मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अचानक बोकारो पहुंचेटीम एबीएन, बोकारो/ रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को अचानक हवाई मार्ग से बोकारो पहुंचे। बोकारो एयरपोर्ट पर डीसी और एसपी ने उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी कल्पना सोरेन और दोनों पुत्र भी बोकारो आये हैं। मुख्यमंत्री की पत्नी का स्वागत ट्रैफिक डीएसपी पूनम मिंज ने किया। मुख्यमंत्री को-आपरेटिव कॉलोनी स्थित दंत चिकित्सक डॉक्टर एके सिन्हा के यहां सड़क मार्ग से गये। इसे मुख्यमंत्री का निजी दौरा बताया जा रहा है।
धूमधाम से मनाया गया छठ पूजा, सूर्य को महिलाओं ने दिया अर्घ्यछठी मईया सभी के कष्टों को दूर करती हैं : राजेश सिन्हाटीम एबीएन, रांची। छठ महापर्व पर सूर्य नगर छठ पूजा समिति कमड़े रांची द्वारा सूर्य नगर में छठ घाट बनाकर भव्य समारोह का आयोजन किया। छठ महापर्व को लेकर सूर्य नगर में रह रहे लोगों में भारी उत्साह देखने को मिला।घाट पर बिहार के औरंगाबाद के देव मंदिर का प्रारूप तैयार किया गया। सूर्य नगर छठ पूजा समिति के अध्यक्ष राजेश सिन्हा ने कहा कि छठ मईया का पर्व है। उगते और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है।माताएं अपने बच्चों की उम्र को बढ़ाने के लिए, चर्म रोग और कई तरह के रोग से छुटकारा पाने के लिए छठ करती हैं। छठी मईया सब कष्ठ को दूर करती हैं। सूर्य नगर छठ घाट पर लगभग एक हजार से ज्यादा श्रद्धालु छठ पूजा करने के लिए पहुंचे।राजेश सिन्हा ने कहा कि सभी धर्मो के लोगों को मिलजुल कर सभी त्योहार मनाने चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि सूर्य नगर में लगातार 15 वर्षों से छठ मां की पूजा हो रही है और मैं सूर्य नगर की इस छोटी नदी के विकास के लिए पूरी तरह से वचनबद्ध हूं।लेकिन सरकार एक बार सूर्य नगर की इस छोटी सी नदी का चारों तरफ से सुंदरीकरण करा दे तो आज 1000 से ज्यादा लोगों की आस्था जुड़ी हुई है अगर यह काम जल्दी हो जाए तो ज्यादा से ज्यादा श्रद्धालु छठ मां की पूजा कर सकते हैं।सूर्य नगर के विकास के लिए हमने कई बार विधायक मंत्री और सांसदों को लिखित आवेदन देकर गुहार तक लगा चुके हैं। मगर इस कार्य को करने के लिए ना तो उनके पास टाइम है न ही फंड है और इसके साथ ही सभी छठ वर्तियों के लिए विशेष व्यवस्था दूध, फल एवं बच्चों के लिए झूला इत्यादि की भी व्यवस्था की गयी।मौके पर सूर्य नगर छठ पूजा समिति कमड़े के अध्यक्ष राजेश सिन्हा एवं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आजसू हटिया प्रभारी भरत कांशी का योगदान अहम रहा। मौके पर समाजसेवी संतोष सोनी, ललित रंगीला, अखिलेश शर्मा, रामकृत शर्मा, रामजी शर्मा, पवन कुमार, रितेश कुमार, सौरभ कुमार एवं छठ पूजा समिति, कमड़े के सभी सदस्यों का योगदान रहा।
झारखंड-बिहार में धड़ल्ले से हो रहा अवैध रेत खनन: केंद्रीय मंत्रीएबीएन न्यूज नेटवर्क, दुमका/रांची। केंद्रीय मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने आरोप लगाया कि झारखंड और बिहार में बड़े पैमाने पर अवैध रेत खनन हो रहा है। झारखंड के दुमका जिले में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री ने कहा कि झारखंड और बिहार में अवैध रेत खनन प्रकृति के लिए भी खतरा है।चौबे ने कहा, राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के कई निर्देशों के बावजूद, 2 राज्यों (झारखंड और बिहार) में अवैध खनन बड़े पैमाने पर हो रहा है। मंत्री ने कहा कि दोनों राज्यों में हत्या, बलात्कार और अन्य अपराधों की बढ़ती घटनाओं के पीछे अवैध खनन एक प्रमुख कारण है। अवैध खनन प्रकृति के लिए भी एक बड़ा खतरा है। दिल्ली में प्रदूषण को लेकर चौबे ने राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता में गिरावट के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा- दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण का प्रमुख कारण पराली जलाना और वाहनों से होने वाला प्रदूषण है। पराली सबसे ज्यादा पंजाब में जलायी जाती है।