मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया प्रखंड स्थित अपने पैत्रिक गांव जिलिंगगोड़ा पहुंचे, बोले- राज्य की बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्धमुख्यमंत्री ने मीडिया प्रतिनिधियों से किया संवाद, कहा- पूर्व मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन जी ने विकास और जनकल्याण के लिए जो नीतियां और योजनाएं बनायी, उसे और प्रभावी तरीके से धरातल पर उतारेंगे मुख्यमंत्री ने कहा- झारखंड को आगे ले जाने के लिए सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और स्वास्थ्य व्यवस्था को करना होगा मजबूत मुख्यमंत्री ने औद्योगिक संस्थानों से कहा- 75 प्रतिशत नौकरी स्थानीयों को देने के लिए सरकार द्वारा बनाये गये कानून का हर हाल में करना होगा पालन एबीएन न्यूज नेटवर्क, जिलिंगगोड़ा, गम्हरिया, सरायकेला खरसावां। राज्य की बुनियादी ढांचा को मजबूत करने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल में विकास और जनकल्याण के लिए जो नीतियां और योजनाएं बनायी, उसे और प्रभावी एवं बेहतर ढंग से धरातल पर उतारने का काम करेंगे। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन आज सरायकेला-खरसावां के गम्हरिया प्रखंड स्थित अपने पैत्रिक गांव जिलिंगगोड़ा में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि झारखंड को अगर आगे ले जाना है तो यहां की सामाजिक-आर्थिक-शैक्षणिक और स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना होगा।राजधानी रांची को जाम से निजात दिलाने के लिए फ्लाईओवर बनाने का काम तेज गति से चल रहा है मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री हेमन्त जी ने सत्ता संभाली ही थी कि कोरोना जैसी वैश्विक महामारी ने झारखंड समेत पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले लिया। 2 वर्ष तो सिर्फ कोरोना से जंग में ही गुजर गये। लेकिन, अगले दो वर्षों में उन्होंने जिस तरह अपनी नीतियों और कार्य योजनाओं के माध्यम से विकास को गति दी, उससे झारखंड को अलग पहचान मिली है। उन्होंने कहा कि राजधानी रांची को जाम से निजात दिलाने के फ्लाईओवर निर्माण का कार्य तीव्र गति से हो रहा है।झारखंड को अपने खनिज संसाधनों का नहीं मिल रहा अपेक्षित लाभ मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड एक ऐसा राज्य है जो खनिज संसाधनों के मामले में काफी संपन्न है, लेकिन अफसोस इस बात का है कि इसका फायदा इस राज्य को नहीं मिल रहा है। आज भी यहां के ग्रामीण इलाकों की स्थित अच्छी नहीं है। ग्रामीण वर्षों से तरह-तरह की समस्याओं और परेशानियों को झेलते आ रहे हैं। यही वजह है कि जब हेमन्त सोरेन ने वर्ष 2019 में मुख्यमंत्री का पद संभाला तो तमाम विपरीत परिस्थितियों के बीच ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए ठोस कदम उठाए। हमारा प्रयास है कि शहरों की तरह गांवों में भी सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम हो रहा है। मुख्यमंत्री ग्राम गाड़ी योजना के माध्यम से शहर और गांवों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाई जा रही है।औद्योगिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना को करेंगे मजबूत मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सभी औद्योगिक क्षेत्रों में बिजली-पानी, सड़क समेत तमाम आधारभूत संरचनाओं को मजबूत किया जाएगा। यहां औद्योगिक समूहों को सरकार की ओर से कई रियायत तथा सुविधाएं दी जायेंगी। लेकिन तमाम कंपनियों और संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्थानीयों को 75 प्रतिशत नौकरी देनी होगी। सरकार ने इस बाबत जो कानून बनाया है, उसे हर हाल में पालन करना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को रोजगार देने के लिए सरकार समुचित कदम उठा रही है।
