एबीएन डेस्क। एशेज सीरीज के दूसरे मैच में भी ऑस्ट्रेलिया की टीम जीत की तरफ बढ़ रही है। मार्नस लाबुशेन, डेविड वार्नर के बाद पुछल्ले बल्लेबाजों के बेहतरीन योगदान के चलते कंगारू टीम ने पहली पारी 473 रन पर घोषित की। इसके बाद स्टार्क और लियोन ने इंग्लैंड को 236 रन पर समेट दिया। दूसरी पारी में भी ऑस्ट्रेलिया एक विकेट गंवाकर 45 रन बना चुकी है। मैच में अभी दो दिन का खेल बचा है और कंगारू टीम के पास 282 रनों की बढ़त है। ऐसे में स्टीव स्मिथ चाहेंगे कि चौथे दिन उनके बल्लेबाज तेजी से रन बनाएं। ऑस्ट्रेलिया 400 के करीब बढ़त मिलने पर इंग्लैंड को चौथी पारी में बल्लेबाजी के लिए बुला सकता है। ऐसे में जो रूट और उनके साथियों के सामने लगभग डेढ़ दिन तक बल्लेबाजी करने की चुनौती होगी। इस सीरीज में रूट और मलान के अलावा इंग्लैंड को कोई भी बल्लेबाज लय में नहीं दिखा। इस मैच में भी मलान ने 80 और रूट ने 62 रन बनाए। इनके अलावा कोई भी बल्लेबाज कुछ खास नहीं कर सका। अगर चौथी पारी में इंग्लैंड की टीम पहले की तरह ही प्रदर्शन करती है तो उनकी हार लगभग तय है।
डे-नाइट टेस्ट में स्टार्क के 50 विकेट पूरे : ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिशेल स्टार्क ने टेस्ट क्रिकेट में गुलाबी गेंद से 50 विकेट पूरे कर लिए हैं। स्टार्क ऐसा करने वाले पहले गेंदबाज हैं। उनके साथी खिलाड़ी जोश हेजलवुड और नाथन लियोन इस सूची में दूसरे नंबर पर हैं। इन दोनों खिलाड़ियों ने 32-32 विकेट लिए हैं। वहीं लियोन गुलाबी गेंद के साथ सबसे सफल स्पिन गेंदबाज हैं। इंग्लैंड के खिलाफ डे-नाइट टेस्ट की पहली पारी में भी स्टार्क और लियोन ने बेहतरीन गेंदबाजी की। इन दोनों खिलाड़ियों ने मिलकर इंग्लैंड के सात बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा।
रूट ने सचिन और गावस्कर को पीछे छोड़ा : जो रूट एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टेस्ट रन के मामले में सचिन-गावस्कर से आगे निकल चुके हैं। इससे पहले उन्होंने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन (2002 में 1481 रन) को पीछे छोड़ा था। लेकिन शनिवार को वह गावस्कर (1979 में 1555 रन) और सचिन (2010 में 1562 रन) से आगे निकल गए। रूट अब एक कैलेंडर वर्ष में सबसे अधिक टेस्ट रन बनाने के मामले में पांचवें स्थान पर पहुंच गए हैं। एक कैलेंडर वर्ष में सर्वाधिक टेस्ट रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर मोहम्मद यूसुफ के नाम है। उन्होंने साल 2006 में पाकिस्तान के लिए 11 टेस्ट की 19 पारियों में 99।33 की औसत से 1788 रन बनाए थे।