सदर प्रखंड के हिरही में कार्तिक उरांव की जयंती सह जतरा आयोजितटीम एबीएन, लोहरदगा। कार्तिक उरांव जतराआयोजन समिति हिरही के तत्वावधान में कार्तिक उरांव के जयंती के अवसर पर हिरही ग्राम में आयोजित जयंती से जतरा कार्यक्रम का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में लोहरदगा लोकसभा कांग्रेस प्रभारी पूर्व विधायक सुखदेव भगत उपस्थित थे। सुखदेव भगत सबसे पहले पाहन, पुजार के साथ कार्तिक उरांव के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित किए फिर आयोजन समिति के द्वारा सुखदेव भगत को प्रतिमा स्थल से पारंपरिक ढंग से स्वागत कर सभा स्थल तक लाया गया। मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए सुखदेव भगत ने कहा कि कार्तिक उरांव आदिवासियों के मसीहा थे। जतरा के माध्यम से स्वर्गीय कार्तिक उरांव को याद करने एवं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए आयोजन समिति को बधाई दिए।सुखदेव भगत ने कहा कि आज कार्तिक उरांव की मृत्यु हुई लगभग 42 वर्ष हो गया, उसके बावजूद पूरे झारखंड में उनकी जयंती समारोह भव्य रूप से मनाया जाता है वह इस बात को दशार्ता है कि आदिवासियों के बीच कार्तिक उरांव के लिए कितना प्रेम और सम्मान है। कार्तिक उरांव एक गरीब परिवार में जन्मे और विदेशों में पढ़ाई किये। वे कर्मठ एवं स्पष्ट वादी नेता थे। कार्तिक उरांव जब वह पहली बार सांसद बने तो उन्हें केंद्रीय मंत्री बनाने का आफर आया था लेकिन वे मंत्री नहीं बने वह इसलिए कि मंत्री बनने से वह समाज से दूर हो जायेंगे आदिवासियों के लिए काम करने का समय नहीं मिलेगा। उनके आदर्शों को आत्मसात करने की आवश्यकता है यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस दौरान सुखदेव भगत वहां पर आए खोड़हा दलों के साथ सामूहिक नृत्य में सहभागिता निभायें। आयोजन समिति ने आये सभी खोड़हा दलों को पुरस्कृत किया। मौके पर लोहरदगा लोकसभा कांग्रेस समन्वय समिति के सदस्य आलोक कुमार साहू, आयोजन समिति के अध्यक्ष बुधन उरांव, सचिव वाजी उरांव, पाहन आकाश उरांव, पुजार संदीप उरांव, फूलदेव उरांव, बच्चू उरांव नारायण भगत, सुनील भगत, केशव उरांव, राम किशोर उरांव बुधराम उरांव, वीरेंद्र यादव सहित काफी संख्या में ग्रामीण एवं खोड़हा दल के लोग उपस्थित थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। नवरात्र पर पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी में निर्बाध व्यापारिक संचालन व सौहार्दपूर्ण माहौल में दुर्गा पूजा और रावण दहन कार्यक्रम सम्पन्न होने पर चैंबर प्रतिनिधि मंडल ने उपायुक्त, एसडीओ तथा सदर थाना प्रभारी से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी है। जिला पुलिस कप्तान हारिश बिन जमां से मुलाकात का समय मिला था, परंतु आज सुबह इनके अंगरक्षक की सड़क दुर्घटना में मौत के बाद आज मुलाकात नहीं करने का निर्णय लिया गया। चैंबर आफ कॉमर्स का एक प्रतिनिधिमंडल चैंबर अध्यक्ष रीतेश कुमार की अगुवाई में नव पदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी अमित कुमार से मिलकर अंगवस्त्र तथा पुष्पगुच्छ देकर इनका स्वागत किया तथा लोहरदगा में व्यावसायिक हित को