जयराम महतो की पार्टी ने उड़ाई राजनीतिक दलों की नींदसुदेश महतो के लिए भी बनी चुनौती, मिले भविष्य के कई संकेतटीम एबीएन, रांची। रांची, गिरिडीह और हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में चुनाव संपन्न हो चुका है। परिणाम 4 जून को आयेगा। लेकिन चुनाव के दौरान झारखंड भाषा खतियान संघर्ष समिति के उम्मीदवारों ने इन तीनों लोकसभा क्षेत्रों में जिस तरह अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है। वह भविष्य की राजनीति के लिए कई संकेत दे गया है। राज्य में स्थापित दलों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। कुर्मी वोटों के दावेदार दलों के लिए खतरे की घंटी है। आजसू, झारखंड मुक्ति मोर्चा और भाजपा के लिए जय राम महतो की पार्टी चुनौती बनकर उभरी है। गिरिडीह में जयराम महतो ने तो अपनी उपस्थिति से लड़ाई को त्रिकोणात्मक बना दिया है। सबको चौंका दिया है। यदि चुनाव परिणाम पर जयराम महतो की पार्टी ने असर डाला तो फिर विधानसभा चुनाव दिलचस्प होने वाला है। स्थापित दलों के आका नेताओं के लिए भी जयराम महतो चुनौती बनते दिख रहे हैं। कुर्मी वोटों के दावेदार की चिंता बढ़ा दी है । उनके राजनीतिक वजूद पर सवाल है।चुनाव परिणाम आने के बाद ही सही तस्वीर सामने आयेगी। लेकिन मतदान के दौरान गिरिडीह हजारीबाग और रांची लोकसभा क्षेत्र के कुर्मी बहुल इलाकों में इस पार्टी ने जिस तरह असर डाला है इससे नए राजनीतिक संकेत मिल रहे हैं। इस नयी पार्टी के साथ युवाओं की बड़ी टोली है। इसमें कुर्मी जाति के साथ-साथ अन्य जाति के युवा भी हैं। यदि युवा किसी के साथ जुड़ जाए तो उसकी ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है युवा ही आज निर्णायक स्थिति में हैं। स्थानीय नीति, बेरोजगारी युवाओं के साथ धोखा, वादा खिलाफी व नियुक्तियों में घोटाला सहित अन्य मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाकर जय राम महतो और उनकी टीम ने युवाओं को अपनी ओर आकर्षित किया है। लोकसभा चुनाव के ठीक पहले जयराम महतो और देवेंद्र महतो को पुलिस प्रशासन ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी पुराने मामले में हुई। चुनाव के ठीक पहले गिरफ्तारी का गलत संदेश युवाओं में गया। सरकार की साजिश मानकर बड़ी संख्या में लोग जय राम महतो के साथ जुड़े। उनको सहानुभूति मिली। यही वजह रही की गिरिडीह में जयराम महतो ने अपने दम पर बड़ी-बड़ी सभाएं की। झारखंड मुक्ति मोर्चा के स्थापित नेता मथुरा महतो और एनडीए उम्मीदवार सह आजसू प्रत्याशी सांसद चंद्र प्रकाश चौधरी की नींद उड़ गई। चुनाव के दौरान दोनों नेता बहुत परेशान दिखे। परेशानी की वजह जयराम महतो ही थे। मतदान के दिन गिरिडीह में जयराम महतो को अच्छा खासा वोट मिला है। वह लड़ाई के तीसरे कोण हैं। रांची में देवेंद्र महतो और हजारीबाग में संजय मेहता ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करायी है। कुर्मी बहुल इलाकों में इन दोनों नेताओं को अच्छा खासा मत मिला है। चुनाव परिणाम के बाद तस्वीर साफ होगी। लेकिन इतना तय है कि आने वाले दिनों में यह पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा, आजसू और भाजपा के लिए परेशानी पैदा करने वाली है। विधानसभा चुनाव में जयराम महतो की पार्टी गुल खिला सकती है। कुछ विधानसभा क्षेत्रों में समीकरण बिगाड़ने के लिए यह पार्टी तैयार हो गयी है। सुदेश महतो के लिए भी यह पार्टी चुनौती बनी हुई है। इस पार्टी के उभार से सबसे अधिक नुकसान आजसू और झारखंड मुक्ति मोर्चा को ही होने वाला है। एक मजबूत कुर्मी युवा नेता के उभार ने चिंता पैदा कर दी है।
