एबीएन सेंट्रल डेस्क। टी20 वर्ल्ड कप 2022 में भारत में पहली भिंड़त पाकिस्तान से होने जा रही है, सबकी नजर इस हाईप्रोफाइल मैच पर लगी हुई है। सबको उम्मीद है कि इस मैच में टीम इंडिया के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली का बल्ला जबरदस्त ढंग से चलेगा। दरअसल, इसके पीछे दो कारण है, पहला ये कि पाकिस्तान के खिलाफ विराट कोहली का शानदार रिकॉर्ड और दूसरा कंगारूओं की धरती पर कोहली का अब तक दमदार परफार्मेंस। ऐसे में सबको आशा है कि कोहली का बल्ला खूब चलेगा, लेकिन भारत के पूर्व क्रिकेटर गौतम गंभीर ने विराट कोहली को लेकर एक बड़ा बयान दे दिया है। टीम इंडिया के पूर्व स्टाइलिश बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कोहली को सलाह दी है कि टीम इंडिया के रन मशीन को केवल रन बनाने के बारे में सोचना चाहिए ना कि पर्सनल रिकार्ड के बारे में। दरअसल, स्टार स्पोर्ट्स ने ऑस्ट्रेलिया में टी20 मैच में विराट कोहली की खेली गई आस्ट्रेलिया की पारी के बारे में एक रूपरेखा प्रस्तुत की थी और इस बारे में गौतम गंभीर से राय मांगी थी, जिस पर गंभीर ने जवाब देते हुए कोहली को नसीहत दे डाली। उन्होंने कहा कि मेरे ख्याल से कोहली या किसी भी खिलाड़ी का फोकस इस वक्त विश्वकप को जीतने में होना चाहिए, उसको केवल ये सोचना चाहिए इस कप को जीतने के लिए क्या-क्या करना है, न कि उसे पचासे और सैकड़े के बारे में सोचना चाहिए क्योंकि इंडिया विश्वकप जीतती है तो इससे बड़ा कोई खिताब हो ही नहीं सकता है लेकिन अगर टीम अच्छा परफार्म नहीं करती है, तो अकेले किसी खिलाड़ी के 50 और 100 रन के कोई मायने नहीं हैं। इसलिए हर खिलाड़ी को पर्सनल रिकार्ड के बारे में नहीं सोचना चाहिए। गंभीर ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि जहां तक विराट कोहली का प्रश्न है तो उन्हें मैदान में केवल रन बनाने के इरादे से उतरना चाहिए, न कि सेंचुरी जड़ने के इरादे से। वो शानदार बल्लेबाज हैं और उन्हें केवल स्कोर कैसे करना है, उसके बारे में सोचना चाहिए। अगर आप चालीस या तीस रन जोड़ते हैं और उससे आपकी टीम जीत जाती है तो ये बड़ा काम है लेकिन अगर शतक मारे और टीम हार जाये तो उसका कोई अर्थ नहीं है न। इसलिए बड़े टूर्नामेंट को खेलते वक्त अपने पर्सनल रिकार्ड की सोच को घर पर रखकर आना चाहिए। बता दें कि गंभीर ये बात आसानी से कह सकते हैं क्योंकि साल 2011 के विश्वकप के फाइनल में उन्होंने ऐसी ही शानदार पारी खेली थी, जहां उन्होंने 97 रन बनाये थे। उस वक्त उनका पूरा फोकस शतक पर नहीं बल्कि भारत को विश्वविजेता बनाना था और इसलिए उन्होंने रिस्क लिया था और वो आउट हो गये थे, वो चाहते थे तो शतक के लिए वेट कर सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और इसी शानदार पारी की वजह से वो हमेशा याद किए जाते हैं। बता दें कि गौतम गंभीर 2007 और 2011 में विश्वकप जीतने वाली टीम के अहम सदस्य रह चुके हैं।