लेकर बातचीत की। जबकि जिला उपायुक्त डॉ बाघमारे कृष्ण कुमार तथा सदर थाना प्रभारी अनिल उरांव से भी मुलाकात कर उनको पुष्पगुच्छ व अंगवस्त्र देकर लोहरदगा चैंबर आफ कॉमर्स ने सम्मानित किया। लोहरदगा जिला में नवरात्र पर जिला में निर्बाध व्यापारिक संचालन, दुर्गा पूजा में चुस्त दुरुस्त विधि व्यवस्था हेतु तथा रावण दहन मेला में सौहार्दपूर्ण माहौल में मुस्तैदी के साथ प्रशासन के सहयोग से सफलतापूर्वक मेला संपन्न करवाने हेतु उन्हें साधुवाद दिया। मुलाकात के दौरान बातचीत के क्रम में लोहरदगा जिला में व्यापारियों को सदैव स्वच्छ माहौल देकर निडरता पूर्वक व्यापार करने की प्रशासन द्वारा बात कही गयी तथा साथ ही साथ जिला के आद्योगिक विकास हेतु हर सम्भव मदद करने हेतु भी आश्वस्त किया गया। वहीं सरकार द्वारा लागू विभिन्न स्कीमों के तहत लघु उद्योगों को लगाने पर सब्सिडी से लेकर अन्य सभी जरूरी सहयोग किये जाने पर भी चर्चा हुई। चैंबर अध्यक्ष रितेश कुमार ने भी अपनी बात रखते हुए कहा कि पुलिस प्रशासन के साथ सामंजस्य बनाकर लोहरदगा जिला के व्यावसायिक व आद्योगिक विकास को गति देना ही चैंबर का प्रमुख लक्ष्य है। अत: जिला में सौहार्दपूर्ण माहौल बनाये रखने हेतु सम्पूर्ण चैंबर प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार है। आगे भी प्रशासन ऐसा ही निर्भीक माहौल व वातावरण बनाये रखे, जिससे जिला के व्यापारी निर्भीकता के साथ अपना व्यवसाय को सकरात्मक गति दे सके। वहीं जिला पुलिस कप्तान हारिश बिन जमां सर से आज मुलाकात का समय मिला था, परन्तु आज सुबह इनका अंगरक्षक का सड़क दुर्घटना में मृत्यु के कारण आज मुलाकात नहीं करने का निर्णय लिया गया।प्रतिनिधि मंडल में रितेश कुमार के साथ साथ सह सचिव अनीश मित्तल, कार्यकरिणी सदस्य उत्तम कुमार, पीयूष केशरी सदस्य भोला कुमार अग्रवाल, प्रशांत कुमार खत्री शामिल थे।
टीम एबीएन, लोहरदगा। मनोहर लाल अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर इंटर महाविद्यालय और शीला अग्रवाल सरस्वती विद्या मंदिर (उच्च विद्यालय) लोहरदगा के चार एथलीट बेतिया में 31 अक्टूबर से 8 नवंबर तक होने वाले विद्या भारती की नेशनल एथलेटिक्स में भाग लेने के लिए सोमवार सुबह रवाना हुए। तरुण वर्ग में महाविद्यालय की टीम में अल्पना शैली उरांव भाला फेंक में भाग लेगी। सुजल बाखला ऊंची कूद में भाग लेंगे और रोहित उरांव 6 किलोमीटर क्रॉस कंट्री दौड़ एवं 3000 मी दौड़ में शामिल होंगे। जबकि विद्या मंदिर से बाल वर्ग में लंबी कूद और 200 मीटर दौड़ में कमलेश उरांव मेडल की रेस लगायेंगे। टीम दोपहर में लोहरदगा से राजकमल सरस्वती विद्या मंदिर, धनबाद पहुंचेगी। यहां से पूरे झारखंड प्रांत के एथलीट्स एक साथ बेतिया बिहार के लिए प्रस्थान करेंगे। नेशनल एथलेटिक्स में झारखंड और बिहार के सभी एथलीट्स विद्या भारती उत्तर पूर्व क्षेत्र (झारखंड, उत्तर बिहार और दक्षिण बिहार) का प्रतिनिधित्व करेंगे। टीम को संरक्षक आचार्य के रूप में महाविद्यालय की शिक्षिका यशोदा कुमारी लेकर रवाना हुई।