रांची डीजे हत्याकांड पर भाजपा ने उठाये सवाल, सीएम से मांगा इस्तीफाटीम एबीएन, रांची। रांची के मेन रोड इलाके में स्थित बार में डीजे की गोली मारकर हत्या की वारदात ने लॉ एंड आर्डर पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस वारदात का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है, जिसमें आरोपी एक निकर पहने आधुनिक आटोमेटिक राइफल लेकर बार के अंदर घुसता है और डीजे को गोली मार देता है। इसके बाद वह बार के बाहर आकर बेखौफ अंदाज में सड़क पर करीब पंद्रह मिनट तक फायरिंग करता है, फिर आराम से अपनी कार में बैठकर निकल जाता है। वारदात रविवार रात करीब एक बजे की है। यह बार रांची में सबसे बड़े फोर स्टार होटल ह्लरेडिशन ब्लूह्व के पास स्थित है। लोग सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठा रहे हैं कि शख्स जब पंद्रह मिनट तक फायरिंग कर रहा था तो पुलिस और पीसीआर कहां थी? वह कार में आटोमेटिक राइफल लेकर घूमता रहा और उसे कहीं भी रोका नहीं गया तो पेट्रोलिंग ड्यूटी में लगाए गए पुलिसकर्मी कहां थे? सवाल यह भी उठ रहा है कि जब लोकसभा चुनाव के दौरान तमाम लाइसेंसी हथियार जमा कराए गए थे, तो यह व्यक्ति आटोमेटिक राइफल लेकर कैसे घूम रहा था? आरोपी शख्स का नाम अभिषेक सिंह बताया जा रहा है। पुलिस ने सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। आटोमेटिक राइफल भी जब्त कर ली गई है। झारखंड प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने भी इस वारदात का सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा है, ह्लझारखंड में व्यवसाय करना कितना असुरक्षित हो गया है, इसका खौफनाक उदाहरण कल फिर देखने को मिला। राजधानी रांची में एक बार के अंदर डीजे की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना ने जेसिका लाल मर्डर केस की यादें ताजा कर दी। मामूली विवाद में डीजे की हत्या करने वाले अपराधियों का दुस्साहस दिखाता है कि राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति बिल्कुल मरणासन्न हो चुकी है। झामुमो-कांग्रेस की सरकार तो पिछले साढ़े 4 सालों से अपराधियों के गोदी में बैठकर खेल रही है, उनसे कार्रवाई की उम्मीद भी नहीं की जा सकती।
हेमंत सोरेन ने जमानत के लिए खटखटाया हाई कोर्ट का दरवाजाटीम एबीएन, रांची। जमीन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद झारखंड के पूर्व सीएम हेमंत सोरेन ने अब झारखंड हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। इसके पहले 22 मई को उन्होंने ईडी की कार्रवाई और गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट की इजाजत के बाद वापस ले ली थी। इस मामले में रांची की स्पेशल पीएमएलए (प्रीवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) कोर्ट ने 13 मई को हेमंत सोरेन की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। सोरेन की ओर से दाखिल जमानत याचिका में कहा गया है कि उनके खिलाफ जिस 8.86 एकड़ जमीन पर कब्जे का आरोप लगाते हुए ईडी ने कार्रवाई की है, उससे संबंधित एक भी दस्तावेज ईडी के पास नहीं है।यह झारखंड की सीएनटी (छोटानागपुर टेनेंसी एक्ट) के तहत भुईंहरी नेचर की जमीन है, जो किसी भी हाल में किसी व्यक्ति के नाम पर ट्रांसफर नहीं किया जा सकता। याचिका में यह भी कहा गया है कि जमीन पर अवैध कब्जे में पीएमएलए के तहत शेड्यूल आॅफेंस का केस नहीं बनता। बहरहाल, सोरेन की इस याचिका पर फिलहाल सुनवाई की तारीख तय नहीं हुई है। बता दें कि इस मामले में सोरेन ने ईडी की कार्रवाई और गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 21-22 मई को सुप्रीम कोर्ट की वेकेशन बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने इस बात पर नाराजगी जतायी कि सोरेन की ओर से फाइल की गई पिटीशन में इस फैक्ट को छिपाया गया कि उनके खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी की स्पेशल कोर्ट संज्ञान ले चुकी है। इसके बाद सोरेन की ओर से अदालत में उपस्थित वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने याचिका वापस लेने की इजाजत मांगी थी। बता दें कि बड़गाईं अंचल में 8.66 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े मामले में ईडी ने विगत 31 जनवरी को हेमंत सोरेन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।ईडी ने मामले में 30 मार्च को अदालत में हेमंत सोरेन के अलावा जमीन के मूल रैयत राजकुमार पाहन, हेमंत सोरेन के करीबी विनोद कुमार, राजस्व उपनिरीक्षक भानु प्रताप प्रसाद और हिलेरियस कच्छप के खिलाफ चार्जशीट भी फाइल की है। इसमें बताया गया है कि हेमंत सोरेन ने न सिर्फ गैरकानूनी तरीके से जमीन हासिल की, बल्कि जांच शुरू होने पर साक्ष्यों को नष्ट करने की कोशिश की।
टीम एबीएन, रांची। अग्रवाल सभा के अध्यक्ष नंदकिशोर पाटोदिया, सचिव मनोज चौधरी एवं प्रवक्ता संजय सर्राफ ने बताया है कि इस वर्ष बच्चों के लिए तीन दिवसीय समर कैंप 28 से 30 मई तक महाराजा अग्रसेन भवन में आयोजित किया गया है। समर कैंप का उद्घाटन 28 मई को प्रात: 8 बजे अग्रवाल सभा के पूर्व अध्यक्ष सह रांची जिला मारवाड़ी सम्मेलन के महामंत्री विनोद कुमार जैन करेंगे। उन्होंने बताया कि विगत 21 वर्षों से अग्रवाल सभा ने बच्चों के लिए समर कैंप का लगातार आयोजन किया है। अग्रवाल सभा द्वारा एवं अग्रवाल सभा महिला समिति के सहयोग से आयोजित समर कैंप की अपनी विशेषता होती है। कक्षा 4 से 12 तक के बच्चों के लिए प्रतिदिन सुबह 8 बजे से लेकर शाम को 5 तक यह समर कैंप चलता है जिसमें दो बार नाश्ता एवं दोपहर का भोजन भी दिया जाता है। इन बच्चों को चित्रकला, संगीत, नृत्य, शतरंज, हस्तकला, पाक कला, जूडो कराटे, अभिनय, योग एवं वक्तृत्व कला की बेसिक जानकारी निपुण प्रशिक्षकों के द्वारा दी जाती है ताकि वे अपनी रुचि एवं प्रतिभा को पहचान सकें। बच्चे मौज -मस्ती करते हुए सब सीखते हैं, उनके ऊपर किसी भी प्रकार का दबाव नहीं डाला जाता। कोशिश की जाती है कि खेल-खेल में उनके अंदर अच्छे संस्कारों के बीज भी डाल दिये जायें। कक्षा 1 से 3 तक के बच्चों के लिए भी सुबह 8 बजे से 12 तक इस कैंप का आयोजन किया जाता है। इन बच्चों के लिए भी नाश्ते एवं गिफ्ट की व्यवस्था रहती है। महिला समिति की संयोजका रूपा अग्रवाल ने कहा है कि सभी अग्रवाल परिवारों को चाहिए कि वे अपने बच्चों को इस समर कैंप में जरूर भेजें जहां उन्हें सुसंस्कृत वातावरण में विभिन्न कलाओं से परिचित कराया जाता है। समर कैंप की तैयारीयां पूरी कर ली गयी है। तथा अग्रसेन भवन या महिला समिति की संयोजिका रूपा अग्रवाल (फोन 9708603305) से संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। उक्त जानकारी अग्रवाल सभा, रांची के प्रवक्ता सह मीडिया प्रभारी संजय सर्राफ ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी।