चौबे ने कहा कि केजरीवाल ने दावा किया था कि अगर पंजाब में आप की सरकार बनी तो वहां पराली जलाने की घटनाओं में कमी आयेगी। उन्होंने दावा किया कि लेकिन हुआ इसका बिल्कुल उल्टा। फिलहाल पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलायी जा रही है। हमारी रिपोर्ट के मुताबिक, दो दिन पहले ही पंजाब में 1,973 जगहों पर पराली जलायी गयी, जबकि हरियाणा में जहां भाजपा की सरकार है, वहां महज 36 जगहों पर पराली जलायी गयी। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि केंद्र वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए कई परियोजनाओं पर काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के निर्देश पर केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने शहरों में 1,000 नगर वन विकसित करने का फैसला किया है।
टीम एबीएन, रांची। हजारीबाग जिले में शुक्रवार को 2 अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में 12 वर्ष के एक लड़के सहित 3 व्यक्तियों की मौत हो गई। यह जानकारी पुलिस ने दी। उपमंडलीय पुलिस अधिकारी (बरही) नजीर अख्तर ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर बरही-कोडरमा के बीच चार पहिया वाहन से एक लड़का गलती से गिर गया और एक ट्रक ने उसे कुचल दिया। उन्होंने बताया कि उक्त लड़के की पहचान अमिताभ कुमार के रूप में की गयी है। उन्होंने बताया कि करीब 500 लोगों की गुस्सायी भीड़ ने पीड़ित परिवार को पर्याप्त मुआवजा और ट्रक चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया जिससे 2 घंटे से अधिक समय तक यातायात बाधित रहा।एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस द्वारा ट्रक के चालक और उसके खलासी को गिरफ्तार करने के बाद जाम खुलवाया गया। उन्होंने बताया कि ट्रक जब्त कर लिया गया है।उन्होंने बताया कि एक अन्य घटना में, राष्ट्रीय राजमार्ग-2 पर गोरहर पुल के पास एक तेल टैंकर और सीमेंट से लदे एक ट्रक के बीच आमने-सामने की टक्कर में दो ट्रक चालकों की मौत हो गयी। दोनों की अभी पहचान नहीं हो पायी है।
घाघरा के जवान की चाईबासा में बम विस्फोट से मौत, शहीद को दी गयी श्रद्धांजलि टीम एबीएन, गुमला। सीआरपीएफ के जवान गुमला जिला के घाघरा के तुरियाडीह निवासी संतोष उरांव की बम विस्फोट की चपेट में आने से मौत हो गयी। इसकी सूचना जैसे ही घाघरा में लोगों को मिली पूरे इलाके में मायूसी छा गया। लोग शनिवार की सुबह से ही मुख्य पथ पर इकट्ठा होकर पार्थिव शरीर को श्रद्धा सुमन अर्पित करने के लिए जुटे रहे। जिसके बाद सुबह करीब 9 बजे जैसे ही पार्थिव शरीर को लेकर पुलिस प्रशासन प्रखंड मुख्यालय होते हुए तुरियाडीह गांव जाने लगे। इस दौरान इकट्ठा हुए लोगों ने भारत माता की जय, संतोष उरांव अमर रहे का नारा लगा रहे थे। इस क्रम में मौजूद लोगों की आंखे नम थी। कुछ लोग रोते हुए भी नजर आए। प्रखंड मुख्यालय स्थित चांदनी चौक में पुष्प वर्षा कर श्रद्धांजलि देते हुए विद्यार्थी और घाघरा के प्रबुद्ध जन मौजूद थे। सड़क के दोनों ओर घाघरावासी अपने हाथ में तिरंगा झंडा लेकर कतारबद्ध खड़े थे। बता दें कि शुक्रवार को सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे सर्च आपरेशन के दौरान चाईबासा जिले के गोईलकेरा स्थित हाथीबुरु के जंगल में अचानक ही आईडी विस्फोट हो गया। जिसमें गुमला जिला के घाघरा स्थित तुरियाडीह गांव निवासी संतोष उरांव की मौत हो गयी, जो