बेल्ट सर्टिफिकेट वितरण समारोह का हुआ आयोजन टीम एबीएन, लोहरदगा। एसएस स्पोर्टस कराटे एसोसिएशन एवं शोतोकान स्कूल कराटे एसोसिएशन आफ झारखंड के संयुक्त तत्वावधान में ललित नारायण स्टेडियम में बेल्ट सर्टिफिकेट वितरण समारोह का आयोजन किया गया। मौके पर रेंसी श्रवण साहू ब्लैक बेल्ट छठवीं डॉन एवं सेंसी दिव्याकाश साहू ब्लैक बेल्ट द्वितीय डॉन ने सफल कराटेकारों को बेल्ट और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। ज्ञात हो कि 15 अक्टूबर को द डोजो बीआईडी में रेंसी साहू ने ग्रेडिंग लिया था। उस ग्रेडिंग में सफल कराटेकारों को सर्टिफिकेट एवं बेल्ट देकर सम्मानित किया गया, जिसमें ब्लू से पर्पल बेल्ट यश उरांव, आनंद उरांव और आदर्श उरांव ग्रीन से ब्लू बेल्ट संतुष्टि महली और प्रियांशु सिंह आरेंज से ग्रीन बेल्ट मृगांक वैभव यलो से आरेंज बेल्ट मुस्तरी खातून वाईट से यलो बेल्ट सुनीत उरांव इन सभी को बेल्ट और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। मौके पर लोहरदगा जिला कराटे संघ की कोषाध्यक्ष सिल्पा खेस, शिक्षक रमेश मिश्रा, बिनोद उरांव, प्रकाश उरांव, विनय सिंह आदि मौजूद थे।
मुख्यमंत्री ने लोगों से कहा- पार्क की स्वच्छता और खूबसूरती को बनाए रखने में करें सहयोग टीम एबीएन, दुमका/ रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आज दुमका वासियों को दुमका- बंदरजोरी जैव-विविधता पार्क की सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने लोगों से कहा कि यह पार्क आपका है। आप सपरिवार यहां नियमित रूप से आते रहें और पूरा मनोरंजन और आनंद लें। लेकिन, स्वच्छता के साथ इसकी खूबसूरती बनी रहे, इसमें पूरा सहयोग करें। आपके सहयोग से ही पार्क का रख-रखाव बेहतर तरीके से संभव हो पायेगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क में जल्द कई और सुविधाएं उपलब्ध करायी जायेगी। मुख्यमंत्री ने पार्क में बच्चों के साथ सेल्फी भी ली। मौके पर कृषि मंत्री बादल, राजमहल सांसद विजय हांसदा, विधायक नलिन सोरेन, मुख्यमंत्री के सचिव विनय कुमार चौबे और दुमका जिले के उपायुक्त तथा पुलिस अधीक्षक समेत जिला प्रशासन के कई अधिकारी मौजूद थे।
साहू भारत में पत्रकारिता की आत्मा ग्रामीण अंचलों में निवास करती हैएनयूजे (आई) के स्वर्ण जयंती वर्ष पर झारखंड राज्य जर्नलिस्ट्स यूनियन बैठक -सह- गोष्ठी का आयोजन कियासांसद ने की लोकतांत्रिक व्यवस्था में पक्ष और विपक्ष को समुचित स्थान कवरेज में देने की अपीलटीम एबीएन, रांची। लोकतांत्रिक व्यवस्था में पत्रकार और पत्रकारिता को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। पत्रकारिता समाज और राष्ट्र का दर्पण है दर्पण सदैव सही छवि प्रस्तुत करता है। यह स्मरण में रखने की जरूरत है। वर्तमान समय में पत्रकारिता प्रतिपक्ष के लोगों के प्रति समुचित न्याय नहीं कर पा रहा है। सांसद से लेकर सड़क तक प्रतिपक्ष और विपक्ष की आवाजों को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में जो स्थान मिलना चाहिए, वह नहीं मिल पा रहा है। इसके लिए पत्रकारों को चिंतन- मंथन करने की जरूरत है। उक्त बातें झारखंड से राज्यसभा सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कही। वह 29 अक्टूबर को झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा में स्थित पुराना विधानसभा परिसर के विधायक क्लब भवन में झारखंड स्टेट जर्नलिस्ट यूनियन के तत्वावधान में नेशनल जर्नलिस्ट यूनियन (इंडिया) के स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में आयोजित बैठक सह विचार गोष्ठी को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।