एबीएन स्पोर्ट्स डेस्क। मेस्सी की टीम जीत गई। समर्थक खुश हैं । लेकिन चंद मिनट पहले तक एम बापे की टीम भी दौड़ में थी। उस फ्रांस की टीम के खिलाड़ी कहीं जज्बात को रोक कर अर्जेंटीना की हर्ष ध्वनि को सुनते हुए टकटकी लगाए उल्लास के गवाह बन गए। लेकिन इस पूरे खेल में फ्रांस की टीम का एक खिलाड़ी अपने खेल की बदौलत छा गया। उसकी पैरों की चपलता देखकर दर्शक भी मंत्रमुग्ध रह गये।
मेस्सी अगर जादूगर हैं तो एम बापे नये बादशाह हैं। अभी तो हमें बापे की कई पारी देखनी है। शायद अगले विश्व कप में फिर उनका रोमांच दिखे। वैसे जीत के साथ हार की चर्चा भी होनी चाहिए। सबसे बड़ी बात है कि आप हारे कैसे। आपने किस स्तर की लड़ाई लड़ी। अर्जेंटीना भी दिल के किसी कोने में अपनी जीत के लिए ईश्वर के चमत्कार पर भरोसा कर रहा होगा। क्योंकि जीत के लिए ऐसा संघर्ष इतिहास में कम ही देखने को मिलता है। रोमांच और तनाव का ऐसा मिलन कम होता है।
इस बार का मैच कोई साधारण मैच नहीं था। यह दो टीमों के बीच उनके किलर इंस्टिंक्ट का भी इम्तिहान था। जिसमें शायद फ्रांस के खिलाड़ी अपनी एकाग्रता को कायम नहीं रख सके। अर्जेंटीना ने अपने सही मूव के कारण विजेता बनकर इतिहास रच दिया। आनेवाले समय में भी जब मैच की चर्चा होगी तो इन खिलाड़ियों की कहानी को हम गर्व से सुना सकेंगे। आज का मैच यादगार बन गया। (वरिष्ठ पत्रकार प्रभात गोपाल झा के फेसबुक वॉल से साभार)