- यूपी के ग्लोबल समिट में प्रधानमंत्री ने निवेशकों को किया संबोधित
एबीएन सेंट्रल डेस्क। उत्तर प्रदेश में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की आज से शुरुआत हो गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समिट की शुरुआत की है। इस मौके पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा कि बीते कुछ वर्षों में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर यूपी में काफी मजबूत हुआ है। बिजली से लेकर कनेक्टिविटी तक हर क्षेत्र में सुधार आया है।
बहुत जल्द यूपी देश के उस एकलौते राज्य के तौर पर जाना जायेगा, जहां पर पांच इंटरनेशनल एयरपोर्ट है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ यूपी में सरकारी सोच ईज आफ डूइंग बिजनेस के लिए बदली है। भारत अगर आज दुनिया के लिए ब्राइट पोर्ट है तो यूपी भारत के ग्रोथ को ड्राइव करने वाला अहम नेतृत्व दे रहा है। निवेशकों से पीएम ने कहा कि मत भूलिए आप जिस प्रदेश में आप बैठे हैं उसकी आबादी करीब 25 करोड़ है, जो कि कई देशों की तुलना में अधिक है।
आज भारत में सोशल, फिजिकल और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर जो काम हुआ है, उसका बड़ा लाभ यूपी को भी मिला है, इस कारण आज यहां समाज बहुत कनेक्टेड और इन्क्लुजिव हो गया है। इस वर्ष के बजट में 35 हजार करोड़ रुपये सिर्फ एनर्जी ट्रांसमिशन के लिए रखा है, यह दिखाता है कि हमारा इरादा क्या है। मिशन ग्रीन हाइड्रोजन हमारे इसी इरादे को बुलंद करता है। इस बजट में इससे जुड़ा पूरा इकोसिस्टम बेहतर करने के लिए कदम उठाये गये हैं।
मुझे खुशी है कि नई वैल्यू और सप्लाई चेन विकसित करने के लिए यूपी नया चैंपियन बनकर उभर रहा है। परंपरा और आधुनिकता से जुड़े उद्योगों का, एमएसएमई का एक बहुत ही सशक्त नेटवर्क यूपी में आज वाइब्रेंट है। भदोही की कालीन और बनारस का सिल्क है। यही वजह है कि यूपी भारत का टेक्सटाइल हब है।
भारत में 60 फीसदी से ज्यादा मोबाइल का उत्पादन होता है। सबसे ज्यादा मोबाइल कंपोनेंट यूपी में बनता है। डिफेंस कोरिडोर भी यूपी में बन रहा है। आज मेड इन इंडिया डिफेंस इक्विपमेंट की मांग लगातार बढ़ रही है। भारतीय सेना को भी हम अधिक से अधिक मेड इन इंडिया डिफेंस सिस्टम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं। इस महान काम का नेतृत्व इसी लखनऊ के कर्मवीर राजनाथ सिंह जी संभाल रहे हैं। साथियों यूपी में तो डेरी, फिशरीज और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में बहुत संभावना है।
फल और सब्जियों को लेकर यूपी में बहुत विविधता है, यह ऐसा सेक्टर है जहां अभी भी प्राइवेट सेक्टर की हिस्सेदारी बहुत सीमित है। फूड प्रोसेसिंग के लिए हम पीएलआई स्कीम लेकर आए हैं, इसका लाभ आपको उठाना चाहिए। सरकार का यह प्रयास है कि इनपुट से लकर पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट तक एक आधुनिक व्यवस्था किसानों के लिए बने। छोटे निवेशक एग्री इंफ्रा फंड का इस्तेमाल कर सकते हैं।