टीम एबीएन, रांची। डीएवी गांधीनगर में 15 दिवसीय विभिन्न खेलों का ग्रीष्मकालीन निशुल्क प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण शिविर में कबड्डी, खो खो, बास्केटबॉल, टेबल टेनिस, ताइकानडो, कराटे, बैडमिंटन वालीबाल, वुडबाल आदि खेलों के बालक/बालिका खिलाड़ियों को मुख्य प्रशिक्षक गोविंद झा तथा कौशल कुमार, स्वाति शिप्रा, ने सभी खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया। इस शिविर में खासकर खिलाड़ियों के फिटनेस, स्किल ट्रेंनिंग, एकाग्रता, संयम, खेलों के टेकनिक के बारे में जानकारी दी गयी। समापन समारोह के मुख्य अतिथि डीएवी स्कूल गांधीनगर के प्राचार्य एस के सिन्हा प्रमाण पत्र वितरित किए।कहा कि आज के बच्चे मोबाइल के खेल तक सीमित ना हो बल्कि मैदानी खेल को प्रायोगिकता के रूप में ट्रेंनिंग करें, ताकि मानसिकता सकारात्मकता की ओर अग्रसरित हो।ताकि अच्छा खिलाड़ी के साथ अच्छा नागरिक भी बने सके।
टीम एबीएन, रांची। श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची (औघड़ भगवान राम आश्रम, अघोर पथ, लेक रोड पश्चिम, रांची) द्वारा आज दी.26.05.2024 (दिन - रविवार) को पंछी को दाना - पंछी को पानी - जन जागरूकता अभियान के दूसरे चरण का आयोजन किया गया।कार्यक्रम को सुबह 8.30 बजे शुरू से किया गया जिसके तहत अघोर पथ (लेक रोड पश्चिम), किशोर गंज चौक एवं शिव गंज में निवास कर रहे लोगों के बीच 100 सकोरा (मट्टी का बर्तन) एवं दाना का पैकेट का वितरण किया गया।इस कार्यक्रम के माध्यम से लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया ताकी इस भीषण गर्मी में पक्षियों को पीने का पानी एवं दाना मिल सके साथ ही उनके प्राणों की रक्षा हो सके। कार्यक्रम में इन इलाकों के लोगों के बीच लगभग 100 सकोरा एवं दाना के पैकेट को वितरित कर उनसे निवेदन किया गया कि अपने घरों के छत एवं आंगन पर इसमें पानी भर कर रखें और साथ ही पक्षियों के खाने के लिए दाना भी दें।इससे पूर्व दी.23.05.2024 (गुरुवार) को श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची द्वारा मोरहाबादी स्थित ऑक्सीजन पार्क के मुख्य द्वार पर पंछी को दाना - पंछी को पानी: जन जागरूकता अभियान के पहले चरण में लोगों के बीच 200 सकोरा एवं दाना का पैकेट वितरित किया जा चुका है।कार्यक्रम में श्री सर्वेश्वरी समूह - शाखा रांची की ओर से हेमन्त नाथ शाहदेव, आशुतोष कुमार, नवल किशोर सिंह, गिरेन्द्र नाथ शाहदेव, अंजनी कुमार सिंह, कीर्तिमान नाथ शाहदेव, नागदमनी नाथ शाहदेव, अशोक प्रियदर्शी, एतवा बड़ाईक, द्वेद नाथ शाहदेव, सोमेश्वर नाथ शाहदेव, मानवेन्द्र नाथ शाहदेव, राज सहाय, बसन्त बड़ाईक, यदुनाथ शाहदेव इत्यादि शामिल हुए।
बेटी और दामाद ने दिया अर्थी को कंधा, निभाया बेटा का फर्जसंपत्ति बंटवारा को लेकर चल रही थी रस्सा-कशीटीम एबीएन, कोडरमा। युग का प्रभाव हमेशा से देखने को मिलता रहा है। कलियुग में रिश्ते दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। कुल का दीपक यदि लड़खड़ाने लगे तो बेटियां ही उसे संभालती हैं। झुमरी तिलैया में रेलवे स्टेशन के निकट एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां मां की मृत्यु होते ही लाश को घर में छोड़कर पोते और छोटा बेटा भाग खड़ा हुआ। जबकि बेटी और दामाद ने न सिर्फ अर्थी को कंधा दिया बल्कि मुखाग्नि का फर्ज भी निभाया। मामला रेलवे स्टेशन के निकट संचालित निराला होटल से जुड़ा हुआ है। इस घर की 90 वर्षीय गायत्री देवी के बडे़ पुत्र स्व. कृष्णा साहा के पुत्र यानि गायत्री देवी के दोनों पोते सागर साहा और राहुल साहा तथा छोटा बेटा पंकज साहा में प्रोपर्टी को लेकर विवाद चल रहा था।24 मई को जब गायत्री देवी का निधन हुआ तो उनकी लाश को घर में छोड़कर दोनों पोते और छोटा बेटा घर से निकल गया। एक दिन बाद गायत्री देवी की बेटी प्रीति साहा और दामाद राहुल गुप्ता ने पड़ोसियों की मदद से अर्थी को कंधा दिया और श्मशान में मुखाग्नि देने का फर्ज भी निभाया। इस मामले को लेकर कान्य कुब्ज हलवाई महासभा में रोष देखा जा रहा है। महासभा के जिला सचिव संजीव कुमार साहा ने वृद्वा की लाश को घर में छोड़कर बेटा और पोतों के भाग खडे़ होने के घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह समाज के लिए अच्छी बात नहीं है। श्राद्वकर्म की समाप्ति के बाद इस मामले पर सामाजिक स्तर वर विचार किया जाएगा।