सांसद श्री साहू ने कहा की झारखंड के पत्रकार विपरीत परिस्थितियों में समाचार संकलन और ऑपरेशन का काम कर रहे हैं। इस दौरान उन्हें कई चुनौतियां मिली है। कई लोगों को जान गंवाना पड़ा है। निश्चित रूप से झारखंड के पत्रकार निष्पक्ष और निर्भीक हैं। यही वजह है कि झारखंड के ग्रामीण अंचलों में पत्रकारिता की आत्मा आज भी निवास करती है। अपराध के अलावा पत्रकारों को खेल, कला- संस्कृति और खेती-किसानी पर्यावरण को भी समुचित स्थान देनी चाहिए।आजादी की लड़ाई के दौरान पत्रकारिता जनता के बीच स्वच्छ और निष्पक्ष आईना दिखाने का काम कर रहा था। पत्रकार भी निर्भिक होकर अपने दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। पत्रकारों को समाज और राष्ट्र के लिए ईमानदारी से सही दिशा और दशा प्रस्तुत करनी चाहिए। भारत के लोगों को कुछ समय से सही जानकारी से वंचित रखने का कुत्सित प्रयास हो रहा है। हम चाहते हैं, कि पत्रकार समाज के लोगों को समाज के आईने में सही छवि दिखायें। प्रजातंत्र में पत्रकारिता की भूमिका सदैव अग्रणी रही है। पत्रकार सम्मान के अधिकारी हैं। उन्हें यह स्थान समाज देता भी है।सांसद धीरज प्रसाद साहू ने कहा कि पत्रकारों की स्थिति और परिस्थिति के मद्देनजर वह व्यक्तिगत रूप से राज्य के सरकार के मुखिया को अवगत करायें। यही नहीं पत्रकारों की मांगों को लेकर उनके साथ वह मुख्यमंत्री से भी मिलेंगे, जो भी उनकी जायज मांगें होगी। उसे पूरा करने का काम किया जायेगा। दूसरे राज्यों में जो सुविधा पत्रकारों को मिल रही है, वह झारखंड के भी पत्रकारों को मिलनी चाहिए।एनयूजे (आई) के वरीय उपाध्यक्ष-सह- बिहार, झारखंड और उड़ीसा के प्रभारी दीपक मुखर्जी ने इस मौके पर कहा कि हमारा फेडरेशन निश्चित रूप से पत्रकार और राष्ट्रहित के लिए समर्पित संगठन है। 2015 से 17 तक कुछ विपरीत परिस्थितियों के बावजूद संगठन आज देश में सबसे बड़ा 21 राज्यों में फैला हुआ है। इसके 25000 से अधिक सदस्य हैं। वर्तमान में चंडीगढ़ के अशोक मलिक और भोपाल के सुरेश शर्मा क्रमशः इसके अध्यक्ष और महासचिव हैं। कश्मीर से असम तक हिमाचल से राजस्थान तक संगठन का विस्तार है। संगठन ने 50 सालों का शानदार सफर तय किया है।झारखंड स्टेट जर्नलिस्ट यूनियन जेएसजेयू के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष बलदेव प्रसाद शर्मा ने इस मौके पर कहा की यूनियन राज्य में पत्रकारों को सहयोग देने की अग्रणी संगठन बन गयी है। कई पत्रकारों को आर्थिक और सामाजिक सहयोग करने के साथ उनके हर परिस्थिति में संगठन सदैव खड़ा रहता है। इस मौके पर उन्होंने पांच सूत्री प्रस्ताव भी पारित किया।जेएसजेयू के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष एसके मिश्रा ने इस मौके पर कहा की यह संगठन निश्चित रूप से समाज और राष्ट्र के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पत्रकारों की संरक्षा और सुरक्षा के लिए काम करती है। यह पत्रकारों के बीच चर्चा का विषय भी है। यही वजह है, कि संगठन में अच्छे और समर्पित लोग जुड़े हुए हैं और जुड़ रहे हैं।