सीआरपीएफ-94 बटालियन में सैनिक के रूप में तैनात थे। उपायुक्त ने दिया एक लाख का चेक शहिद संतोष की पत्नी फुल सुंदरी देवी को जिले के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक ने एक लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने परिवार वालों से कहा कि सरकार व प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवार के साथ है। हर सरकारी सुविधा दी जायेगी, जो संतोष के परिजनों को मिलना चाहिए। संतोष चाहता था कि गांव के अन्य युवा भी पुलिस में जाये शहीद संतोष के बचपन के दोस्त सहदेव भगत ने बताया कि संतोष काफी मृदुभाषी था और हमेशा ही परिवार वालों के साथ-साथ गांव के बारे में सोचता रहता था। उसका समझ के अनुसार वह हमेशा गांव के युवाओं को देश सेवा में शामिल होने के लिए अभी से मेहनत करने की अपील भी करता रहता था। उसके मौत से पूरे गांव में पीड़ा का माहौल है।
राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से मिले रांची के विधायक सीपी सिंह, छठ पूजा की दीं शुभकामनाएं टीम एबीएन, रांची। झारखंड के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन से आज शनिवार को विधायक सीपी सिंह ने राजभवन में शिष्टाचार भेंट की एवं छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं।
झारखंड से बिहार जा रही बस में भीषण डकैतीहथियार के बल पर अपराधियों ने दिया घटना को अंजामटीम एबीएन, धनबाद। जिले से हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां धनबाद से बिहारशरीफ जा रही बुंदेला बस में भीषण डकैती हुई। हथियार के बल पर अपराधियों ने घटना को अंजाम दिया।दरअसल, धनबाद से जैसे ही नवादा शहर में बस घुसी, ठीक गया रोड स्थित साईं मंदिर के समीप बुंदेला बस में दर्जन भर के करीब हथियार से लैस नकाबपोश अपराधी चढ़ गये। बस में घुसते ही अपराधियों ने सभी को गन पॉइंट पर ले लिया और बस में बैठे सभी यात्रियों से एक-एक कर जबरन उनसे मोबाइल, बैग, पैसे एवं सोने-चांदी के गहने लूटने लगे। विरोध करने पर अपराधियों ने महिला के कान से जबरन चेन काट ली।घटना को अंजाम देकर अपराधी आसानी से खुरि नदी की तरफ भाग निकले। वहीं, घटना के बाद बस के यात्रियों ने बुंदेलखंड थाना का घेराव किया और जमकर हंगामा काटा। इतना ही नहीं बस के यात्रियों ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस को फोन किया, लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। ये भी आरोप है कि थाने में पुलिस ने सहयोग नहीं किया। फिलहाल यात्रियों ने थाने में अपराधियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।
कल सुबह से शुरू हो जायेगा व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला उपवासलक्ष्मण कुमार सावटीम एबीएन, हजारीबाग / बड़कागांव। लोक आस्था और सूर्योपासना का महापर्व छठ 17 नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू हो गया है। पहले दिन खरना का प्रसाद बनेगा। जबकि इसके अगले दो दिनों तक भगवान भास्कर को अर्घ्य दिया जायेगा। आखिरी दिन व्रती पारण करेंगे। इसके साथ ही छठ का महापर्व समाप्त हो जायेगा। चार दिनों तक चलने वाले छठ महापर्व की अपनी एक अलग महानता है। व्रत के सभी अलग-अलग दिनों का महत्व काफी खास है। कद्दू भात ग्रहण करने के बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करती हैं। छठ व्रतियां निर्जला उपवास कर पूजा-अर्चना करेंगी। वहीं लक्ष्मण कुमार बताते हैं कि छठ व्रत के दौरान सभी दिनों का अपना एक अलग महत्व होता है। छठ का व्रत अलग-अलग रूप में और कठिन होता चला जाता है। छठ व्रत की शुरुआत नहाय-खाय के साथ होता है। कार्तिक शुक्ल पक्ष चतुर्थी तिथि को छठ पर्व के पहले दिन नहाय खाय किया जाता है।