टीम एबीएन, रांची। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता रमाकांत महतो ने झामुमो की न्याय यात्रा पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि झामुमो का इतिहास और वर्तमान दोनों झारखंड और झारखंड वासियों के साथ अन्याय से भरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि सबसे पहले झामुमो ने झारखंड की जन भावनाओं के साथ खिलवाड़ करते हुए अलग राज्य आंदोलन के साथ अन्याय किया। आंदोलन की बोली लगायी और कांग्रेस के हाथों बेच दिया। यदि इनके मन में झारखंड को न्याय दिलाने की बात होती तो आंदोलन के साथ खिड़वाड़ नहीं करते। उन्होंने कहा कि सत्ता में आते ही झामुमो ने राज्य के जल, जंगल, जमीन के साथ अन्याय किया। पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जल, जंगल और जमीन को लूटने और लुटवाने में लग गयी। हेमंत सोरेन और उनके परिवार के लोगों ने नाम बदल-बदलकर गरीबों की जमीन लूटी। हेमंत सोरेन ने अपने नाम पर माइंस की लीज ले ली। परिजनों के नाम पर आदिवासियों के लिए आरक्षित औद्योगिक भूमि को आबंटित करा दिया। अपने प्रतिनिधि और सहयोगियों को बालू, पत्थर लूटने की छूट दे दी। हेमंत सोरेन ने सेना की जमीन को भी नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार ने राज्य के युवा, बेरोजगार, महिलाएं किसान, आदिवासी, दलित, पिछड़े सभी के साथ केवल अन्याय किया। प्रति वर्ष 5 लाख नौकरी नहीं तो बेरोजगारी भत्ता के लिए राज्य के सात लाख बेरोजगार युवा तरस रहे हैं। लाठी डंडा खाकर आंदोलन करने को मजबूर हैं। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गयी। राज्य में हजारों बहन बेटियों के साथ दुष्कर्म की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की ऋण माफी तो दूर धान खरीद के पैसे भी नहीं मिल रहे हैं। किसान पिछले चार वर्षों में कम कीमत में बिचौलियों को धान बेचने में मजबूर हुए।
टीम एबीएन, रांची। इंटरनेशनल कांफ्रेंस सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन फॉर फ्यूचर रेडी झारखंड के पहले दिन जस्ट ट्रांजिशन से संबंधित वैश्विक परिप्रेक्ष्य और बेस्ट प्रैक्टिसेज पर विमर्श के दौरान इसकी प्रासंगिकता को क्रियान्वित करने पर बल दिया गया।इस दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन टास्क फोर्स सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन (सीड) यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (यूएनडीपी) के सहयोग से हुआ। कांफ्रेंस के दौरान टास्क फोर्स के आधिकारिक वेबसाइट का शुभारंभ भी हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य सचिव एल खियांग्ते ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिबद्ध है कि सस्टेनेबल ट्रांजिशन की इस प्रक्रिया में कोई भी पीछे नहीं छूटे। इसलिए इसे समावेशी एवं सहभागी बनाया गया है। इसी क्रम में