संगठन के प्रदेश कोषाध्यक्ष ग्रीन रिवॉल्ट के संपादक मनोज शर्मा ने कहा कि हमें गर्व है कि जेएसजेयू संगठन में अच्छे, निष्पक्ष, निर्भीक और बेदाग पत्रकार हैं। यह हमें और संगठन से जुड़े लोगों को गौरवान्वित करता है। संगठन के प्रदेश कार्यकारी महासचिव राजीव कुकरेजा ने कहा कि संगठन का गौरवशाली इतिहास रहा है। निश्चित रूप से इस संगठन से जुड़े पत्रकार अपने दायित्व का ही नहीं कर्तव्यों का भी ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करते हैं।साइंस मैगजीन बायोवीरा के संपादक डॉ प्रसेनजीत मुखर्जी ने इस मौके पर कहा, कि हमें गर्व है कि संगठन ने हमें आमंत्रित किया। पत्रकारिता न केवल पीड़ितों और गरीबों को न्याय दिलाने बल्कि समाज और राष्ट्र के साथ खड़े होने का सशक्त माध्यम है। विकास और जनजागरण का मजबूत हथियार भी है। विज्ञान के क्षेत्र में विकास और राज्य की वैज्ञानिक सोच को आगे बढ़ाने की जरूरत है।कार्यक्रम को वरीय पत्रकार हरिओम सुधांशु समेत कई लोगों ने संबोधित किया। कार्यक्रम में विशेष रूप से अवनी कुमार, संजय सिन्हा, सीताराम, इमरान, ओमप्रकाश साहू, शैलेश कुमार, अंगद प्रसाद गुप्ता, देवकुमार सिंह, अरविंद पाठक, आनंद सोनी, रवि सिन्हा, सतीश सिंह, बीके सिंह, मुनेश्वर साहु, सीताराम साहू, यूके सिंह आदि मौजूद थे। इस मौके पर अतिथियों और पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
4 दिसंबर को संसद मार्च में सैकड़ों की संख्या में दिल्ली चलो का आह्वानटीम एबीएन, झुमरीतिलैया। देश में दलितों के उपर बढ़ते अत्याचार, संविधान को बदलने की साजिश व एससी एसटी अल्पसंख्यक तथा पिछड़े वर्गों की योजनाओं में लगातार हो रही कटौती के खिलाफ व आरक्षण की रक्षा के लिए दलित शोषण मुक्ति मंच (डीएसएमएम) के तत्वावधान में रविवार को साहु भवन झुमरीतिलैया में संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के संकल्प के साथ जिला स्तरीय दलित समागम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डीएसएमएम के जिलाध्यक्ष दिनेश रविदास ने किया। जबकि संचालन जिला सचिव शम्भु पासवान ने किया।सर्वप्रथम भीम आर्मी के रंजीत कुमार राम के द्वारा संविधान की प्रस्तावना का पाठ किया गया। डीएसएमएम के राज्य सचिव दिनेश रविदास ने दलित समागम के उदेश्य पर प्रतिवेदन रखा।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि देश की आजादी के 76 वर्ष बीत जाने के बाद भी सामाजिक उत्पीडन की सबसे गंभीर मार दलितों, अतिशुद्रों या अनुसूचित जातियों को झेलना पड़ रहा है। पिछले नौ वर्षों से दलितों, आदिवासियों, पिछड़े व अल्पसंख्यकों को शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में उनके संवैधानिक अधिकारों से वंचित करने का काम किया जा रहा है।केंद्र सरकार के द्वारा अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के खिलाफ अत्याचार निवारण कानून को निष्प्रभावी बनाने के लिए संविधान की धर्मनिरपेक्ष भावना और संघीय ढांचे को कमजोर करने के लिए पूरा जोर लगा दिया है और लोकतंत्र की रक्षा करने वाली तकरीबन सभी संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर किया है।