छठ व्रतियां किसी भी नदी, तालाब या अन्य किसी भी जलाशय में स्नान कर इसकी शुरुआत करती हैं। इसके पहले घर की साफ सफाई कर ली जाती है। नहाय-खाय के दिन अरवा चावल, चने की दाल और कद्दू की सब्जी का प्रसाद बनाया जाता है। सेंधा नमक का इस्तेमाल किया जाता है।यह प्रसाद लोगों के बीच वितरित भी किया जाता है और यही से छठ पर्व की शुरुआत होती है।छठ पर्व के दूसरे दिन को खरना के रूप में जाना जाता है। हालांकि इसी दिन से छठ व्रती का 36 घंटे का निर्जला उपवास शुरू हो जाता है। पहले सुबह से ही व्रती अन्न जल त्याग कर भगवान भास्कर की आराधना करने लगते हैं। शाम के वक्त अरवा चावल, दूध, गुड़, खीर इत्यादि का प्रसाद बनता है तथा भगवान भास्कर को चढ़ाने के बाद व्रती अल्प प्रसाद ग्रहण करती हैं। इस दिन निर्जला उपवास की शुरुआत हो जाती है। छठ पर्व का तीसरा दिन सबसे कठिन होता है। इस दिन छठ व्रतियों के निर्जला उपवास का दूसरा दिन प्रारंभ हो जाता है और इसी दिन छठ व्रती के द्वारा पूजा के दौरान इस्तेमाल में लाया जाने वाला ठेकुआ सहित अन्य प्रसाद भी बनाया जाता है। इसी दिन शाम के वक्त लोग छठ घाट जाते हैं और डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। छठ पर्व का चौथा दिन कार्तिक मास शुक्ल पक्ष सप्तमी तिथि को होता है। इस दिन अहले सुबह भगवान भास्कर के उदीयमान स्वरूप को अर्घ्य दिया जाता है। सुबह के वक्त भी लोग छठ घाट पहुंचते हैं और उगते हुए सूर्य को अर्घ्य अर्पित करते हैं। इसके बाद छठ व्रतियों के द्वारा पारण किया जाता है तथा छठ का व्रत खोल दिया जाता है। इसी के साथ छठ पर्व का समापन भी हो जाता है।कद्दू खाने का क्या है महत्वजानकार बताते हैं कि नहाय खाय के दिन कद्दू खाने के पीछे धार्मिक मान्यताओं के साथ विज्ञानी महत्व भी है। इस दिन प्रसाद के रुप में कद्दू भात ग्रहण करने के बाद व्रती 36 घंटे का निर्जला उपवास करती हैं। कद्दू इम्युनिटी बूस्टर है जो व्रतियों को 36 घंटे के उपवास में मदद करता है। कद्दू खाने से शरीर में अनेक प्रकार के पोषक तत्व मिलते हैं। इसमें पानी की भी अच्छी खासी मात्रा पाई जाती है जो कि निर्जला उपवास में काफी मददगार होती है।(लेखक लक्ष्मण कुमार साव, नापो खुर्द, बड़कागांव, हजारीबाग के निवासी हैं)
11 हजार बिजली तार गिरने से खेत में रखा धान जलकर हुआ राख, किसान परेशानएबीएन न्यूज नेटवर्क, किस्को/लोहरदगा। जिले के किस्को प्रखण्ड क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत नवाडीह के नारी धुर्वा मोड़ के समीप खेत पर रखे धान में 11 हजार बिजली तार शॉर्ट सर्किट होकर गिरने से धान जलकर राख हो गया। इस संदर्भ में बताया गया कि मनराज लोहरा अपने खेत में धान कटवाकर रखा था और कुछ ही दूरी पर अन्य लोगों के द्वारा धान मिसने का कार्य किया जा रहा था जिसकी पुवाल उड़ कर बिजली तार के संपर्क में आया और तार में शॉर्ट सर्किट हो गया। जिससे बिजली का तार कटकर जमीन पर गिर गया और वहां पर रखा मनराज लोहार के धान में आग लग गया। इससे मनराज लोहार का धान पूरी तरह से जलकर राख हो गया। इधर, उक्त मामले पर मनराज लोहार का कहना है कि 60 से 70 हजार का मेरा धान जलकर राख हो गया।खेत से धान कटाई कराकर मिसने के लिए इकट्ठा करके रखे थे और बिजली तार कटकर गिरने से आग लग गया जिससे धान शत-प्रतिशत जलकर राख हो गया। उन्होंने बताया कि धान जलने से हमारे परिवार वालों के समक्ष विकट स्थिति उत्पन्न हो गई है। उन्होंने इसे लेकर प्रशासन से मुआवजे की मांग की है।
Subscribe to our website and get the latest updates straight to your inbox.
टीम एबीएन न्यूज़ 24 अपने सभी पाठकों और प्रेरणाश्रोतों का अभिनन्दन करता है। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद।
© 2026 ABN News 24. All Rights Reserved.