राज्य में बेहतर नीति-निर्धारण को दिशा देने के लिहाज से दुनिया के बेस्ट प्रैक्टिसेज पर चर्चा के लिये आज का दिन विशेष है। कार्बन-न्यूट्रल और जलवायु अनुकूल अर्थव्यवस्था की दिशा में बेहतर परिणाम के लिये राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय प्रयासों में कन्वर्जेन्स एप्रोच एवं व्यापक विजन बेहद महत्वपूर्ण है। कांफ्रेंस में जापान, अमेरिका, जर्मनी, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, इंडोनेशिया समेत विश्व के तीस देशों की प्रसिद्ध संस्थाओं, इंडस्ट्री लीडर्स, एनर्जी एवं सस्टनेबिलिटी एक्सपर्ट्स और सिविल सोसाइटी ने ट्रांजिशन से जुड़े नीतिगत पहलों एवं कदमों अपने अनुभव एवं विचार प्रस्तुत किये। कांफ्रेंस में एके रस्तोगी, अध्यक्ष टास्क फोर्स.सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन ;झारखंड सरकार, मनोज सिंह, संदीप नायक, एस सुरेश कुमार, डॉ संजय श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, डॉ डीके सक्सेना, आशीष तिवारी, एस राकेश कुमार, इसाबेल त्सचान ने सत्रों को संबोधित किया। एकेण् रस्तोगी ने बताया कि यह भारत में अपनी तरह का पहला वैश्विक परिदृश्य का कार्यक्रम है, जो जस्ट ट्रांजिशन की सफल रणनीतियों एवं प्रभावी कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा पेश करता है। उन्होंने आगे कहा कि यह पहल झारखंड के भावी कदमों को चिह्नित करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। इससे एनर्जी ट्रांजिशन, डीकार्बनाइजेशन, लाइवलीहुड, ग्रीन हाइड्रोजन, इन्वेस्टमेंट एवं फाइनेंस आदि प्राथमिकता क्षेत्रों से संबंधित रोडमैप को सुसंगत बनाने में मदद मिलेगी। मौके पर मनोज सिंह ने कहा कि जस्ट ट्रांजिशन के संदर्भ में दूरगामी कदम उठाने के लिहाज से झारखंड एक अग्रणी राज्य बन गया है। आज का कॉन्फ्रेंस इस व्यापक पहल की एक अहम कड़ी है। झारखंड के परिवेश के लिए अनुकूल कम कार्बन से जुड़े नवाचारों और प्रभावी रणनीतियों को अपनाना चाहिए। इजाबेल त्सचान ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित बुनियादी ढांचे, निवेश और वैकल्पिक आजीविका को बढ़ावा देने के लिए ज्ञान साझा करने पर जोर दिया। उन्होंने झारखंड में जस्ट ट्रांजिशन को और समावेशी बनाने के लिए सामुदायिक हित एवं जेंडर समानता को प्राथमिकता सूची में सर्वोपरि बताया। राज्य सरकार की पहल की सराहना करते हुए सीड के सीईओ श्री रमापति कुमार ने कहा कि सस्टेनेबल ट्रांजिशन से संबंधित विश्वव्यापी पहल के साथ झारखंड के प्रयासों को जोड़ने के लिहाज से यह कांफ्रेंस बेहद महत्वपूर्ण है। वैश्विक अनुभवों की रौशनी में क्षेत्रीय एवं स्थानीय स्तर पर ऊर्जा सुरक्षा एवं क्लाइमेट रेसिलिएंट के मॉडल तैयार किया जाना चाहिएए इसके लिए अनुकूल नीतिगत परिवेशए वित्तीय तंत्र बनाने और सेक्टोरल कन्वर्जेन्स आवश्यक है। दो दिनों तक चलने वाला यह सम्मेलन जस्ट ट्रांजिशन के बहुआयामी पहलुओं पर संवाद के लिये विविध टेक्निकल एवं ब्रेकआउट सत्रों में संचालित हुआ। जो कार्यक्रम में राज्य सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन, कृषि आदि विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने विचार रखे।इसके साथ ही स्टिचिंग सेड फंड, शक्ति सस्टेनेबल एनर्जी फाउंडेशन, जीआईजेड इंडिया, ओपन एनर्जी ट्रांजिशन जर्मनी, बेस्ट महाराष्ट्र, इंटरनेशनल काउंसिल आन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन, इंटरनेशनल एनर्जी इकोनॉमिक्स एंड फाइनेंशियल एनालिसिस क्लाइमेट ग्रुप, इंडिया क्लाइमेट कोलैबोरेटिव, क्लाइमेट पॉलिसी इंस्टीट्यूटए क्लाइमेट बॉन्ड इनिशिएटिव आदि संस्थाओं के वरीय पदाधिकारियों की भागीदारी रही।
