- दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों से बनवाये फर्जी वीडियो पीड़ित के मन में आया आत्महत्या का विचार
टीम एबीएन, रांची। बीसीसीआई के डिफरेंटली एबल्ड समिति के सदस्य रविकांत चौहान द्वारा दिव्यांग क्रिकेट खिलाड़ियों की भारत की सबसे बड़ी संस्था दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आफ इंडिया के महासचिव के खिलाफ बीसीसीआई की टीम में लेने का लुभावना सपना दिखाकर फर्जी वीडियो बनवाने का आरोप लगाया गया है।
दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आॅफ इंडिया के महासचिव हारून रशीद ने बताया दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आफ इंडिया द्वारा 2008 से भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम का संचालन किया जा रहा है। 2013 में बांग्लादेश खेलने गई टीम के एक सदस्य भीमसेन को खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर कर दिया था। भीमसेन ने एक अन्य संस्था फिजिकली चैलेंज्ड क्रिकेट एसोसिएशन आफ इंडिया नामक संस्था के सेक्रेटरी रवि चौहान से संपर्क किया। प्रतिस्पर्धा का फायदा उठाते हुए रविकांत चौहान ने भीमसेन से एक फर्जी वीडियो बनवा लिया, जिसमें भीमसेन ने हारून रशीद पर आरोप लगाया कि हारून रशीद ने बांग्लादेश पर गई टीम के अन्य खिलाड़ियों के मुकाबले भीमसेन से ज्यादा फीस ली गयी। जिसकी वजह से उसकी जमीन बिक गई। यह वीडियो उस समय बनवाया, जब पाकिस्तान की शारीरिक रूप से निशक्तजनों की टीम रविकांत चौहान की एसोसिएशन के साथ श्रृंखला खेलने भिवानी आई हुई थी।
गत वर्ष रवि चौहान को बीसीसीआई ने डिफरेंटली एबल्ड क्रिकेट समिति में स्थान दिया, जो कि सुप्रीम कोर्ट आफ इंडिया के डायरेक्शन के विपरीत है। इसके खिलाफ हारून रशीद लगातार खिलाफत कर रहे हैं। बीसीसीआई को इस संबंध में लीगल नोटिस भी भेजा गया है। इस बीच रविकांत चौहान ने एक बार फिर भीमसेन से संपर्क किया और उसको यह लालच दिया कि मैं बीसीसीआई का सदस्य हो गया हूं और भारतीय दिव्यांग क्रिकेट टीम बीसीसीआई में बन रही है। उसमें हारून रशीद सबसे ज्यादा रोड़ा डाल रहा है। बीसीसीआई की टीम में खेलने का प्रलोभन मिलते ही भीमसेन ने हारून रशीद के खिलाफ एक बार फिर वीडियो बना दिया।
इस वीडिओ को फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया पर डाला गया और वायरल किया गया। लेकिन बीसीसीआई की टीम नहीं बनी और इधर रविकांत चौहान ने लखनऊ में एक बड़ा टूर्नामेंट आयोजित किया। उस टूर्नामेंट में जब भीमसेन को उत्तर प्रदेश की टीम में भी जगह नहीं मिली और उसको लगा कि उसके साथ यह छल हो गया है। उसको पछतावा हुआ कि उसने गलत व्यक्ति का साथ देते हुए एक नेक इंसान का दिल दुखाया है। भीमसेन ने तत्काल प्रभाव में हारून रशीद से माफी मांगते हुए अपना एक वीडियो जारी किया, जिसमें उसने स्पष्ट रूप से कहा कि उसको बीसीसीआई की टीम में लेने का लालच दिया गया। इसलिए उसने यह झूठा वीडियो बना दिया। यह वीडियो सिर्फ भीमसेन ने ही नहीं बल्कि एक और खिलाड़ी रणवीर सिंह ने भी फर्जी वीडियो बनाया है। रणबीर भी बीसीसीआई का हवाला अपने वीडियो में दे रहा है।
नये साल की पहली सुबह पर द्वारा माफी मांगते हुए जो वीडियो बनाया है। उसको सोशल मीडिया पर हारून रशीद द्वारा डाला गया। संपूर्ण भारत में रविकांत चौहान के नाम की थू-थू हो रही है। दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आॅफ इंडिया के उपाध्यक्ष एवं महाराष्ट्र के अध्यक्ष भगवान तलवारे द्वारा रवि चौहान के इस कृत्य की घोर निंदा की है और हैरानी जाहिर की है कि ऐसे जालसाज और चालबाज व्यक्ति को बीसीसीआई लगातार मदद कर रही है। भगवान तलवारे ने कहा कि इस पूरे प्रकरण से बीसीसीआई को अवगत कराया जायेगा और आवश्यकता हुई तो संपूर्ण भारत में इसका विरोध प्रदर्शन किया जायेगा।
दिव्यांग क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड आफ इंडिया के अध्यक्ष मुकेश कंचन ने इस घटना को बहुत ही घटिया बताया है। सोशल मीडिया पर रवि चौहान से कहा कि उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी। इधर, हारून रशीद ने कहा जिस वक्त यह वीडियो सोशल मीडिया पर आये थे उस वक्त अपने आप में बहुत अपमान महसूस हो रहा था और बार-बार इच्छा हो रही थी कि किसी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली जाये। लेकिन सच्चाई की हमेशा जीत हुई है। जो सच था वह सारे जमाने के सामने आ गया है।