टीम एबीएन, रांची। ईडी को जेल का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने से जुड़े मामले में शुक्रवार को बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा होटवार का जेल अधीक्षक हामिद अंसारी ईडी कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से हाजिर हुए। कोर्ट ने 14 दिसंबर को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं कराने पर जेल अधीक्षक को तलब किया था। उनके साथ एजी कार्यालय से कोर्ट में पक्ष रखने के लिए अधिवक्ता आशुतोष आनंद भी पहुंचे।
उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेज देने में कुछ तकनीकी समस्या आ रही है। साथ ही निजता भी आड़े आ रही है। कुछ कैदियों ने भी लिख कर दिया है कि न दिया जाये। इससे निजता का हनन होगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि ईडी सिर्फ मुख्य जेल गेट के बाहर का सीसीटीवी फुटेज मांग रहा है। ईडी ने सीसीटीवी फुटेज जेल प्रशासन से लेने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने इसकी इजाजत दी है। इस पर कहा गया कि सरकारी सेवक से जुड़ा मामला है। इसको देखते हुए जेल मैनुअल देखने के लिए समय दिया जाए। इस पर अदालत ने अगली तारीख 21 दिसंबर निर्धारित की है। उसी दिन अदालत आदेश पारित कर सकता है।
बता दें कि ईडी के आवेदन पर अदालत ने आठ दिसंबर को ही मेन गेट का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की इजाजत दी थी। इसके बावजूद जेल प्रशासन ने फुटेज नहीं दिया। इसके बाद ईडी ने 14 दिसंबर को दोबारा अदालत में आवेदन दिया। जिस पर अदालत ने जेल अधीक्षक को बुलाया था।
कहीं उल्लंघन के कारण तो नहीं कराया जा फुटेज उपलब्ध :
अदालत के बाहर वहां मौजूद वकील आपस में बात कर रहे थे कि लगता है होटवार जेल में जेल मैनुअल का उल्लंघन हुआ है। जिसका खौफ जेल प्रशासन को सता रहा है। अगर ईडी को सीसीटीवी फुटेज मिल जायेगा तो जेल प्रशासन का मिलीभगत का पर्दाफाश हो जायेगा। बचने के लिए कैदियों की निजता के हनन का हवाला देकर टालमटोल किया जा रहा है।