एबीएन सेंट्रल डेस्क। गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनाव की सियासी सरगर्मी अब झारखंड में देखने को मिल रही है। एक तरफ झारखंड भाजपा के नेता जहां गुजरात मॉडल पर अपनी जीत का दावा कर रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ झारखंड की सत्ता में काबिज महागठबंधन लगातार उन्हें आईना देखने की नसीहत दे रहा है।
झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा के नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विपक्ष के नेताओं का गुजरात में प्रचार-प्रसार करने के लिए जाना बड़ा हास्यास्पद लगता है; क्योंकि जो 65 पार का दम भर रहे थे उन्होंने 25 पर अपनी पार्टी को समेट दिया और खुद की सीट भी नहीं बचा पाये। बाबूलाल मरांडी और रघुवर दास जैसे नेता गुजरात जायेंगे तो भाजपा की किरकिरी होगी; क्योंकि भाजपा के नेता जनाधार विहीन हो गये हैं।
वहीं भाजपा के रांची विधायक सीपी सिंह ने कहा कि गुजरात चुनाव में एक बार फिर जीत होगी और महागठबंधन का हाल उत्तर प्रदेश के जैसा होगा। सीपी सिंह ने विपक्ष को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि अगर दम है तो वो एकजुट होकर भी गुजरात में बीजेपी के खिलाफ आ जायें। उन्हें धूल चटाई जायेगी। भारतीय जनता पार्टी एक राष्ट्रीय पार्टी है, जो विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है और कोई भी कहीं भी प्रचार करने के लिए जा सकता है, इसमें किसी को परेशानी नहीं होनी चाहिए।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने भाजपा नेताओं और गुजरात मॉडल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी मुद्दाविहीन हो गयी है और उनके पास कोई मुद्दा नहीं है। गुजरात में खिसकते हुए जनाधार को बचाने के लिए पूरे देश के भाजपा नेता वहां पहुंच गये हैं। अब ऐसे में ये सवाल यह उठता है कि ये लोग लगातार गुजरात मॉडल का बखान करते हैं लेकिन उसकी हकीकत सबको पता है। इसलिए प्रधानमंत्री से लेकर तमाम नेता वहां रैलियां कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर गुजरात मॉडल इतना प्रभावशाली था तो प्रधानमंत्री को इतनी सभा क्यों करनी पड़ रही है। इसका मतलब साफ है कि गुजरात मॉडल सिर्फ दिखावा है और झारखंड के भाजपा के नेता टाय टाय फिश हो गये हैं, इसीलिए अब इनका चलने वाला नहीं है।