यहां तक कि न्यायालय को भी नहीं बख्शा जा रहा है। जहां एक ओर जन कल्याणकारी योजनाओं में कटौती की जा रही है, वहीं दूसरी ओर देश के दलितों के उपर व्यापक रूप से अत्याचार बढ़ रहा है। संविधान की शपथ लेने वाली यह सरकार लगातार संविधान को कमजोर कर रही है ऐसे वक्त में तमाम दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यकों को एक मंच पर आने की जरूरत है। कार्यक्रम को सीटू के राज्य सचिव संजय पासवान, मजदूर नेता प्रेम प्रकाश, आंगनबाड़ी नेत्री मीरा देवी, वामसेफ के दुर्गा राम, किसान सभा के ग्यासुद्दीन अंसारी, चिकित्सा कर्मी दिनेश कुमार दास आदि ने सम्बोधित किया।समागम में दलितों की मांगों पर देशव्यापी हस्ताक्षर अभियान में कोडरमा जिला से दस हजार हस्ताक्षर एकत्रित करने व 04 दिसंबर को संसद मार्च में सैकड़ों की संख्या में दिल्ली चलो का आह्वान किया गया।समागम में दलितों को ग्रामीण और शहरी आम संसाधनों पर समान हिस्सेदारी के लिए कानून बनाने, भोजन सुरक्षित पेयजल कपड़े आवास सार्वजनिक स्वास्थ्य सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक सेवाओं सहित दलित महिलाओं और पुरूषों के कल्याण के अधिकारों को सुनिश्चित करने, दलितों को जीवन निर्वाह के लिए 5 एकड़ खेती योग्य भूमि देने, पूर्व में दलितों को मिले भुदान, बंदोबस्त में प्राप्त जमीन का रशीद काटने, नई शिक्षा नीति को वापस करने और सभी दलितों के लिए अनिवार्य, मुफ्त और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा तुरंत लागू करने, जाति उन्मूलन सुनिश्चित करने, युद्ध स्तर पर दलितों के सभी बैकलॉग रिक्तियों को सिर्फ अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों से तुरंत भरने, राज्य में एससी एसटी के लिए जाति प्रमाण पत्र हेतु वर्ष 1950 का खतियानी दस्तावेज की बाध्यता समाप्त करने, दलितों के मुकदमों को फास्ट ट्रैक कोर्ट से निष्पादन करने, बंदोबस्त भूमि पर कब्जा दिलाने, एससी एसटी कर्मचारियों को पद्दोनति देने, राज्य में अनुसूचित आयोग का गठन करने, दलितों के विकास के लिए व्यापक उप योजना बनाने, वनाधिकार अधिनियम के तहत वन भूमि पर बसे दलितों को जमीन का पट्टा देने आदि मांगों का प्रस्ताव पारित किया गया।कार्यक्रम में भीखारी तुरी, संजय कुमार दास, राहुल कुमार, सुरेश कुमार, रंजीत राम, बाबूलाल पासवान, सरफराज खान, टेकलाल दास, तानेश्वर राम, भुना भूइयां, कारू दास, जितेंद्र दास, नागेश्वर दास, भीम आर्मी के कृष्णा पासवान सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
