते रहेंगे।
रोहित ने कहा- यह मेरा आखिरी मैच भी था। जब से मैंने इस प्रारूप को खेलना शुरू किया है तब से मैंने इसका आनंद लिया है। मुझे इसका हर पल पसंद आया है। मैं यही चाहता था। मैं कप जीतना चाहता था। हिटमैन के इस बयान के बाद मीडिया ने भी तालियों से उन्हें बधाई दी और उनका हौसला बढ़ाया।