समाज के गौरवशाली इतिहास पर ही विशेष चर्चाटीम एबीएन, कोडरमा। माहुरी वैश्य समाज के उत्थान और विकास के लिए समर्पित माहुरी वैश्य महामंडल का 111वां स्थापना दिवस झुमरी तिलैया बाईपास स्थित शिववाटिका मे बड़े ही धूमधाम से संपन्न हुआ। कार्यक्रम की शुरुवात मां मथुराशिनी के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया।जिसके बाद दीप प्रज्वलित किया गया, इसके पूर्व आरिणी भदानी के गणेश वंदना के नृत्य के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर महामंडल के सदस्यों ने समाज के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने और भविष्य की चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया। अधिवेशन में समाज के महान विभूतियों और मानिसियों का सम्मान किया गया। जिन्होंने 111वां वर्ष पहले देश की गुलामी के समय समाज को एक सूत्र में बांधकर रखने के लिए इस संगठन की नींव रखी थी।महामंडल के स्थापना दिवस का आयोजन झारखंड और बंगाल के 43 मंडलों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुआ। मुख्य अतिथि के रूप में प्रभात भदानी और सबसे पुराने मां मथुराशिनी मंदिर के संस्थापक परिवार के प्रतिनिधि सुयश भदानी को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रभात व सुयश भदानी ने कहा- समाज की एकता और विकास के लिए यह संगठन निरंतर कार्यरत है। हमें गर्व है कि हमारे पूर्वजों ने इस संगठन की स्थापना की और आज हम उनके सपनों को साकार कर रहे हैं।अधिवेशन में माहुरी समाज के गौरवशाली इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एक विशेष मंथन सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र में समाज के इतिहास की झलक प्रस्तुत की गयी और समाज के विभूतियों के योगदान को सराहा गया। इसके साथ ही समाज द्वारा किये गये कार्यों और उपलब्धियों का अवलोकन किया गया।जिसके बाद एक विशेष वीडियो लॉन्च किया गया, जिसमें समाज के इतिहास की झांकी प्रस्तुत की गयी। इस वीडियो में समाज के पूर्व में अपना समय समाज को देने वाले महान व्यक्तियों के योगदान को उजागर किया गया, जिनके प्रयासों ने समाज की उपलब्धियों को बढ़ावा दिया। इस वीडियो में समाज के सामाजिक कार्यों का भी अवलोकन किया गया, जिन्होंने समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। इसके माध्यम से समाज के सदस्यों को उनके समर्थकों की प्रतिभा और समर्थन को महत्त्वपूर्ण रूप से स्वीकारा गया, जो समाज के उन्नयन के लिए निरंतर प्रयासरत हैं।मां मथुराशिनी मंदिर, जो गया, बरबीघा, बिहार शरीफ, मिर्जागंज, और गिरिडीह में स्थित हैं, पर प्रकाश डाला गया और इन मंदिरों की महत्ता को रेखांकित किया गया। समाज के सदस्यों ने मां मथुराशिनी मंदिर के विकास और संरक्षण के लिए अपने सहयोग का वचन दिया। इसके अलावा, झुमरी तिलैया माहुरी वैश्य मंडल के धरोहर पर भी चर्चा की गयी।अधिवेशन में समाज के वर्तमान धरोहरों में से समाज चिंतक वंमाली राम भदानी का उदबोधन हुआ। वंमाली भदानी ने समाज के विकास यात्रा पर प्रकाश डालते हुए कहा, हमारे समाज ने पिछले 111 वर्षों में अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं। यह हमारे समाज की एकता और सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। अब हमें भविष्य की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार रहना होगा।