हम अपने देश को एक ही नाम से पुकारे केवल भारत : विजय कुमार जैनदुनिया में सिर्फ भारत ऐसा देश है जहां भारत को भारत मां कहा जाता है : संजय सेठटीम एबीएन, रांची। मैं भारत हूं फाउंडेशन एवं श्री माहेश्वरी सभा के संयुक्त तत्वाधान में महेश्वरी भवन में भारत को केवल भारत ही बोला जाए इंडिया नहीं एक देश एक नाम के तर्ज पर भारत नाम सम्मान विषयक पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ सम्मानित अतिथियों रांची के सांसद संजय सेठ, राज्यसभा सांसद महुआ मांझी, पूर्व सांसद अजय मारू, मैं भारत हूं फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार जैन, राष्ट्रीय महामंत्री शोभा सादानी, कोषाध्यक्ष निशा लढ्ढा, श्री माहेश्वरी सभा के रांची अध्यक्ष किशन कुमार साबू, कार्यक्रम संयोजक मुकेश काबरा, एवं चेंबर अध्यक्ष किशोर मंत्री ने दीप प्रज्वलित कर की। स्वागत भाषण अध्यक्ष किशन कुमार साबू ने देते हुए सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत पुष्प गुच्छ, मोमेंटो, एवं मैं भारत हूं का दुपट्टा ओढ़ाकर की।मैं भारत हूं फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार जैन ने भारत नाम सम्मान पर विस्तृत जानकारी देते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि किसी भी इंसान के संवैधानिक नाम दो नहीं हो सकते, तो हमारे देश के दो नाम क्यों? लोग कहते हैं और हम सभी को बताया भी गया है कि इंडिया का मतलब भारत होता है, भारत का मतलब इंडिया होता है, क्या कभी नाम का अनुवाद हो सकता है, जब नाम का अनुवाद नहीं हो सकता तो इंडिया का मतलब भारत या भारत का मतलब इंडिया कैसे हो सकता है? हमारे देश का नाम भी एक ही रहना चाहिए केवल भारत।क्योंकि हजारों सालों से हमारे देश का नाम भारत ही रहा है हमने लगभग ढाई सौ साल गुलामी की दास्तान सही और अपने आप को इंडियन कहने के लिए मजबूर हुए, पर आज हम स्वतंत्र हैं और हम चाहते हैं कि हम भारतीय बने रहें, क्योंकि पुराणों व वेदों में हमारे देश के नाम का उल्लेख भारत ही मिलता है। पिछले 14 सालों से लगातार हमारा प्रयास रहा है कि हम अपने देश को एक ही नाम से पुकारें केवल भारत।रांची के सांसद संजय सेठ ने कहा कि भारत को कई नाम से जाना जाता है। दुनिया में कोई ऐसा देश नहीं जो अपना देश को मां कहता हो, किंतु भारत ही ऐसा देश है जहां भारत को भारत माता कहा जाता है। हम सब को संकल्प लेना चाहिए कि भारत को सिर्फ भारत ही बोला जाये।महाभारत में भी भारत का जिक्र है। हिंदी हमारी मातृभाषा है। दुनिया में संपन्न राष्ट्र जिस समाज ने अपनी भाषा को छोड़ी है वह देश का पतन हुआ है। उन्होंने कहा कि गुलामी की मानसिकता को छोड़ना है। भारत को इंडिया ना बोलकर भारत बोलना है तथा हिंदी में ही हस्ताक्षर भी करना है।राज्यसभा सांसद महुआ मांझी ने भारत का पुरजोर समर्थन करते हुए कहा कि हम अंग्रेजों का दिया हुआ कुछ भी ना रखें। तथा अपने बच्चों को हिंदी मीडियम स्कूल में पढ़ाये, अपने आत्म सम्मान की रक्षा स्वयं करें।पूर्व सांसद अजय मारू ने कहा कि सभी भारतीयों को भारत शब्द का प्रयोग करना चाहिए। तथा भारत को ही अपने दिल में रखना चाहिए। आने वाले वर्षों में भारत ही विश्व की तीसरी शक्ति बनेगा। उन्होंने मैं भारत हूं फाउंडेशन के चलाए जा रहे हैं अभियान की भूरी-भूरी प्रशंसा की।विचार -गोष्ठी को मैं भारत हूं फाउंडेशन की राष्ट्रीय महामंत्री शोभा सादानी, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष निशा लट्ठा, ने अपने संबोधन में कहीं की मैं भारत हूं फाउंडेशन, एक अंतरराष्ट्रीय संस्था है, संस्था ने विश्व के कोने-कोने में फैले भारतीयों को बताने का प्रयास किया है कि नाम का कभी अनुवाद नहीं होता, भारत को केवल भारत ही बोला जाना चाहिए।