टीम एबीएन, रांची। पुलवामा में शहीद जवानों की याद में संत जेवियर कालेज एनएसएस के छात्र-छात्राओं ने कॉलेज परिसर से कैंडल मार्च निकाला। मार्च शहीद चौक होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक तक गया। 14 फरवरी 2019 को श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सेना को ले जा रहे वाहन पर हमला हुआ था। जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे। भारत के इतिहास में 14 फरवरी ब्लैक डे के रूप में दर्ज हो गया। छात्र-छात्राओं ने शहीदों के प्रति आभार व्यक्त किया और देशभक्ति के नारे लगाये। वहीं कैंडल जलाकर शहीदों को नमन किया गया। इधर, राष्ट्रीय युवा शक्ति के तत्वावधान में आक्सीजन पार्क में पुलवामा अटैक में शहीद जवानों को श्रद्वांजलि दी गयी। श्रद्वांजलि दीये को जलाकर दी गयी। मौके पर राष्ट्रीय युवा शक्ति के अध्यक्ष उत्तम यादव, शैलेश तिवारी समेत पार्क में घूमने आये लोगों ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित किया और दो मिनट का मौन रखा गया। इस अवसर पर उत्तम यादव ने कहा कि 14 फरवरी को भारतवासी ब्लैक डे के रूप में मनाती आयी है। उन्होेंने युवा पीढ़ी से आग्रह किया कि वे सभी वेलेंटाइन डे को न मनाकर ब्लैक डे मनायें।
वादा किये हैं वादा पूरा भी करेंगेविकास का मिसाल सुभाष रवानीएबीएन न्यूज नेटवर्क, धनबाद। जिस काम को टुंडी विधायक न कर सके, उसे करके दिखलाया एक जिला परिषद ने। बात है तोपचांची प्रखंड अंतर्गत सीधाबाद ग्राम का।गांव तो है गांव में लोग भी हैं और घर भी है। लेकिन आवागमन का सुगम रास्ता नहीं था।लेकिन 2022 झारखंड त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिला परिषद चुनाव तोपचांची भाग 3 से चुनावी मैदान पर उतरा एक गांव का लड़का, जिसका न तो कोई विशेष पहचान न ही कोई पैतृक पहचानlलेकिन लोगों के बीच बार-बार जनसंपर्क कर अलग-अलग गांव में अलग-अलग चुनावी वादा के साथ अपने चुनावी अभियान को लोगों के बीच रखा तथा लोगों ने इन्हीं वादों को देखते हुए इन पर भरोसा जताया तथा चुनाव में भारी मतों से विजय पताका लहराया।साथ ही बन बैठे जिला परिषद धनबाद उपाध्यक्ष। अपने इसी चुनावी यात्रा के दौरान इन्होंने सीधाबाद बस्ती में एक वादा किया था कि अगर हम जिला परिषद का चुनाव जीत गये तो सीधाबाद गांव से बाहर निकलने का रास्ता किसी भी हालत में। मैं बनवा कर रहूंगा जिसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े। किसी भी हद तक जाना पड़े।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, साहिबगंज। जिले के डीसी रामनिवास यादव के तबादले के बाद राज्य सरकार द्वारा आइएएस अधिकारी हेमंत सती को साहिबगंज का नया डीसी बनाया गया है। उन्होंने दूरभाष पर बताया कि हमारी पहली प्राथमिकता होगी कि जिले में राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को त्वरित गति से निष्पादन हो। जन कल्याणकारी योजनाओं पर विशेष नजर रहेगी।याद हो कि आइएएस हेमंत सती पूर्व में साहिबगंज अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं। वर्तमान में गुमला डीडीसी के पद पर कार्यरत हैं। निवर्तमान डीसी रामनिवास यादव को उच्च शिक्षा विभाग का निदेशक बनाया गया।
