- जानें विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा में कौन जीतेगा इस होड़ में?
एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल शुरू होने में अब बस गिनती के दिन बचे हैं। 7 जून से भारत और आॅस्ट्रेलिया के बीच खिताबी मुकाबला शुरू होगा और फिर उसी के साथ रिकॉर्डों के बनने और टूटने का सिलसिला भी शुरू हो जायेगा। ऐसा ही कुछ विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा भी इस मैच में करते दिखेंगे।
दरअसल, इन दोनों खिलाड़ियों की नजर अपनी टीम के हेड कोच राहुल द्रविड़ के रिकॉर्ड को तोड़ने पर होगी। अब आप सोच रहे होंगे कि वो रिकॉर्ड आखिर कौन सा है, जिसके तोड़े जाने की हम बात कर रहे हैं। तो ये रिकॉर्ड जुड़ा है भारत और आस्ट्रेलिया के बीच के टेस्ट आंकड़ों से।
आस्ट्रेलिया के खिलाफ सर्वाधिक रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज से, जिसमें ओवरआल देखेंगे तो सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण के बाद राहुल द्रविड़ तीसरे सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं। लेकिन, अब डब्ल्यूटीसी के फाइनल में चेतेश्वर पुजारा और विराट कोहली दोनों के पास राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ने का मौका है।
सबसे पहले तो ये जान लें कि राहुल द्रविड़ के आस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट में रन कितने हैं? द्रविड़ ने कंगारू टीम के खिलाफ 32 टेस्ट की 60 पारियों में 2143 रन बनाये हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 13 अर्धशतक जड़े हैं। चेतेश्वर पुजारा आस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे ज्यादा टेस्ट रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की लिस्ट में चौथे नंबर पर हैं।
उन्होंने अब तक 24 टेस्ट की 43 पारियों में 2033 रन बनाये हैं। मतलब, राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ना है तो पुजारा को डब्ल्यूटीसी फाइनल की दोनों पारियों में मिलाकर 110 रन बनाने होंगे। वहीं, आस्ट्रेलिया के खिलाफ 24 टेस्ट की 42 पारियों के बाद विराट कोहली के 1979 रन हैं और वो 5वें नंबर पर हैं।
लेकिन, राहुल द्रविड़ को पीछे छोड़ने से ये भी ज्यादा दूर नहीं है। फिलहाल पुजारा से 54 रन दूर खड़े विराट कोहली को द्रविड़ का रिकॉर्ड तोड़ने के लिए डब्ल्यूटीसी फाइनल की दोनों पारियों में 164 रन बनाने होंगे। अब सवाल हैं कि क्या विराट और पुजारा ऐसा कर पायेंगे। तो इसके लिए ओवल पर इनके आंकड़े कैसे रहे हैं, वो देखना होगा।
ओवल पर विराट कोहली ने 3 टेस्ट की 6 पारियों में सिर्फ 169 रन 28.16 की औसत से बनाये हैं। वहीं चेतेश्वर पुजारा ने इस मैदान पर खेले 3 टेस्ट की 6 पारियों में बस 117 रन 19.50 की औसत से जड़े हैं। मतलब द्रविड़ का रिकॉर्ड ये दोनों डब्ल्यूटीसी फाइनल की 2 पारियों में तोड़ पायेंगे, कहना थोड़ा मुश्किल है।