टीम एबीएन, रांची। झारखंड-बंगाल के 33 ठिकानों से शुरू हुई आयकर की छापेमारी शुक्रवार को 17 ठिकानों पर जारी रही। 60 घंटे से चल रही छापेमारी में अब तक विभाग ने सभी ठिकानों से करीब 400 करोड़ रुपये की आयकर चोरी का मामला पकड़ा है।
छापेमारी शनिवार को भी जारी रहेगी, जो सिर्फ झारखंड के गिरिडीह में सरिया से संबंधित पांच फैक्ट्रियों में होंगी। ये कंपनियां सलूजा, मोंगिया के अलावा गंगा प्रसाद साव ग्रुप से संबंधित हैं। बुधवार की सुबह से रांची के डाक्टर मजिद आलम, सरिया कंपनी सलूजा, मोगिया व गंगा प्रसाद ग्रुप से जुड़े झारखंड व बंगाल के 33 ठिकानों पर छापेमारी शुरू हुई थी। इन तीन दिनों में संबंधितों के ठिकाने से तीन करोड़ रुपये से अधिक की नकदी मिली है।
आयकर की यह छापेमारी सभी संबंधितों से जुड़े झारखंड के 30 व कोलकाता के तीन ठिकानों पर दो दिनों तक चली। तीसरे दिन उक्त छापेमारी 17 ठिकानों पर हुई। चौथे दिन सिर्फ पांच ठिकानों पर छापेमारी जारी रहेगी। अब तक जिन ठिकानों पर छापेमारी हुई है, उनमें रांची, गिरिडीह व देवघर प्रमुख हैं।
छापेमारी में बरामद तीन करोड़ से अधिक के नकदी मामले में गिरिडीह की सरिया निर्माता कंपनी गंगा प्रसाद ग्रुप के ठिकाने से सर्वाधिक एक करोड़ पांच लाख रुपये मिले थे।
सलूजा के ठिकाने से भी एक करोड़ नकदी की बरामदगी हुई है। इनमें 40 लाख रुपये सलूजा के कोलकाता स्थित कार्यालय से मिले हैं। मोंगिया के ठिकाने से भी नकदी मिली है। इनसे जुड़े देवघर के सहयोगी के ठिकाने से भी बेनामी संपत्ति से संबंधित कागजात मिले हैं।
रांची के डॉक्टर मजिद आलम का इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक से कनेक्शन पुष्ट हुआ है। वे इस बैंक की आल इंडिया कमेटी में सदस्य हैं और इससे होने वाले लेन-देन में इनका हस्तक्षेप रहता है। उन्होंने इस बैंक के माध्यम से कर चोरी में क्या लाभ उठाया, इसकी जांच के लिए आयकर विभाग दूसरी सक्षम केंद्रीय जांच एजेंसी से अनुशंसा कर सकती है।
डॉ मजिद आलम के रांची के बरियातू स्थित आलम नर्सिंग होम के संचालक हैं।
आयकर विभाग ने अपनी छापेमारी में डॉ मजिद आलम के विरुद्ध करीब आठ करोड़ रुपये के कर चोरी का मामला पकड़ा है। आयकर विभाग को उनके ठिकानों से जो बैंकिंग लेन-देन व चल-अचल संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज बरामद किया है।