इस अवसर पर समाज के वर्तमान चिंतकों ने भी अपने विचार साझा किये और समाज के विकास के लिए विभिन्न योजनाओं पर चर्चा की। अधिवेशन में समाज के युवाओं को भी प्रोत्साहित किया गया और उन्हें समाज के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया।माहुरी समाज के नवरत्न के रूप में समाज ने 5 संस्थापको और 4 दानवीर ने मिलकर संगठन की नीव रखी। इन 5 नवरत्नों और दानवीरो नेसमाज को सशक्त और सुरक्षित बनाया है। साथ ही उन्होंने शिक्षा, सामाजिक सेवा और आर्थिक सहायता के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान भी किया है। इन नवरत्नों के चित्रों पर समाज ने श्रद्धा सुमन पुष्प अर्पित किये। उनके योगदान को समाज ने 111 वर्षों तक साथ निभाने के लिए धन्यवाद दिया।माहुरी वैश्य महामंडल अध्यक्ष राजेश गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि आपातकाल के दौरान हमारा संगठन, सभा नहीं कर पाने के बावजूद, आपातकाल समाप्त होते ही हम मजबूती के साथ पुनः संगठित हुए। यह हमारे समाज की एकता और समर्पण का प्रमाण है। हमें गर्व है कि हमने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने समाज को एकजुट रखा और आज हम उसी दृढ़ता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।केंद्रीय माहुरी नवयुवक समिति अध्यक्ष संजीत तरवे ने कहा कि माहुरी वैश्य महामंडल ने उन सभी व्यक्तियों का सम्मानित दिया जाएगा जिन्होंने अपने 100 वर्षों के इतिहास में समाज के लिए योगदान दिया है। उन्होंने समाज के उत्थान में साझेदारी और सामर्थ्य का महत्व उजागर किया। वह समाज के हर व्यक्ति के योगदान की मूल्यांकन का आदर्श देते हुए समाज की सभी ऊर्जा को एक मंच पर एकत्रित करने की आवश्यकता को बल दिया। इससे समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ आकर्षित होंगे और समाज के विकास में सहयोग करेंगे।संजीत तरवे ने कहा कि माहुरी वैश्य महामंडल ने उन सभी व्यक्तियों का सम्मान किया जायेगा, जिन्होंने अपने 100 वर्षों के इतिहास में समाज के लिए योगदान दिया है। उन्होंने समाज के उत्थान में साझेदारी और सामर्थ्य का महत्व उजागर किया। वह समाज के हर व्यक्ति के योगदान की मूल्यांकन का आदर्श देते हुए समाज की सभी ऊर्जा को एक मंच पर एकत्रित करने की आवश्यकता को बल दिया।मौके पर गिरिडीह निवर्त्तमान उपमहापौर प्रकाश सेठ, महामंडल उपाध्यक्ष रवि कप्सिमे, महामंत्री उमाशंकर चरण पहाड़ी, संगठन मंत्री प्रदीप कुमार हरिमोहन कंधवे, निवर्त्तमान वार्ड पार्षद आशीष भदानी, रीता देवी, सुजीत लोहानी, विशाल भदानी, सुनील बड़गवे, प्रतिक कुमार, विशाल सेठ, साहिल भदानी, अभिषेक रंजन, उदय बड़गवे, आशुतोष भदानी, मुरारी बड़गवे, अविनाश सेठ, बिनोद भदानी, अंकित एकघरा, सागर भदानी, हिमांशु सेठ, शुभम कप्सिमे, गौतम वैष्खियार, मण्डल अध्यक्ष मुन्ना भदानी, संजय तरवे, ज्ञान कप्सिमे, सुनीता सेठ, पूर्णिमा सेठ, ललिता भदानी, पूर्णिमा सेठ, सरोज पवनचौदह,सहित सैकड़ो की संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
टीम एबीएन, रांची। सरकारी माध्यमिक विद्यालय, मधुकम (बूथ92) में आज रांची यूनिवर्सिटी कुलपति डॉ अजीत कुमार सिन्हा और उनकी धर्मपत्नी नेहरू युवा केंद्र संगठन (एनवाईकेएस) निर्देशक हनी सिन्हा ने मतदान किया।उनके साथ ही बेटा यश कुमार ने लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होकर अपना वोट दिया। तीनों ने रांची वासियों से अपील की है कि प्रत्येक मतदाता अवश्य मतदान के लिए मतदान केंद्र पर आयें और राष्ट्र के निर्माण में अपनी भूमिका निभायें।
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