टीम एबीएन, पलामू। जिस तरह से बेखौफ अपराधियों द्वारा मेन रोड गढ़वा के रूप अलंकार ज्वेलर्स में हथियार के बल पर लूट का घटना को अंजाम दिया गया और गोली चलाकर व्यवसायी का हत्या का प्रयास किया गया। यह कतई बर्दाश्त नहीं होगा। जिला प्रशासन व राज्य सरकार से ओबीसी एकता एवं अधिकार मंच यह मांग करती है कि अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करे और लूटी गयी सामान को बरामद कर व्यवसायी को उपलब्ध करायें।इस तरह की विधि व्यवस्था से पूरा ओबीसी समाज में आक्रोश है एवं व्यवसायी समाज जिला प्रशासन से यह मांग करता है कि इस तरह की घटना पर लगाम लगाया जाये क्योंकि व्यवसायी समाज सरकार को जीएसटी और इनकम टैक्स देता है, जिससे कि देश और राज्य की अर्थव्यवस्था चलता है।व्यवसायी समाज के दिये गये कर से ही जिला प्रशासन का वेतन व भत्ता मिलता है और वहीं व्यवसायी समाज का सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं है। पलामू प्रमंडल में लगातार व्यवसायियों का हत्या, हमला, लूट व चोरी की घटना को अंजाम दिया जा रहा है जिसका उदाहरण छतरपुर में हरिहरगंज की व्यवसायी शुभम कुमार की हत्या, छतरपुर में एक डॉक्टर के ऊपर अपराधियों के द्वारा गोली मारकर घायल करना, पंडवा प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों दुकानों में चोरी की घटना को अंजाम देना व गढ़वा में रूप अलंकार ज्वेलर्स में गोली चलाना प्रशासन और राज्य सरकार की विधि व्यवस्था के विफलता को दर्शाता है। यह ओबीसी एकता एवं अधिकार मंच कतई बर्दाश्त नहीं करेगा यदि अपराधियों को पड़कर और लूटी गई सामान को बरामद नहीं किया जाता है तो ओबीसी एकता एवं अधिकार मंच डीजीपी व मुख्यमंत्री से मिलकर राज्य में शासन व्यवस्था सवाल पर प्रश्न खड़ा करेगा व गृह मंत्री से मिलकर राज्य में शासन व्यवस्था के बारे में अवध करायेगा।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, कोल्हान। मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन बुधवार को सरायकेला-खरसांवा जिला के गम्हरिया प्रखंड स्थित अपने पैत्रिक गांव जिलिंगगोड़ा पहुंचे। वहां पहुंचने पर जिला प्रशासन के द्वारा स्वागत और गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
एबीएन न्यूज नेटवर्क, तोपचांची/ धनबाद। तोपचांची निवासी सुरज दास ने कई बिंदुओं पर तोपचांची बीडीओ सह जन सूचना अधिकारी से जानकारी मांगी है। 31 जनवरी को बीडीओ के कार्यालय में लिखित आवेदन देकर सुरज ने सूचनाएं मांगी हैं।अब देखने वाली बात है कि अपीलीय में जवाब दे पाते हैं कि नहीं। बीडीओ ने जवाब या फिर आवेदनकर्ता को प्रथम अपीलीय लगाने की नौबत आयेगी, इसे कोई तीसरे व्यक्ति ने सूचना नहीं मांगी है। अगर ऐसा कहकर बीडीओ सूचना देने में टाल मटोल करते हैं तो शिकायतकर्ता ने ठान लिया है कि फैसला प्रथम अपीलीय न्यायलय में ही होगा। सूचना में टाल मटोल करने या गलत सूचना देने पर सूचना का अधिकार अधिनियम के नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुरज दास करेंगे। हालांकि अपीलीय पेपर की प्रतिलिपि डीडीसी धनबाद को भी दे दिया गया है।
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