विचार गोष्ठी का संचालन कार्यक्रम संयोजक मुकेश काबरा ने की। तथा धन्यवाद- ज्ञापन शिव शंकर साबू ने किया। इस अवसर पर मैं भारत हूं पर एक बेहतरीन चलचित्र वीडियो क्लिप भी दिखाया गया। तथा छोटे-छोटे बच्चों ने नृत्य एवं मनमोहन नाटक के माध्यम से लोगों में जोश भर दी तथा पूरा परिसर भारत माता की जय, जय भारत, मेरा भारत, मेरी पहचान से गुंजमान हो उठा। कार्यक्रम के मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने बताया कि विचार गोष्ठी में-नरेंद्र लाखोटिया, वासुदेव भल्ला, बसंत मित्तल, मुकेश काबरा, किशोर मंत्री, पदम् चंद्र जैन, सुरेश चंद्र अग्रवाल, अनिल कुमार खेतान, रमन बोढा, संजय सर्राफ, अशोक पुरोहित, अशोक चौधरी, नंदकिशोर पाटोदिया, अरुण बुधिया, कौशल राजगढ़िया, प्रेम मित्तल, अमित चौधरी, पवन शर्मा, रवि शर्मा, मनोज बजाज, शिव शंकर साबू, प्रदीप राजगढ़िया, परेश गठानी, आदित्य मल्होत्रा, पवन मंत्री, दीपक मारु, अजय राय, धर्मेंद्र तिवारी, अमरेश श्रीवास्तव, पंकज कुमार, विनय मंत्री, गौरव काबरा, के के गुप्ता, नीरज भट्ट, पृथ्वी चौधरी विजय वर्गीय, मनीष लोधा, रमेश शर्मा भारती चितलांगिया, विमल फ्लोर, आयुषी काबरा, स्वाति काबरा, विनीता चितलांगिया, पूनम राठी, आदि के अलावे माहेश्वरी महिला सभा, माहेश्वरी युवा संगठन, के सदस्यगण एवं नगर के विशिष्टगण उपस्थित थे।
टीम एबीएन, रांची। बहुमुखी प्रतिभा के धनी डॉ दीपक प्रसाद सहायक आचार्य कार्तिक उरांव महाविद्यालय गुमला के बीएड संकाय में पिछले 2016 से परफॉर्मिंग आर्ट (नाट्य कला) विषय विशेषज्ञ के रूप में अपनी सेवा दे रहे हैं। इन्होंने पिछले 26 वर्षों से रंगकर्म, अभिनय, निर्देशन लेखन, पत्रकारिता एवं शिक्षण- शिक्षा, समाज सेवा के क्षेत्र में बहुमूल्य योगदान देते आ रहे हैं, डॉ दीपक अपने झारखंड राज्य के अलावा देश के अन्य राज्यों में भी रंगमंच की प्रस्तुति करते रहे हैं। विभिन्न शिक्षण संस्थानों एवं विश्वविद्यालयों में अपनी प्रतिभा का ज़ोहर दिखा चुके हैं। डॉ प्रसाद कई राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलनों में अपने व्याख्यान दे चुके हैं। इनका शोध आलेख देश एवं अंतरराष्ट्रीय पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशित हो चुकी है। इन्होंने अपना शोध कार्य झारखंड के लोकनाट्य एवं लोक नृत्य के ऊपर संपन्न किया है। इनकी बहुमुखी प्रतिभा को सराहते हुए गुरु फाउंडेशन, रोहतक के द्वारा महर्षि वाल्मीकि जयंती 2023 के अवसर पर शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय एवं अद्वितीय सेवा प्रदान करने हेतु महर्षि वाल्मीकि सम्मान 2023 से सम्मानित किया गया। मौके पर संस्था के अध्यक्ष अमित सिंह सचिव अनिल कुमार ने कहा की आज 29 अक्टूबर 2023 के इस पावन दिन के उपलक्ष में एक अप्रतिम प्रबुद्ध और प्रतिभाशाली कर्मयोगी के रूप में आपको सम्मानित करते हुए हमें असीम हर्ष और गौरव की अनुभूति हो रही है। आपको यह अलंकरण समर्पित करते हुए गुरु फाउंडेशन गौरवान्वित महसूस कर रही है।
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